दिल्ली के अशोक विहार में 19 अगस्त को हुई करीब 75 लाख रुपये की दिनदहाड़े लूट की गुत्थी दिल्ली पुलिस ने महज 48 घंटे में सुलझा ली. इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 2 नाबालिगों को भी पकड़ा गया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 51.52 लाख रुपये नकद और लूट की रकम से खरीदे गए करीब 2.33 लाख रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
घर में अकेली महिला को बनाया था निशाना
पुलिस के अनुसार 54 वर्षीय नीरा वर्मा वारदात के समय घर में अकेली थीं. उनके पति फैक्ट्री गए हुए थे जबकि उनकी जुड़वां बेटियां कुछ ही मिनट पहले अपने कारोबार से जुड़े काम के लिए निकली थीं. इसी दौरान दो युवक उनके घर पहुंचे और पानी मांगने का बहाना बनाया. जब महिला को शक हुआ और उन्होंने गेट बंद करने की कोशिश की तो बदमाश जबरन घर में घुस गए.
आरोपियों ने महिला को चाकू दिखाकर धमकाया. उनके पैर चुन्नी से बांध दिए गए. बाद में अन्य साथी भी घर में घुस आए और महिला के हाथ-पैर तथा मुंह को टेप से बांध दिया. एक आरोपी चाकू लेकर महिला की निगरानी करता रहा जबकि बाकी बदमाशों ने घर के कमरों में रखी नकदी, दस्तावेज और अन्य सामान खंगाल लिया.
एक महीने तक की गई थी रेकी
जांच में सामने आया कि यह लूट अचानक नहीं हुई थी. आरोपियों ने करीब एक महीने तक परिवार की गतिविधियों पर नजर रखी थी. उन्होंने पहले डिलीवरी बॉय बनकर घर की जानकारी जुटाने की कोशिश की थी. वारदात से एक दिन पहले भी इलाके की रेकी की गई. पुलिस के मुताबिक कुछ आरोपी योजना को अंतिम रूप देने के लिए सावन पार्क के एक होटल में भी ठहरे थे.
दिल्ली से पंजाब तक चली पुलिस की कार्रवाई
स्पेशल स्टाफ और अशोक विहार थाना पुलिस की टीमों ने दिल्ली, गाजियाबाद और पंजाब के अमृतसर में लगातार छापेमारी की. सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया. गिरफ्तार आरोपियों में नमन शर्मा, दीपक उर्फ देव, दिनेश उर्फ बल्लू, अंश शर्मा, साहिल और आर्यन उर्फ शेरा शामिल हैं. दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है.
नाबालिग निकला साजिश का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पकड़े गए नाबालिगों में से एक इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार था. उसके खिलाफ पहले भी 2023 के भोला हत्याकांड में शामिल होने का आरोप रहा है. जांच में पीड़िता के पति से जुड़े पुराने रोजगार और बदले की भावना का एंगल भी सामने आया है. पुलिस का कहना है कि लूट की रकम का एक हिस्सा आरोपियों ने आपस में बांट लिया था. अब बची हुई रकम, अन्य चोरी का सामान और इस गिरोह से जुड़े संभावित सहयोगियों की तलाश की जा रही है.
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