दिल्ली के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट की साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस गिरोह में म्यूल अकाउंट (Mule Account) और फर्जी यानी शेल कंपनियों के जरिए ठगी का पैसा देश-विदेश में घुमाया जा रहा था. पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो एक फर्जी कंपनी के डमी डायरेक्टर बने हुए थे.
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई म्यूल हंटिंग अभियान के तहत की गई. जांच के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल और इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर से मिले इनपुट के आधार पर केस दर्ज किया गया. जांच में Messit Tradex Private Limited नाम की कंपनी का बैंक अकाउंट शक के घेरे में आया.
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336 साइबर ठगी से जुड़ा था बैंक अकाउंट
ये अकाउंट दिल्ली के बवाना स्थित एक नेशनल बैंक ब्रांच में खुला हुआ था. जब इसकी पड़ताल की गई तो पता चला कि यह अकाउंट देशभर में दर्ज 336 साइबर ठगी के मामलों से जुड़ा हुआ है. सबसे चौंकाने वाली बात ये सामने आई कि इस एक अकाउंट में सिर्फ 8 दिनों के अंदर 16 करोड़ रुपये से ज्यादा का लेन-देन हुआ. इससे साफ हो गया कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग का खेल चल रहा था.
पूरे नेटवर्क के पास थी 35 से ज्यादा फर्जी कंपनियां
पुलिस ने इस मामले में सोनू कुमार और अमिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है, जो इस कंपनी के डमी डायरेक्टर थे. इनके पास से बैंक रिकॉर्ड, केवाईसी डॉक्यूमेंट और डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए हैं. जांच में ये भी सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क में करीब 35 से ज्यादा फर्जी कंपनियां शामिल हैं, जिनके जरिए पैसे को अलग-अलग खातों में घुमाकर ट्रेस करना मुश्किल बनाया जाता था. दिल्ली के पीतमपुरा, रानी बाग और नेताजी सुभाष प्लेस जैसे इलाके ऐसे नेटवर्क के हॉटस्पॉट के रूप में सामने आए हैं.
इस तरह लोगों के नाम पर खोलते बैंक अकाउंट
पुलिस के अनुसार, ये लोग बेरोजगार या जरूरतमंद लोगों को नौकरी, कमीशन या आसान कमाई का लालच देते थे. फिर उनके नाम पर कंपनी और बैंक अकाउंट खोल लेते थे. लेकिन असली कंट्रोल इन लोगों के पास नहीं होता था. उनके मोबाइल नंबर, ईमेल और बैंकिंग एक्सेस सब कुछ गिरोह के असली मास्टरमाइंड के पास होता था.
इसके बाद इन अकाउंट्स का इस्तेमाल ठगी के पैसे को लेने, घुमाने और आगे ट्रांसफर करने में किया जाता था. पुलिस का कहना है कि इस तरह के लोग सिर्फ मददगार नहीं बल्कि साइबर अपराध के बड़े नेटवर्क का अहम हिस्सा होते हैं.
पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने लोगों से साफ कहा है कि अपने बैंक अकाउंट किसी को किराए पर या कमीशन के लिए न दें. बिना जांच-पड़ताल के किसी कंपनी में डायरेक्टर न बनें. अपने केवाईसी डॉक्यूमेंट किसी अनजान को न दें. कोई भी साइबर ठगी हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें. पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की तलाश में जुटी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
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