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WPL 2026: कौन है स्मृति मंधाना की टीम की नई सनसनी गौतमी नाइक, सालों की मेहनत रंग लाई

WPL 2026, Who is Gautami Naik: महाराष्ट्र की 27 साल की बैटिंग ऑलराउंडर नाइक का आरीसीबी तक का सफर लगन की एक बेहतरीन मिसाल है, जिसमें एक दशक से ज़्यादा घरेलू क्रिकेट की कड़ी मेहनत और राज्य की सीमाओं को पार करके एक बड़ा कदम उठाना शामिल है.

WPL 2026: कौन है स्मृति मंधाना की टीम की नई सनसनी गौतमी नाइक, सालों की मेहनत रंग लाई
Who is Gautami Naik? The Complete Story of RCB’s Rising All-Rounder

Who is Gautami Naik: महिला प्रीमियर लीग ने ग्लोबल स्टेज पर कई नए चेहरों को पेश किया है, लेकिन कुछ ही कहानियां गौतमी नाइक की कहानी जितनी दिल को छूने वाली हैं.  महाराष्ट्र की 27 साल की बैटिंग ऑलराउंडर नाइक का आरीसीबी तक का सफर लगन की एक बेहतरीन मिसाल है, जिसमें एक दशक से ज़्यादा घरेलू क्रिकेट की कड़ी मेहनत और राज्य की सीमाओं को पार करके एक बड़ा कदम उठाना शामिल है. 

गली क्रिकेट से हुई क्रिकेट की शुरुआत
गौतमी के क्रिकेट की शुरुआत उनके पड़ोस की "गली क्रिकेट" की गलियों में हुई, जहां वह लोकल लड़कों के साथ रबर की गेंदों से खेलती थीं. प्रोफेशनल क्रिकेट में उनका सफ़र लगभग 10-12 साल पहले शुरू हुआ, जब एक लोकल मैच के दौरान उनके लंबे समय के कोच अविनाश शिंदे ने उन्हें देखा.  

इस अहम फैसले ने बदली किस्मत
शुरुआत में उन्होंने U-23 लेवल पर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन सीनियर टीम में कड़ी टक्कर और COVID-19 महामारी की वजह से उनके मौके कम हो गए. अपने करियर का एक अहम फ़ैसला लेते हुए, वह अपनी टीम के साथियों किरण नवगिरे और पूनम खेमनार के साथ नागालैंड चली गईं. यह कदम उनके लिए गेम चेंजर साबित हुआ, क्योंकि वह नागालैंड टीम की अहम खिलाड़ी बन गईं और उन्हें प्लेट ग्रुप से एलीट लेवल तक पहुंचाने में मदद की. 

ड्रीम ऑक्शन और RCB डेब्यू
महिला प्रीमियर लीग 2026 के ऑक्शन में, गौतमी को RCB ने 10 लाख रुपये में चुना. यह उनके परिवार के लिए एक इमोशनल पल था, गौतमी  के इस सफलता के पीछे उनके परिवार का भरपूर साथ रहा है. उनकी मां, भाई और भाभी, जिन्होंने फाइनेंशियल मुश्किलों और सालों की ट्रेनिंग में उनका साथ दिया था. 

UP वॉरियर्ज के खिलाफ किया डेब्यू
गौतमी नाइक ने 12 जनवरी, 2026 को DY पाटिल स्पोर्ट्स एकेडमी में यूपी वॉरियर्ज के खिलाफ अपना ऑफिशियल WPL डेब्यू किया.  हालांकि RCB के टॉप ऑर्डर के शानदार परफॉर्मेंस की वजह से उन्हें 9 विकेट की जीत में बैटिंग या बॉलिंग करने का मौका नहीं मिला, लेकिन प्रेमा रावत की जगह प्लेइंग XI में उनका शामिल होना उनके संघर्ष की सफलता को दिखाता है. 

गौतमी नाइक के करियर का सबसे अहम पल पुणे में एक घरेलू प्रदर्शनी मैच के दौरान आया. आज़ादी और आत्मविश्वास से बैटिंग करते हुए, गौतमी ने पूर्व भारतीय पुरुष विकेटकीपर किरण मोरे का ध्यान खींचा.  उनके समर्थन से नए रास्ते खुले, जिससे उन्हें मुंबई इंडियंस के साथ ट्रायल का मौका मिला और आखिरकार वह बड़ौदा चली गईं.  बड़ौदा में ही नाइक ने सच में कमाल किया.  दो शानदार घरेलू सीज़न में नाइक ने अपनी निरंतरता, परिपक्वता और बढ़ते ऑल-राउंडर के तौर पर अपनी अहमियत  को साबित किया और  आखिरकार महाराष्ट्र में उनकी वापसी का रास्ता साफ हुआ. 

धोनी की फैन हैं गौतमी नाइक
गौतमी नाइक लंबे समय से MS धोनी की फैन रही हैं और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज एलिस पेरी को अपनी मुख्य प्रेरणा मानती हैं. उनका कहना है कि अब जब वे एक ही ड्रेसिंग रूम शेयर करती हैं, तो वह पेरी की वर्ल्ड-क्लास वर्क एथिक से सीखना चाहती हैं. 

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