उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. (फाइल फोटो)
- एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष हरजीत सिंह भट्टी ने लिखा था खत
- धमकी भरा फोन आने के बाद सदमें में डॉक्टर भट्टी का पूरा परिवार
- उन्होंने मामले की शिकायत हौज खास पुलिस थाने में कराई
नई दिल्ली:
एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष हरजीत सिंह भट्टी द्वारा बेहतर स्वास्थ्य सेवा की मांग को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खुला पत्र लिखने के लगभग एक महीने बाद उन्हें फोन पर जान से मारने की धमकी दी गई है. भट्टी के मुताबिक, फोन करने वाले ने उन्हें आदित्यनाथ के खिलाफ लिखने पर जान से मारने की धमकी दी है. उन्होंने हौज खास पुलिस थाने में इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है.
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डरे-सहमे भाटी ने बताया, मुझे यह कॉल कल (शनिवार) शाम को आया था. कॉल करते ही उसने सीधे तौर पर मुझे अपमानित करना शुरू कर दिया. फोन करने वाले ने मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को जान से मारने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दी. उन्होंने कहा, उसने (कॉलर) खुद को एक कट्टरपंथी हिंदू बताया और कहा कि वह योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता है.
VIDEO: गोरखपुर: डॉ. कफील खान की बर्खास्तगी के विरोध में एम्स
आरडीए की ओर से भट्टी ने गोरखपुर त्रासदी के बाद अगस्त के अंत में खुला पत्र लिखा था, जिसमें ऑक्सीजन की आपूर्ति और एन्सेफलाइटिस की कथित कमी के कारण 60 से अधिक बच्चे मारे गए थे. भट्टी ने कहा, मैं हमेशा स्वास्थ्य देखभाल की बेहतरी की मांग करता हूं और राजनेताओं से अनुरोध करता हूं कि वे गाय, धर्म या जाति के नाम पर घृणा फैलाना बंद करें. उनकी अपमानजनक भाषा इतनी भयावह है कि मेरा पूरा परिवार डर के साये में है.
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डरे-सहमे भाटी ने बताया, मुझे यह कॉल कल (शनिवार) शाम को आया था. कॉल करते ही उसने सीधे तौर पर मुझे अपमानित करना शुरू कर दिया. फोन करने वाले ने मुझे और मेरे परिवार के सदस्यों को जान से मारने और उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दी. उन्होंने कहा, उसने (कॉलर) खुद को एक कट्टरपंथी हिंदू बताया और कहा कि वह योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कुछ नहीं सुन सकता है.
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आरडीए की ओर से भट्टी ने गोरखपुर त्रासदी के बाद अगस्त के अंत में खुला पत्र लिखा था, जिसमें ऑक्सीजन की आपूर्ति और एन्सेफलाइटिस की कथित कमी के कारण 60 से अधिक बच्चे मारे गए थे. भट्टी ने कहा, मैं हमेशा स्वास्थ्य देखभाल की बेहतरी की मांग करता हूं और राजनेताओं से अनुरोध करता हूं कि वे गाय, धर्म या जाति के नाम पर घृणा फैलाना बंद करें. उनकी अपमानजनक भाषा इतनी भयावह है कि मेरा पूरा परिवार डर के साये में है.
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Yogi Adityanath