- NIA ने हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े नार्को-टेरर आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से भारत लाकर गिरफ्तार किया
- शेरा पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाने और हवाला के जरिए आतंकियों तक पैसे पहुंचाने वाले नेटवर्क का मुख्य चेहरा था
- शेरा अमृतसर का रहने वाला है जो 2020 में फरार होकर पुर्तगाल में छिपा हुआ था और उसका गैर-जमानती वारंट जारी था
भारत की सबसे बड़ी जांच एजेंसी NIA को एक बड़ी कामयाबी मिली है. हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े वांछित नार्को-टेरर आरोपी इकबाल सिंह उर्फ शेरा को पुर्तगाल से भारत लाया गया है. बुधवार को लंबी कानूनी और कूटनीतिक प्रक्रिया के बाद उसका एक्सट्राडिशन सफल हुआ और जैसे ही वह दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, NIA की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
NIA के मुताबिक शेरा पाकिस्तान से चल रहे ड्रग्स और आतंक के नेटवर्क का बड़ा चेहरा था. जांच एजेंसी का कहना है कि वह भारत में बैठे अपने नेटवर्क के जरिए पाकिस्तान से हेरोइन मंगवाता था और उसी पैसे को हवाला के जरिए आतंकियों तक पहुंचाया जाता था. एजेंसी का दावा है कि यह पैसा जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने में इस्तेमाल होता था.
2020 में भारत से हो गया था फरार
NIA के अनुसार इकबाल सिंह उर्फ शेरा पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है. साल 2020 में केस दर्ज होने के बाद वह भारत छोड़कर फरार हो गया था और बाद में पुर्तगाल में जाकर छिपा बैठा. उसके खिलाफ अक्टूबर 2020 में गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था. इसके बाद जून 2021 में इंटरपोल नोटिस भी जारी किया गया था ताकि दुनिया के किसी भी देश में उसकी पहचान और गिरफ्तारी हो सके. सरकार की कूटनीतिक कोशिशों के बाद आखिरकार पुर्तगाल से उसका प्रत्यर्पण संभव हो पाया.
गुर्गों के जरिए करता था ड्रग्स सप्लाई
NIA की जांच में सामने आया है कि शेरा पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी का पूरा नेटवर्क संभालता था. वह पंजाब में अपने गुर्गों और साथियों के जरिए ड्रग्स की सप्लाई करवाता था. इसके बाद ड्रग्स बेचकर जो पैसा आता था, उसे हवाला चैनलों के जरिए पाकिस्तान और कश्मीर में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों तक पहुंचाया जाता था. जांच एजेंसी का कहना है कि शेरा ने पंजाब में एक पूरा गैंग तैयार कर रखा था. यह गैंग बड़ी मात्रा में हेरोइन की तस्करी, पैसों की वसूली और हवाला ट्रांसफर का काम करता था. NIA के मुताबिक उसके पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों से सीधे संबंध थे.
करीब 32 लाख रुपये की नार्को-टेरर फंडिंग बरामद
यह मामला सबसे पहले पंजाब पुलिस ने दर्ज किया था. जांच की शुरुआत हिजबुल मुजाहिदीन के ओवरग्राउंड वर्कर हिलाल अहमद शेरगोजरी की गिरफ्तारी के बाद हुई थी. पुलिस ने उसके पास से करीब 29 लाख रुपये की ड्रग्स से कमाई गई रकम बरामद की थी. हिलाल को मारे जा चुके आतंकी कमांडर Riyaz Ahmed Naikoo का करीबी बताया गया था. बाद की जांच में पंजाब में मौजूद इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों से भी करीब 32 लाख रुपये की नार्को-टेरर फंडिंग बरामद हुई थी.
बाद में यह केस NIA ने अपने हाथ में ले लिया था. एजेंसी लगातार इस नेटवर्क को तोड़ने और शेरा को भारत लाने की कोशिश कर रही थी. अब उसके भारत आने के बाद NIA उससे पूछताछ करेगी. माना जा रहा है कि पूछताछ में पाकिस्तान स्थित आतंकियों, ड्रग्स सप्लायरों, हवाला नेटवर्क और भारत में सक्रिय मददगारों को लेकर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं. जांच एजेंसी का मानना है कि शेरा की गिरफ्तारी पाकिस्तान समर्थित नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता है और इससे सीमा पार से चल रहे ड्रग्स और आतंक के गठजोड़ पर बड़ा असर पड़ सकता है.
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