क्रिप्टोकरेंसी और गोल्ड में निवेश को लेकर हैं कन्फ्यूजन, जानिए किसमें इन्वेस्ट दे सकता है ज्यादा फायदा?

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर कन्फ्यूजन बनी रहती है और ज्यादातर लोग गोल्ड में निवेश की योजना बनाते हैं. जानें आप के लिए क्या है फायदेमंद....

क्रिप्टोकरेंसी और गोल्ड में निवेश को लेकर हैं कन्फ्यूजन, जानिए किसमें इन्वेस्ट दे सकता है ज्यादा फायदा?

क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग अब आम बात हो गई है.

खास बातें

  • यदि आप जनवरी में Bitcoin में निवेश करते तो आपको 30 प्रतिशत रिटर्न मिलता
  • Dogecoin ने भी जनवरी की तुलना में दिया है 100 प्रतिशत का रिटर्न
  • जनवरी 2021 की तुलना में सोने के भाव में मामूली बढ़तोरी हुई है

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर कन्फ्यूजन बनी रहती है और ज्यादातर लोग गोल्ड में निवेश की योजना बनाते हैं. हां ये सच है कि क्रिप्टो के भविष्य को निर्धारित नहीं किया जा सकता, लेकिन गोल्ड के अलावा इसमें निवेश करना भी फायदेमंद हो सकता है. क्रिप्टोकरेंसी ट्रेडिंग अब आम बात हो गई है. इस अस्थिर बाजार में निवेशकों की भीड़ बढ़ती जा रही है, जबकि हम यह भी जानते हैं कि क्रिप्टो बाज़ार के भविष्य की भविष्यवाणी करना बेहद मुश्किल है. बिटकॉइन (Bitcoin) और इथेरियम (Ethereum) के साथ-साथ मीम करेंसी डॉजकॉइन (Dogecoin) ने इस साल जबरदस्त बढ़ोतरी देखी, लेकिन हाल ही में मार्केट क्रैश हुआ और सभी क्रिप्टोकरेंसी अपने आधे दाम पर आ गई.

यही इस बाज़ार की खासियत है. यहां आप रातो-रात अमीर भी बन सकते हैं या आपके साथ इसका विपरीत भी हो सकता है. यही कारण है कि अभी भी बहुत से ऐसे लोग हैं, जो क्रिप्टोकरेंसी के लंबे और उज्वल भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं हैं और इसके बजाय वे सोने पर निवेश करना बेहतर समझते हैं. सोना मुद्रा अवमूल्यन (डीवैल्युएशन) और अस्थिरता के खिलाफ एक पारंपरिक बचाव है. तो, ऐसे में बेहतर निवेश क्या है? दूसरे शब्दों में, आइए देखें कि इनमें से कौन सी संपत्ति आज आपको अमीर बनाती अगर आपने इस साल की शुरुआत में निवेश किया होता.

Bitcoin, पिछले पूरे साल "डिज़िटल गोल्ड" के रूप में जाना गया, क्योंकि COVID-19 महामारी के दौरान जब पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था डामाडोल थी, तब यह डिज़िटल करेंसी अपने चरम पर थी. इस क्रिप्टोकरेंसी ने 2021 की शुरुआत में लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर की मार्केट कैप प्राप्त की और प्रतिद्वंद्वी के रूप में इसकी तुलना सीधा सोने से होने लगी. लेकिन फिर, बाजार क्रैश हो गया और इस साल मई में इसकी कीमत दो महीने पुरानी कीमत पर आ गई.

CoinMarketCap के मुताबिक, इस साल 1 जनवरी को भारत में बिटकॉइन की कीमत (Bitcoin price in India) 29,300 डॉलर (21.38 लाख रुपये) से कुछ ज्यादा थी. इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक, यह लगभग 37,600 डॉलर (27.44 लाख रुपये) पर कारोबार कर रहा था, जो बाजार में गिरावट के बावजूद लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि थी.

वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 जून को सोने का भाव 1,904.36 डॉलर (करीब 1.39 लाख रुपये) प्रति आउंस (31 ग्राम) था. मंगलवार (1 जून) को सोने की कीमत 8 जनवरी के बाद के अपने उच्चतम स्तर 1,916.40 डॉलर (करीब 1.39 लाख रुपये) पर पहुंच गई थी. Goldprice.org के अनुसार, 1 जनवरी से 4 जून के बीच, सोने की कीमत लगभग 1,893.66 डॉलर (करीब 1.38 लाख रुपये) प्रति आउंस पर स्थिर थी.

यदि आपने 1 जनवरी को दोनों में से प्रत्येक में 10,000 रुपये का निवेश किया होता, तो आपका बिटकॉइन निवेश आज 30 प्रतिशत बढ़कर 13,000 रुपये हो जाता, लेकिन सोने में आपका निवेश काफी हद तक उतना ही रहता.


इसे और मज़ेदार बनाने के लिए इस तरह देखते हैं. यदि आपने 1 जनवरी को मीम करेंसी डॉजकॉइन में 10,000 रुपये का निवेश किया होता, तो आज, 4 जून को आपका निवेश 100 गुना बढ़ गया होता. CoinMarketCap के अनुसार, भारत में डॉजकॉइन की कीमत (Dogecoin price in India) 1 जनवरी को $0.004 (लगभग 0.30 रुपये) से बढ़कर 4 जून को 0.39 डॉलर (लगभग 28 रुपये) हो गई.

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हालांकि, Cryptocurrency बाजार में हालिया अस्थिरता से पता चलता है कि बिटकॉइन और डॉजकॉइन चाहे कितना भी रिटर्न दें, लेकिन सोना क्रिप्टोकरेंसी से ज्यादा स्थिर है और इसलिए इसे लोग सुरक्षित निवेश मानते हैं. हालांकि इस मुद्दे पर होने वाली बहस का परिणाम निकलना मुश्कित है.