
आईपीएल मैच के दौरान सचिन तेंदुलकर के पैर छूते युवराज...
नई दिल्ली:
युवराज सिंह, जब इस खिलाड़ी का नाम लिया जाता है, तो उनकी संघर्षपूर्ण ज़िंदगी सामने आ जाती है. सोमवार को 35 साल के हो चुके युवराज सिंह स्कूल के दिनों में काफी शरारती थे. बचपन में उन्हें रोलर स्केटिंग का शौक था. क्रिकेट में आने के बाद ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों सहज ही नकल उतार लेने वाले युवी का जीवन संघर्षों से भरा रहा है. उन्हें लंग कैंसर भी हुआ, लेकिन एक योद्धा की तरह वह जिंदगी की जंग लड़ते गए और सफल भी हुए. क्रिकेट के आदर्शों की बात करें, तो क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर उनके आइडल थे. जानिए कब हुई थी सचिन से युवराज की पहली मुलाकात और पढि़ए दोनों से जुड़े कुछ कथानक....
सचिन ने मांगे बिस्किट, एकटक देखते रहे युवी : युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि सचिन तेंदुलकर के साथ उनकी पहली मुलाकात एक प्रथम श्रेणी मैच के दौरान हुई थी. ड्रेसिंग रूम में दोनों बैठे हुए थे. युवराज डरकर सचिन की तरफ देख रहे थे, तो सचिन ने तुरंत युवराज से उनके पास रखा हुआ बिस्किट देने के लिए कहा. युवराज भौचक रह गए कि सचिन जैसा खिलाड़ी उनसे बिस्किट मांग रहा है. युवराज सचिन के तरफ देखे ही जा रहे थे, तब सचिन ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें अभी तक बिस्कट नहीं मिला है.
वर्ल्ड कप के दौरान सचिन की सलाह युवराज के काम आई : युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर को अपना आइडल मानते है. युवराज सिंह सचिन तेंदुलकर को देखते हुए क्रिकेट खेले. सचिन तेंदुलकर ने जब सिर्फ 16 साल की उम्र में इंडिया के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब युवराज सिंह सिर्फ आठ साल के थे. सचिन हमेशा युवराज सिंह को अच्छा खेलने के लिए सलाह देते थे. 2011 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान युवराज सिंह को सचिन तेंदुलकर डिनर के लिए ले गए थे. दरअसल उन्होंने ऐसा उन्हें अच्छा खेलने की सलाह देने के लिए ही किया था. सचिन ने युवराज सिंह को बताया था कि अगर भारत को वर्ल्ड कप जीतना है तो युवराज सिंह को जोश से खेलना पड़ेगा. सचिन की यह बात युवराज पर प्रभाव डाल गई. सिर्फ युवराज नहीं पूरी भारतीय टीम चाह रही था कि सचिन के टीम में रहते हुए भारत वर्ल्ड कप जीते. 2011 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड कप जीता था और युवराज सिंह मैन ऑफ़ द सीरीज बने थे.
सचिन, युवराज को अपने छोटे भाई की तरह मानते हैं : एक इंटरव्यू के दौरान सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि वह युवराज सिंह को अपने छोटे भाई की तरह मानते है. जब कैंसर के इलाज के दौरान युवराज सिंह से मिलने के लिए सचिन तेंदुलकर अस्पताल गए थे, तब युवराज को बीमार देखकर सचिन लगभग सचिन रो पड़े थे, लेकिन खुद को संभालते हुए युवराज को गले से लगा लिया था. फिर दोनों ने करीब एक घंटे तक बात की और साथ खाना भी खाया था.. इसकी खुशी जाहिर करते हुए युवराज सिंह ने सचिन के साथ फोटो भी ट्वीट किए थे.
सचिन कई बार युवराज के साथ खड़े नजर आए : युवराज में सचिन तेंदुलकर के प्रति जितनी भक्ति है, उतना ही प्यार सचिन भी युवराज से करते हैं. 2014 में टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल के बाद युवराज की जब चारों तरफ आलोचना हो रही थी तब सचिन, युवराज के साथ खड़े नजर आए थे. सचिन का कहना था कि एक खराब पारी के लिए युवराज को सजा नहीं नहीं मिलनी चाहिए. सचिन का कहना था कि युवराज अच्छे बल्लेबाज हैं और समय आने पर वह अपने आलोचकों को गलत साबित करेंगे. गौरतलब है कि इस फाइनल मैच में युवराज सिंह ने काफी धीमी बल्लेबाजी की थी और 21 गेंदों में महज 11 रन बना पाए थे. इसके काफी समय बाद 2015 में युवराज सिंह का टीम इंडिया में वापस चयन हुआ था.
मैदान के अंदर जब युवराज ने सचिन के पैर छू लिए : मैदान के अंदर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर हों और युवराज सिंह उनके पैर न छुएं यह हो नहीं सकता. 2016 में मुंबई इंडियन्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच हुए एक आईपीएल मैच के दौरान युवी ने सचिन तेंदुलकर के पैर छुए थे. यह पहली बार नहीं था जब युवराज ने सचिन तेंदुलकर के पैर छुए थे. 2014 में लॉर्ड्स के मैदान पर भी युवराज सिंह ने सचिन तेंदुलकर के पैर छुए थे. उस मैच में दोनों अलग-अलग टीम के लिए खेल रहे थे. सचिन तेंदुलकर मेलबर्न क्रिकेट क्लब की कप्तानी कर रहे थे तो युवराज, शेन वॉर्न की कप्तानी में रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड टीम के लिए खेल रहे थे. इस मैच में युवराज ने शानदार 132 रन भी बनाए थे.
सचिन ने मांगे बिस्किट, एकटक देखते रहे युवी : युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि सचिन तेंदुलकर के साथ उनकी पहली मुलाकात एक प्रथम श्रेणी मैच के दौरान हुई थी. ड्रेसिंग रूम में दोनों बैठे हुए थे. युवराज डरकर सचिन की तरफ देख रहे थे, तो सचिन ने तुरंत युवराज से उनके पास रखा हुआ बिस्किट देने के लिए कहा. युवराज भौचक रह गए कि सचिन जैसा खिलाड़ी उनसे बिस्किट मांग रहा है. युवराज सचिन के तरफ देखे ही जा रहे थे, तब सचिन ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें अभी तक बिस्कट नहीं मिला है.
वर्ल्ड कप के दौरान सचिन की सलाह युवराज के काम आई : युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर को अपना आइडल मानते है. युवराज सिंह सचिन तेंदुलकर को देखते हुए क्रिकेट खेले. सचिन तेंदुलकर ने जब सिर्फ 16 साल की उम्र में इंडिया के लिए क्रिकेट खेलना शुरू किया, तब युवराज सिंह सिर्फ आठ साल के थे. सचिन हमेशा युवराज सिंह को अच्छा खेलने के लिए सलाह देते थे. 2011 के वनडे वर्ल्ड कप के दौरान युवराज सिंह को सचिन तेंदुलकर डिनर के लिए ले गए थे. दरअसल उन्होंने ऐसा उन्हें अच्छा खेलने की सलाह देने के लिए ही किया था. सचिन ने युवराज सिंह को बताया था कि अगर भारत को वर्ल्ड कप जीतना है तो युवराज सिंह को जोश से खेलना पड़ेगा. सचिन की यह बात युवराज पर प्रभाव डाल गई. सिर्फ युवराज नहीं पूरी भारतीय टीम चाह रही था कि सचिन के टीम में रहते हुए भारत वर्ल्ड कप जीते. 2011 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्ड कप जीता था और युवराज सिंह मैन ऑफ़ द सीरीज बने थे.
सचिन, युवराज को अपने छोटे भाई की तरह मानते हैं : एक इंटरव्यू के दौरान सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि वह युवराज सिंह को अपने छोटे भाई की तरह मानते है. जब कैंसर के इलाज के दौरान युवराज सिंह से मिलने के लिए सचिन तेंदुलकर अस्पताल गए थे, तब युवराज को बीमार देखकर सचिन लगभग सचिन रो पड़े थे, लेकिन खुद को संभालते हुए युवराज को गले से लगा लिया था. फिर दोनों ने करीब एक घंटे तक बात की और साथ खाना भी खाया था.. इसकी खुशी जाहिर करते हुए युवराज सिंह ने सचिन के साथ फोटो भी ट्वीट किए थे.
सचिन कई बार युवराज के साथ खड़े नजर आए : युवराज में सचिन तेंदुलकर के प्रति जितनी भक्ति है, उतना ही प्यार सचिन भी युवराज से करते हैं. 2014 में टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल के बाद युवराज की जब चारों तरफ आलोचना हो रही थी तब सचिन, युवराज के साथ खड़े नजर आए थे. सचिन का कहना था कि एक खराब पारी के लिए युवराज को सजा नहीं नहीं मिलनी चाहिए. सचिन का कहना था कि युवराज अच्छे बल्लेबाज हैं और समय आने पर वह अपने आलोचकों को गलत साबित करेंगे. गौरतलब है कि इस फाइनल मैच में युवराज सिंह ने काफी धीमी बल्लेबाजी की थी और 21 गेंदों में महज 11 रन बना पाए थे. इसके काफी समय बाद 2015 में युवराज सिंह का टीम इंडिया में वापस चयन हुआ था.
मैदान के अंदर जब युवराज ने सचिन के पैर छू लिए : मैदान के अंदर क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर हों और युवराज सिंह उनके पैर न छुएं यह हो नहीं सकता. 2016 में मुंबई इंडियन्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच हुए एक आईपीएल मैच के दौरान युवी ने सचिन तेंदुलकर के पैर छुए थे. यह पहली बार नहीं था जब युवराज ने सचिन तेंदुलकर के पैर छुए थे. 2014 में लॉर्ड्स के मैदान पर भी युवराज सिंह ने सचिन तेंदुलकर के पैर छुए थे. उस मैच में दोनों अलग-अलग टीम के लिए खेल रहे थे. सचिन तेंदुलकर मेलबर्न क्रिकेट क्लब की कप्तानी कर रहे थे तो युवराज, शेन वॉर्न की कप्तानी में रेस्ट ऑफ द वर्ल्ड टीम के लिए खेल रहे थे. इस मैच में युवराज ने शानदार 132 रन भी बनाए थे.
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