झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. पति की मारपीट के डर से सुरक्षा की गुहार लगाने थाने पहुंची एक महिला के साथ थाने के ही वायरलेस ऑपरेटर पर दुष्कर्म करने का आरोप लगा है. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी जवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. वहीं, मामले में कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है.
पति से विवाद के बाद सुरक्षा मांगने थाने पहुंची थी महिला
मामला 29 अक्टूबर की शाम का है. पीड़िता का अपने पति के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था. महिला को आशंका थी कि रात में उसका पति उसके साथ मारपीट कर सकता है. इसी डर से वह घर छोड़कर पड़ोस के एक घर में चली गई. वहां उसने एक महिला को अपनी परेशानी बताई और पुलिस को सूचना देने का अनुरोध किया. इसके बाद गम्हरिया पीसीआर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को अपने साथ लेकर रात करीब 12 बजे गम्हरिया थाने पहुंची.
थाने के कमरे में वायरलेस ऑपरेटर पर दुष्कर्म का आरोप
पीड़िता के मुताबिक, थाने पहुंचने के बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी ने उसे आराम करने के लिए बगल के एक कमरे में भेज दिया. आरोप है कि इसी दौरान थाने में पदस्थापित वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा कमरे में पहुंचा और महिला के साथ दुष्कर्म किया. अगले दिन 30 अक्टूबर को पीड़िता ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. इसके आधार पर गम्हरिया थाना कांड संख्या 86/26, दिनांक 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2)(a) और 68 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.

आरोपी वायरलेस ऑपरेटर गिरफ्तार, फॉरेंसिक जांच की तैयारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सरायकेला एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की. टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा (सिपाही संख्या-410) को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. पुलिस ने आरोपी के कमरे से उसके पहने हुए कपड़े भी जब्त किए हैं. इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है.
इंस्पेक्टर और दो सब इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी निलंबित
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने विभागीय कार्रवाई भी की है. ड्यूटी के दौरान घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने के आरोप में थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. सरायकेला एसडीपीओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है.
निलंबित पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर संजय प्रसाद, सब इंस्पेक्टर अनिरुद्ध सिंह, सब इंस्पेक्टर मनोज साहू, सिपाही संतोष राय और हवलदार मुनेश्वर कुमार शामिल हैं. सभी को निलंबन अवधि के दौरान सामान्य जीवन-यापन भत्ता देने का निर्देश देते हुए पुलिस केंद्र, सरायकेला वापस कर दिया गया है.
घटना को लेकर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि जब थाने के भीतर ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने इस घटना को गंभीर बताते हुए सरकार से जवाब मांगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
इसे भी पढ़ें: सूरत में 8 साल की बच्ची से हैवानियत, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने अब तक क्या बताया है?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं