जसप्रीत बुमराह को मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में गिना जाता है. भारत ही नहीं, दुनिया भर के खिलाड़ी और क्रिकेट विशेषज्ञ उनकी तारीफ करते हैं. ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के कई मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी भी उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में शामिल करते हैं. हालांकि पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और दिग्गज तेज गेंदबाज वकार यूनुस का मानना है कि व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बुमराह का कोई मुकाबला नहीं है, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें अभी और सफर तय करना है.
हाल ही में शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान वकार यूनुस ने बुमराह के बारे में खुलकर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में इस समय बुमराह जैसा असर डालने वाला गेंदबाज शायद ही कोई दूसरा हो, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्हें अभी और साबित करना बाकी है.
वकार ने कहा, "आज के दौर में व्हाइट-बॉल क्रिकेट में बुमराह के स्तर का कोई और गेंदबाज नहीं है. लेकिन टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो उन्हें अभी भी वहां काफी कुछ साबित करना है. उन्होंने अभी तक बहुत ज्यादा टेस्ट मैच नहीं खेले हैं. उनके अलावा मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड जैसे कई अन्य गेंदबाज भी हैं. आप कुछ इंग्लैंड के गेंदबाजों को भी नजरअंदाज नहीं कर सकते. लेकिन जब आप टी20 और वनडे क्रिकेट की बात करते हैं, तो मुझे लगता है कि असर डालने के मामले में बुमराह हमेशा मुश्किल मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हैं और यही सबसे ज्यादा मायने रखता है."
दरअसल, बुमराह के टेस्ट करियर पर चोटों का असर रहा है. शुरुआती वर्षों में पीठ की चोट और बाद में कार्यभार प्रबंधन की वजह से उन्हें कई टेस्ट मैचों से दूर रहना पड़ा. कई बार ऐसा भी हुआ कि उपमहाद्वीप की परिस्थितियों में खेले जा रहे टेस्ट मुकाबलों के दौरान भी उन्हें आराम दिया गया. चयनकर्ताओं ने अक्सर बड़ी और अहम सीरीज को ध्यान में रखते हुए उनकी फिटनेस को प्राथमिकता दी.
वकार यूनुस ने टी20 विश्व कप 2024 में पाकिस्तान के खिलाफ बुमराह के प्रदर्शन को भी याद किया. उनका मानना है कि न्यूयॉर्क में खेले गए उस मुकाबले का टर्निंग पॉइंट मोहम्मद रिजवान का विकेट था.
उन्होंने कहा, "जब भी कोई भारतीय कप्तान मुश्किल में होता है तो वह गेंद बुमराह को थमा देता है. न्यूयॉर्क में पाकिस्तान को हारने की कोई वजह नहीं थी. जरूरी रन गति पूरी तरह से नियंत्रण में थी. जिस ओवर में बुमराह ने रिजवान को आउट किया, वही मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. प्रभाव छोड़ने वाले खिलाड़ी ही असली मायने में बड़े खिलाड़ी होते हैं. एक महान खिलाड़ी अपने आसपास के खिलाड़ियों को भी बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है."
हालांकि वकार की इस राय पर बहस हो सकती है. यह सच है कि मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और जेम्स एंडरसन जैसे गेंदबाजों की तुलना में बुमराह ने कम टेस्ट मैच खेले हैं. लेकिन दूसरी तरफ उनके प्रदर्शन के आंकड़े बताते हैं कि उन्होंने लगभग हर प्रमुख क्रिकेट खेलने वाले देश में जाकर मैच जिताने वाले स्पेल डाले हैं.
ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और भारत की अलग-अलग परिस्थितियों में बुमराह ने अपनी उपयोगिता साबित की है. यही वजह है कि कई क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें पहले से ही मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ टेस्ट गेंदबाजों में शामिल करते हैं.
फिर भी वकार यूनुस का मानना है कि मैचों की संख्या और लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन के पैमाने पर बुमराह के सामने अभी कुछ और परीक्षाएं बाकी हैं. दूसरी ओर, यह भी उतना ही सच है कि जब भी भारत को किसी बड़े विकेट या मुश्किल समय में किसी खास गेंदबाज की जरूरत पड़ती है, तो सबसे पहले जसप्रीत बुमराह का नाम ही सामने आता है.
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