राजधानी दिल्ली में बढ़ते H1N1 यानी सीजनल इन्फ्लूएंजा (स्वाइन फ्लू) के मामलों के बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई. इस बैठक में सीएम के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी मौजूद रहे. सरकार का कहना है कि इस इस साल दिल्ली में इन्फ्लूएंजा के लगभग 3000 मामले सामने आए हैं, जिनमें 2308 मामले H1N1 संक्रमण के हैं. स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि स्थिति नियंत्रण में है.
'दिल्ली में स्थिति कंट्रोल में'
बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने बताया कि दिल्ली में फिलहाल 2308 H1N1 मामले दर्ज किए गए हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की एडवाइजरी सभी अस्पतालों को भेजी जा रही है और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है. उन्होंने कहा कि घबराने की कोई बात नहीं है. हम स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं.
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ रिव्यू मीटिंग के बाद कहा, 'डॉक्टरों, स्टाफ या दवाइयों की कोई कमी नहीं है. मुख्यमंत्री ने एक इमरजेंसी रिव्यू मीटिंग बुलाई है. मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि कोई समस्या नहीं है, सब कुछ नियंत्रण में है.'
उन्होंने कहा कि यह मीटिंग दिल्ली में H1N1 और वेक्टर-जनित बीमारियों के लिए तैयारियों और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई थी. उन्होंने कहा, 'घबराने की कोई जरूरत नहीं है. मरीज आ रहे हैं, लेकिन उनका इलाज हो रहा है और वे वापस जा रहे हैं. हर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं. अगर कोई मरीज बिस्तर न मिलने की शिकायत करता है, तो अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
ICMR ने क्या कहा?
ICMR के डीजी डॉ. राजीव बहल ने बताया कि देशभर में 73 अस्पतालों में सेंटिनल सर्विलांस सिस्टम के जरिए हर सप्ताह वायरस की निगरानी की जाती है. उन्होंने कहा कि दिल्ली में इन्फ्लूएंजा A और B दोनों फैल रहे हैं. इन्फ्लूएंजा A में H1N1 प्रमुख स्ट्रेन है. H3N2 के मामले 2-3% हैं. वहीं इन्फ्लूएंजा B का विक्टोरिया स्ट्रेन भी सक्रिय है. SARS-CoV-2 (कोविड) अभी मौजूद है लेकिन घट रहा है. उन्होंने कहा कि यह नया वायरस नहीं है. डॉ. बहल ने कहा कि H1N1 वही वायरस है जो 2009 में सामने आया था. अब यह स्वाइन फ्लू नहीं बल्कि सामान्य सीजनल फ्लू बन चुका है. उन्होंने कहा कि वायरस में छोटे-छोटे म्यूटेशन होना सामान्य प्रक्रिया है और फिलहाल ऐसा कुछ नहीं मिला है जो नई चिंता पैदा करे.
क्या करें, क्या न करें?
ICMR के अनुसार 65 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं को इसका ज्यादा खतरा है. ICMR ने लोगों को कुछ सलाह भी दी है...
- बुखार या फ्लू जैसे लक्षण होने पर 2-3 दिन आराम करें.
- हाथ नियमित रूप से धोएं.
- खांसते-छींकते समय मुंह ढकें.
- चेहरे को बार-बार छूने से बचें.
- बीमार व्यक्ति से दूरी बनाए रखें.
- डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक न लें.
स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी
H1N1 के बढ़ते मामलों को देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली के स्कूलों के लिए एडवाइजरी जारी की है. स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि खांसने-छींकने की सही आदतें सिखाई जाएं, हाथ धोने को प्रोत्साहित किया जाए, क्लासरूम और कॉमन एरिया की नियमित सफाई हो, पर्याप्त वेंटिलेशन सुनिश्चित किया जाए, छात्रों और स्टाफ को साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जाए और बिना डॉक्टर की सलाह दवा लेने से बचने को कहा जाए.
इस साल दिल्ली में सामने आए इन्फ्लूएंजा के मामलों में से ज्यादातर (2,308) मामले H1N1 संक्रमण के हैं, जबकि बाकी मामले इन्फ्लूएंजा के दूसरे स्ट्रेन के हैं. H1N1 संक्रमण, जिसे आमतौर पर स्वाइन फ़्लू के नाम से जाना जाता है, में आमतौर पर बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. जिन लोगों को लगातार तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, उलझन या बिगड़ते लक्षण महसूस हों, उन्हें तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की सलाह दी जाती है.
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