- 17 अगस्त को नारायणा विहार इलाके में मिला था युवक का शव
- पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों को किया गिरफ्तार
- अभी तक पुलिस शव की शिनाख्त नहीं कर पाई है, जांच जारी है
राजधानी दिल्ली में हत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया है. पुलिस ने हत्या के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन जिस शख्स की हत्या हुई उसकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है. मृतक कौन था, कहां रहता था और उसका नाम क्या था? इन सवालों का जवाब पुलिस तलाश रही है. पुलिस के पास फिलहाल उसकी पहचान का सबसे बड़ा सुराग उसके हाथ पर बना एक टैटू है, जिसमें दिल के आकार के अंदर आनंद और रेनू नाम लिखे हुए हैं.
मामला 17 अगस्त का है. पुलिस को पश्चिमी दिल्ली के नारायणा विहार इलाके में एक युवक की शव मिलने की सूचना मिली थी. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो एक करीब 30-32 साल के शख्स का शव सड़क किनारे पड़ा मिला. शव पर कपड़े नहीं थे और उसके पास ऐसा कोई सामान नहीं था, जिससे उसकी पहचान हो सके. न मोबाइल मिला, न बटुआ और न ही कोई पहचान पत्र. उसके सिर के दाहिने हिस्से में गहरी चोट थी और शरीर पर भी चोट के कई निशान थे. मौके पर पहुंची फॉरेंसिक और क्राइम टीम ने घटनास्थल की जांच की. पुलिस को वहां खून के निशान, ईंटों के टुकड़े और मिट्टी के घड़े जैसी वस्तु के टूटे हुए हिस्से मिले. पुलिस को शक था कि इन्हीं चीजों से हमला किया गया होगा. शव को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल भेजा गया और नारायणा थाने में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई.
500 सीसीटीवी फुटेज खंगाले
सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि पुलिस के पास मृतक की पहचान तक नहीं थी. ऐसे में जांच टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगालना शुरू किया. पुलिस ने घटनास्थल के आसपास और उससे जुड़े रास्तों की करीब 500 सीसीटीवी फुटेज की जांच की. कई कैमरों की फुटेज को जोड़कर पुलिस ने एक संदिग्ध वाहन का रास्ता पता किया. आखिरकार जांच के दौरान एक मारूती ईको गाड़ी पुलिस के हाथ लगी. पुलिस ने गाड़ी के ड्राइवर राजिंदर कुमार उर्फ अन्नू, उम्र 59 साल, को पकड़ लिया.
राजिंदर ने पुलिस को क्या बताया?
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में राजिंदर ने बताया कि उसने गुरुग्राम के IFFCO चौक से युवक और एक अन्य व्यक्ति को अपनी गाड़ी में बैठाया था. बताया जा रहा है कि दोनों को दिल्ली की तरफ जाना था.पुलिस के मुताबिक रास्ते में किराए को लेकर विवाद हो गया. किराया करीब 1,000 से 1,500 रुपये के बीच बताया जा रहा है. आरोप है कि युवक (मृतक) ने किराया देने से इनकार किया, जिसके बाद राजिंदर और उसके बीच विवाद बढ़ गया. पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान राजिंदर ने ईंट और मिट्टी के घड़े जैसी वस्तु से उस व्यक्ति पर हमला कर दिया. हमले में उसे गंभीर चोट लगी और उसकी मौत हो गई. इसके बाद मामले को छिपाने के लिए राजिंदर ने कथित तौर पर अपनी पत्नी कामिनी मुखर्जी, उम्र 50 साल, और 28 साल के बेटे लक्ष मुखर्जी को मौके पर बुलाया. पुलिस के मुताबिक तीनों ने मिलकर मृतक के कपड़े और वारदात में इस्तेमाल बताई जा रही गाड़ी को छिपाने की कोशिश की और शव को दिल्ली के नारायणा विहार इलाके में फेंक दिया.
पुलिस ने तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. जांच के दौरान मृतक के कपड़े जंगल से बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि मृतक के पास कोई मोबाइल फोन, बटुआ या नकदी नहीं थी. हालांकि, पुलिस इन दावों को वेरिफाई करने में लगी है. इस पूरी जांच में सबसे बड़ा सवाल अब भी यही है कि आखिर मृतक कौन है? पुलिस को उसके हाथ पर बने टैटू से एक अहम सुराग मिला है. उसके बाएं हाथ पर दिल के आकार का टैटू है, जिसमें ANAND और RENU नाम लिखे हुए हैं. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये दोनों नाम मृतक के परिवार, दोस्त या किसी करीबी व्यक्ति से जुड़े हैं या नहीं.
कौन था वो दूसरा व्यक्ति?
जांच में पुलिस को एक और महत्वपूर्ण सुराग मिला है. पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले युवक एक दूसरे व्यक्ति के साथ यात्रा कर रहा था. आरोपी ड्राइवर ने उस दूसरे व्यक्ति को सफदरजंग एन्क्लेव के पास उतारा था. पुलिस के अनुसार, युवक ने अपनी मंजिल का पूरा पता नहीं बताया था. ड्राइवर और युवक के बीच किराए को लेकर विवाद भी इसी दौरान हुआ. अब पुलिस उस दूसरे व्यक्ति की तलाश कर रही है, जो मृतक के साथ गाड़ी में मौजूद था। पुलिस को उम्मीद है कि अगर वह व्यक्ति मिल जाता है तो मृतक की पहचान का रास्ता साफ हो सकता है. सीसीटीवी फुटेज के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह व्यक्ति कौन था और उसे कहां उतारा गया था.
युवक की पहचान में जुटी पुलिस
पुलिस ने मृतक की तस्वीरें आसपास के राज्यों को भी भेजी हैं. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत दूसरे राज्यों में भी उसकी पहचान कराने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा पुलिस ZIPNet जैसे डेटाबेस की मदद से दिल्ली और दूसरे राज्यों में दर्ज गुमशुदगी की शिकायतों से मृतक का मिलान कर रही है. इस मामले की खास बात यह है कि आमतौर पर पुलिस पहले मृतक की पहचान करती है और फिर हत्या की जांच आगे बढ़ाती है. लेकिन इस मामले में पुलिस ने सीसीटीवी और तकनीकी जांच के जरिए कथित आरोपियों तक पहुंच बनाई और उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया, जबकि मृतक की पहचान अभी तक पहेली बनी हुई है.
पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां
फिलहाल, पुलिस के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं. पहली मृतक की पहचान करना और दूसरी हत्या की पूरी वजह और घटनाक्रम को पुख्ता सबूतों के साथ साबित करना. हाथ पर बने ANAND और RENU नाम वाले टैटू और मृतक के साथ सफर कर रहे दूसरे व्यक्ति की तलाश को जांच में सबसे अहम कड़ी माना जा रहा है. मृतक की पहचान होने के बाद ही इस रहस्यमयी हत्या की पूरी कहानी सामने आने की उम्मीद है.
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