- दिल्ली पुलिस ने मोस्ट वांटेड गैंगस्टर रोहित चौधरी को फर्जी पासपोर्ट के जरिए देश छोड़ने से पहले गिरफ्तार किया
- रोहित चौधरी जमानत पर बाहर आने के बाद विदेश भागने की साजिश रच रहा था, पुलिस ने उसकी योजना नाकाम की
- रोहित चौधरी दक्षिणी दिल्ली और एनसीआर में कई आपराधिक मामलों में वांछित था, उसकी गैंगवार से पुलिस परेशान थी
Rohit Chaudhary Arrested: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी के मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में शुमार रोहित चौधरी को गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है. स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर रोहित चौधरी को दिल्ली-NCR से उस वक्त दबोचा, जब वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर तैयार पासपोर्ट के जरिए देश छोड़कर भागने की फिराक में था.
जमानत पर बाहर आकर रच रहा था भागने की साजिश
कुख्यात गैंगस्टर रोहित चौधरी फर्जी दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट बनवाकर देश छोड़कर भागने की पूरी फिराक में था, लेकिन दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया. स्पेशल सेल की काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया और रोहित चौधरी को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह अपनी 'एग्जिट प्लानिंग' को अंतिम रूप दे रहा था. पुलिस को अंदेशा है कि वह विदेश में पनाह लेकर वहीं से अपने सिंडिकेट को ऑपरेट करने की तैयारी में था.
स्पेशल सेल की रडार पर था 'चौधरी'
बता दें कि रोहित चौधरी पिछले कुछ समय से जमानत पर जेल से बाहर चल रहा था. हालांकि जेल से बाहर आने के बाद से ही वह पुलिस की पैनी नजर (Surveillance) पर था. पुलिस को इनपुट मिले थे कि रोहित दिल्ली में रुकना अपने लिए असुरक्षित मान रहा है और वह फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर विदेश जाने की कोशिश में है. पुलिस की सक्रियता के चलते वह अपनी इस साजिश को अंजाम नहीं दे सका और समय रहते दबोच लिया गया.
साउथ दिल्ली में खौफ का दूसरा नाम
रोहित चौधरी का दक्षिणी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में पुराना दबदबा रहा है. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और जबरन वसूली (Extortion) जैसे दर्जनों गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. रोहित चौधरी गैंग की 'रवि गंगवाल' गैंग के साथ पुरानी और खूनी रंजिश जगजाहिर है. वर्चस्व की इस जंग में दोनों गुटों के बीच कई बार गैंगवार हुई है, जिसने दिल्ली पुलिस की सिरदर्दी बढ़ाई रखी है.
एनकाउंटर से मकोका तक का सफर
रोहित चौधरी कोई नया नाम नहीं है; उस पर संगठित अपराध को रोकने वाला सख्त कानून 'मकोका' (MCOCA) भी लगाया जा चुका है. साल 2021 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के साथ हुई एक मुठभेड़ के दौरान रोहित के पैर में गोली लगी थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रोहित एक शातिर अपराधी है जो तकनीकी तौर पर भी काफी एक्सपर्ट है, लेकिन इस बार फर्जी पासपोर्ट का उसका दांव उल्टा पड़ गया.
फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क पर पुलिस की नजर
इस गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस अब उस सिंडिकेट की तलाश में है, जिसने रोहित चौधरी को फर्जी दस्तावेज मुहैया कराए थे. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रोहित को पासपोर्ट बनवाने में किन लोगों ने मदद की और उसका विदेश में 'हैंडलर' कौन था. फिलहाल पुलिस रोहित से पूछताछ कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि वह किस देश में भागने वाला था और वहां उसके रुकने के क्या इंतजाम थे.
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