दिल्ली मेट्रो ने 17 सितंबर को यात्रियों की संख्या का नया रिकॉर्ड बना दिया. गुरुवार को 82 लाख 44 हजार 903 यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया. यह दिल्ली मेट्रो के इतिहास में एक दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी यात्री संख्या है. इससे पहले करीब 82 लाख 40 हजार यात्रियों का रिकॉर्ड दर्ज था.
कई देशों की आबादी के बराबर पहुंचे यात्री
दिल्ली मेट्रो का यह आंकड़ा कई छोटे देशों की कुल आबादी के बराबर माना जा रहा है. पिछले साल रक्षाबंधन के मौके पर 81 लाख 87 हजार यात्रियों ने मेट्रो में सफर किया था. इस बार वह रिकॉर्ड भी टूट गया. लगातार बढ़ती यात्री संख्या दिल्ली मेट्रो पर लोगों की बढ़ती निर्भरता को दिखाती है.
आखिर गुरुवार को क्या हुआ?
रिकॉर्ड बनने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठा कि आखिर गुरुवार को यात्रियों की संख्या में इतना बड़ा उछाल क्यों आया. दिलचस्प बात यह है कि उस दिन विश्वकर्मा दिवस था और कई जगह छुट्टी का माहौल था. सड़कों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में ट्रैफिक कम दिखाई दिया.
डीटीसी हड़ताल का दिखा सीधा असर
जानकारों के अनुसार इस रिकॉर्ड के पीछे डीटीसी बस कर्मचारियों की हड़ताल सबसे बड़ी वजह रही. हड़ताल के कारण हजारों यात्रियों को बसों के बजाय मेट्रो का सहारा लेना पड़ा. आम तौर पर डीटीसी बसों में रोजाना 30 से 40 लाख लोग सफर करते हैं. बस सेवाएं प्रभावित होने से बड़ी संख्या में यात्री मेट्रो की ओर मुड़ गए.
वेतन बढ़ाने की मांग पर कर्मचारी हड़ताल पर
डीटीसी के अनुबंध पर काम करने वाले ड्राइवर और कंडक्टर एक दिन की हड़ताल पर चले गए थे. कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें वर्तमान में 862 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाता है जबकि वे 2000 रुपये प्रतिदिन वेतन की मांग कर रहे हैं. हड़ताल के चलते कई रूटों पर बसों का संचालन प्रभावित रहा. बस सेवाओं में आई रुकावट का सबसे ज्यादा फायदा दिल्ली मेट्रो को मिला. बड़ी संख्या में यात्रियों ने मेट्रो का विकल्प चुना और इसी के साथ दिल्ली मेट्रो ने एक दिन में सबसे ज्यादा यात्रियों को सफर कराने का नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया.
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