दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि 23 अगस्त को शाह ऑडिटोरियम में प्रस्तावित UGC रोलबैक विरोध प्रदर्शन को किसी तरह की अनुमति नहीं दी गई है. सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे पूरी तरह से भ्रामक हैं. पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम या उससे जुड़े किसी प्रदर्शन को आधिकारिक मंजूरी प्राप्त नहीं है. यहां पर धारा-163 पहले से लागू है, जहां किसी भी तरह के जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगी हुई है. बता दें कि 23 अगस्त को यूजीसी रोलबैक प्रदर्शन का ऐलान किया गया था. लेकिन फिलहाल दिल्ली पुलिस ने इस मामले में पूरा स्पष्टीकरण दे दिया है.
नॉर्थ दिल्ली में धारा-163 लागू
नॉर्थ दिल्ली में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने उत्तरी जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है, जो पहले धारा-144 थी. इस आदेश के तहत पूरे उत्तरी दिल्ली क्षेत्र में किसी भी तरह के विरोध मार्च, जुलूस, धरने या पांच या उससे अधिक लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. यानि यहां किसी भी तरह का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता है.
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पुलिस प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले या बिना अनुमति भीड़ जुटाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. इसके अलावा सोशल मीडिया पर इस आंदोलन को लेकर भ्रामक खबरें या फेक न्यूज फैलाने वाले तत्वों पर भी पुलिस की साइबर सेल पैनी नजर रख रही है.
UGC रोलबैक को लेकर प्रस्तावित आंदोलन
दरअसल, 23 अगस्त को UGC रोलबैक की मांग को लेकर प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी, जिसमें विभिन्न राज्यों से लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी. इसी संदर्भ में पुलिस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है. जहां प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी गई है. वहीं फिलहाल पुलिस ने शाह ऑडिटोरियम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा कड़ा कर दिया है.
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