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अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का किंगपिन मनोज खिल्लो ओडिशा से गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के किंगपिन मनोज खिल्लो को ओडिशा के कोरापुट से पकड़ा. जो कि NDPS केस में भगोड़ा था.

अंतरराज्यीय ड्रग्स सिंडिकेट का किंगपिन मनोज खिल्लो ओडिशा से गिरफ्तार
मनोज खिल्लो का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा
  • मनोज खिल्लो को ओडिशा के कोरापुट जिले से गिरफ्तार किया है जो अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी का सरगना है
  • मनोज खिल्लो पिछले करीब पांच साल से ओडिशा से देशभर में मादक पदार्थों की सप्लाई करता रहा है और वह फरार था
  • 2022 में मनोज ने 46 किलो गांजा दिल्ली भेजा था, जिसके बाद वह फरार हो गया था और उस पर इनाम घोषित था
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नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट के कुख्यात सरगना मनोज खिल्लो को ओडिशा के कोरापुट जिले से गिरफ्तार कर लिया है. मनोज खिल्लो पिछले 3 साल से दिल्ली क्राइम ब्रांच में दर्ज NDPS एक्ट के एक बड़े मामले में फरार चल रहा था. कोर्ट ने उसे पहले ही भगोड़ा घोषित कर रखा था और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था.

5 साल से सप्लाई नेटवर्क, ओडिशा से देशभर तक

पुलिस के मुताबिक मनोज खिल्लो पिछले करीब 5 साल से ओडिशा से दिल्ली‑एनसीआर समेत देश के अलग‑अलग हिस्सों में मादक पदार्थों की सप्लाई कर रहा था. स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि वह अब भी ओडिशा से ड्रग्स की खेप भेज रहा है.

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टीम ने की गुप्त निगरानी, 13 फरवरी को दबोचा

इसके बाद इंस्पेक्टर शिव कुमार और इंस्पेक्टर करमवीर सिंह की टीम ने एसीपी नीरज कुमार की निगरानी में उसकी तलाश शुरू की. करीब 3 महीने तक गुप्त निगरानी और लगातार इनपुट जुटाने के बाद टीम को पुख्ता जानकारी मिली कि मनोज अपने गांव के आसपास छिपा हुआ है. 13 फरवरी 2026 की शाम करीब 5:20 बजे उसे उसके गांव देवपोट्टांगी, जिला कोरापुट के पास से दबोच लिया गया. स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद उसे चार दिन की ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया.

2022 का मामला: 46 किलो गांजा दिल्ली भेजा

जांच में सामने आया है कि साल 2022 में दिल्ली क्राइम ब्रांच में दर्ज एक मामले में मनोज ने 46 किलो गांजे की खेप दिल्ली भेजी थी. यह खेप एक कार में दो लोगों चंदर शेखर और जितेंद्र कुमार के जरिए भेजी गई थी. 20 दिसंबर 2022 को दिल्ली में दोनों आरोपियों को होंडा सिटी कार समेत गिरफ्तार कर लिया गया और उनसे पूरी खेप बरामद हुई. पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि यह माल कोरापुट निवासी मनोज खिल्लो ने दिल्ली में एक व्यक्ति को देने के लिए भेजा था. इसके बाद से मनोज फरार हो गया था.

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लंबा आपराधिक रिकॉर्ड, जमानत के बाद फिर फरार

मनोज खिल्लो का आपराधिक रिकॉर्ड भी लंबा है, उसके खिलाफ ओडिशा और दिल्ली में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, एक्साइज एक्ट और आपराधिक धमकी जैसे छह से ज्यादा मामले दर्ज हैं. खास बात यह है कि अक्टूबर 2025 में उसने ओडिशा हाई कोर्ट से मां के इलाज के बहाने 21 दिन की अंतरिम जमानत ली थी, लेकिन जमानत खत्म होने के बाद उसने सरेंडर नहीं किया और फिर से फरार हो गया. इसके चलते उसके खिलाफ दो मामलों में नॉन‑बेलेबल वारंट भी जारी किए गए थे.

दिल्ली‑एनसीआर के ड्रग नेटवर्क को बड़ा झटका

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मनोज खिल्लो एक संगठित अंतरराज्यीय ड्रग कार्टेल का सरगना है और उसकी गिरफ्तारी से दिल्ली‑एनसीआर में सक्रिय ड्रग नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है. अब उससे पूछताछ कर उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.

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