निवेश के नाम धोखाधड़ी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

इस मामले में पुलिस ने 44 साल के देवेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया है, एक नाबालिग भी पकड़ा गया है जबकि देवेंद्र की पत्नी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

निवेश के नाम धोखाधड़ी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

जांच के बाद आरोपी देवेंद्र चौधरी की पहचान हुई.

नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट ने निवेश के नाम धोखाधड़ी करने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो छाबड़ा, बारां, राजस्थान से चल रहा था. इस मामले में पुलिस ने 44 साल के देवेंद्र चौधरी को गिरफ्तार किया है, एक नाबालिग भी पकड़ा गया है जबकि देवेंद्र की पत्नी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है.


साइबर सेल के डीसीपी केपीएस मल्होत्रा के मुताबिक एक शिकायत प्राप्त हुई थी जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि इंस्टाग्राम पर सर्फिंग करते समय, वह 'Profit_mania' नाम से एक इंस्टाग्राम पेज पर आया, जिसमें लोगों के साथ बाइनरी ट्रेडिंग करने के स्क्रीनशॉट दिखाए गए थे. उसने उस पेज के मालिक से बात की जिसने अपना परिचय दीपक साहू के रूप में दिया और उसे कुछ ही समय में तीन गुना पैसा बनाने के बहाने निवेश करने के लिए प्रेरित किया. पीड़ित ने देवेंद्र के नाम से क्यूआर कोड स्कैन किया, उसे इंस्टाग्राम पर भेजा. उसके बाद, इंस्टाग्राम पेज के मालिक ने उसके संदेशों का जवाब देना बंद कर दिया और उसने पाया कि उसके साथ धोखा हुआ है. इस शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. 

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जांच के बाद आरोपी देवेंद्र चौधरी की पहचान हुई, उसके बैंक खाते में 12 लाख रुपये से अधिक जमा पाये गए जो ठगी के पैसे थे. जिस इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिये ठगी हुई वो एक नाबालिग का था. वो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- इंस्टाग्राम पर लोगों के साथ चैट करता था और निवेश के नाम पर भुगतान स्वीकार करने के लिए अलग-अलग यूपीआई आईडी या क्यूआर कोड साझा करता था. नाबालिग को भी पुलिस ने पकड़ लिया है. इस धोखाधड़ी के अन्य पीड़ितों की भी पहचान की जा रही है. यह आजकल सबसे आम तौर-तरीकों में से एक बन गया है और भारत के विभिन्न हिस्सों से कई धोखेबाज काम कर रहे हैं.