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This Article is From Mar 27, 2025

मुस्कान और साहिल को मेरठ जेल में क्या काम मिला, सुबह-सुबह क्या करते हैं? जानिए पूरा रूटीन

Sahil Muskan Jail Life: साहिल और मुस्कान से अब तक इनके परिवार का कोई भी मेंबर मिलने नहीं आया. मुस्कान के मम्मी-पापा ने तो साफ कह दिया कि वो उसकी कोई मदद नहीं करेंगे. इसीलिए मुस्कान ने पहले सरकारी वकील की मांग की, और अब साहिल ने भी जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर सरकारी वकील मांगा है.

Sahil Muskan Jail Life: मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. एक पत्नी ने अपने पति को बेरहमी से मार डाला और प्रेमी के साथ मिलकर शव के टुकड़े करके एक ड्रम में सील कर दिया. लेकिन अब सवाल ये है कि जेल की सलाखों के पीछे इन दोनों हत्यारों की जिंदगी कैसी है? सुबह उठकर क्या करते हैं साहिल और मुस्कान? जेल में कब निकलते हैं बाहर और क्या है इनकी नई डिमांड? साहिल और मुस्कान को जेल में कहां रखा गया है? 

साहिल और मुस्कान को जेल के अंदर बने नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया गया है. दोनों नशे के आदी हैं. जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि साहिल और मुस्कान को नशे की लत की वजह से बेचैनी हो रही है. इसीलिए इनकी काउंसलिंग शुरू की गई है. साइकोलॉजिस्ट नियमित तौर पर इनसे मिलते हैं, और इन्हें योग और ध्यान कराया जा रहा है. जेल अधीक्षक का कहना है कि अगले 10 से 15 दिन में इनकी हालत में सुधार हो सकता है, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये दोनों सच में नशे की लत से बाहर आ पाएंगे?

मुस्कान-साहिल का डेली रूटीन?

अब बात करते हैं इनकी जेल की दिनचर्या की. सुबह 6 बजे साहिल और मुस्कान को बैरक से बाहर निकाला जाता है. क्यों? क्योंकि नाश्ते का टाइम होता है. जेल मैनुअल के हिसाब से इन्हें टाइम पर खाना दिया जाता है. इसके बाद दिन में ये लोग जेल की बैरक में लगे टीवी पर न्यूज और प्रोग्राम देखते हैं. जी हां, जेल अधीक्षक ने बताया कि हर बैरक में टीवी है, और साहिल और मुस्कान भी टीवी पर न्यूज और प्रोग्राम देखते हैं. लेकिन क्या ये टीवी देखकर अपने किए पर पछता रहे हैं, या फिर कुछ और सोच रहे हैं?

बैरक से बाहर कब निकलते हैं?

अब सवाल ये कि ये बैरक से बाहर कब निकलते हैं? जेल के सख्त नियम हैं. सुबह 6 बजे नाश्ते के लिए और दोपहर में खाने के लिए - बस यही दो मौके हैं, जब इन्हें बाहर आने की इजाजत है. बाकी सारा वक्त ये बैरक में बंद रहते हैं. साहिल को पुरुष बैरक में और मुस्कान को महिला बैरक में रखा गया है. दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं. जेल अधीक्षक का कहना है कि ये सेफ्टी के लिए जरूरी है. 

जेल में क्या है मुस्कान-साहिल की मांग?

अब एक चौंकाने वाली बात. साहिल और मुस्कान से अब तक इनके परिवार का कोई भी मेंबर मिलने नहीं आया. मुस्कान के मम्मी-पापा ने तो साफ कह दिया कि वो उसकी कोई मदद नहीं करेंगे. इसीलिए मुस्कान ने पहले सरकारी वकील की मांग की, और अब साहिल ने भी जेल अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर सरकारी वकील मांगा है. जेल अधीक्षक ने बताया कि ये प्रार्थना पत्र कोर्ट में भेज दिया गया है, लेकिन सवाल ये है कि अगर सरकारी वकील मिल भी जाए तो क्या वो इन दोनों को इस जघन्य अपराध से बचा पाएंगे?

क्या मुस्कान वाकई प्रेग्नेंट है?

कुछ लोग ये भी कह रहे थे कि मुस्कान का प्रेगनेंसी टेस्ट कराया जाएगा, लेकिन जेल अधीक्षक ने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जरूरत नहीं है, और ये सारी बातें निराधार हैं. जेल प्रशासन सिर्फ इनकी सेहत और दिमागी हालत पर ध्यान दे रहा है, लेकिन क्या ये दोनों सच में अपनी गलती पर पछतावा कर रहे हैं, या सिर्फ वक्त काट रहे हैं?

आगे क्या होगा?

जेल में इनकी जिंदगी सख्त रूटीन के हिसाब से चल रही है. नशा मुक्ति केंद्र में काउंसलिंग, योग, ध्यान और जेल के नियमों का सख्ती से पालन. साथ ही इनकी सिक्योरिटी के लिए सीसीटीवी से निगरानी हो रही है. बाकी कैदियों को इनसे ज्यादा बात करने से मना किया गया है. और हां, पुलिस का कहना है कि इनकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद और पूछताछ होगी. इस केस को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में ले जाने की भी तैयारी है. 

 

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