
फोटो भारतीय क्रिकेट टीम के आधिकारिक फेसबुक पेज से।
वैसे तो विराट कोहली को आक्रामक और गर्म मिजाज वाला माना जाता है, लेकिन महानता का सम्मान करना उन्हें भी आता है। हालांकि उस समय थोड़ा आश्चर्य हुआ जब 26 साल के इस युवा भारतीय कप्तान ने महान खिलाड़ी कुमार संगकारा को उनके खेल में योगदान के लिए हार्दिक शुभकामना पत्र भेजा। गौरतलब है कि संगकारा ने रविवार को टेस्ट क्रिकेट में अपनी आखिरी पारी खेली थी।
कोलंबो में खेले गए टेस्ट मैच के साथ ही संगकारा के 15 साल लंबे क्रिकेट करियर का अंत हो गया। अंतिम पारी में आउट होने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों ने भी पी सारा ओवल में उन्हें शानदार विदाई दी।
कोहली ने उस फोटो पर लिखा, जिसमें वह इस महान श्रीलंकाई खिलाड़ी से हाथ मिलाते हुए दिख रहे हैं, 'प्रिय कुमार, मुझे इस पर अत्यंत गर्व की अनुभूति हो रही है कि आप सबसे पहले एक अच्छे इंसान हैं और मेरे पास क्रिकेट में दिए गए आपके महान योगदान का वर्णन करने के लिए शब्द नहीं हैं।'
"आपने कई लोगों को प्रेरणा दी है और उन्हें राह दिखाई है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे आपकी पीढ़ी में खेलने का अवसर मिला। ईश्वर आपको और आपके परिवार को समृद्धि दे। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।"
यह संदेश पूरी तरह से कैपिटल लेटर में लिखा गया है और इससे यह परिलक्षित होता है कि कोहली के मन में संगकारा (ऐसा खिलाड़ी जिसे रन बनाने के साथ-साथ मिलनसार व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता है) के प्रति कितना सम्मान है। खास बात यह है कि भले ही कोहली को संगकारा की पीढ़ी में खेलने का मौका मिला हो, लेकिन जब संगकारा ने साल 2000 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था, उस समय कोहली मात्र 11 साल के थे। जिस तरह से कई खिलाड़ी इस खेल के महान खिलाड़ियों को देखते हुए बड़े हुए हैं, उसी तरह से कोहली ने भी इस महान श्रीलंकाई खिलाड़ी से कुछ बारीकियां अवश्य सीखी होंगी।
कोलंबो में खेले गए टेस्ट मैच के साथ ही संगकारा के 15 साल लंबे क्रिकेट करियर का अंत हो गया। अंतिम पारी में आउट होने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों के साथ-साथ भारतीय खिलाड़ियों ने भी पी सारा ओवल में उन्हें शानदार विदाई दी।
कोहली ने उस फोटो पर लिखा, जिसमें वह इस महान श्रीलंकाई खिलाड़ी से हाथ मिलाते हुए दिख रहे हैं, 'प्रिय कुमार, मुझे इस पर अत्यंत गर्व की अनुभूति हो रही है कि आप सबसे पहले एक अच्छे इंसान हैं और मेरे पास क्रिकेट में दिए गए आपके महान योगदान का वर्णन करने के लिए शब्द नहीं हैं।'
"आपने कई लोगों को प्रेरणा दी है और उन्हें राह दिखाई है। मैं खुद को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे आपकी पीढ़ी में खेलने का अवसर मिला। ईश्वर आपको और आपके परिवार को समृद्धि दे। भविष्य के लिए शुभकामनाएं।"
यह संदेश पूरी तरह से कैपिटल लेटर में लिखा गया है और इससे यह परिलक्षित होता है कि कोहली के मन में संगकारा (ऐसा खिलाड़ी जिसे रन बनाने के साथ-साथ मिलनसार व्यक्तित्व के लिए भी जाना जाता है) के प्रति कितना सम्मान है। खास बात यह है कि भले ही कोहली को संगकारा की पीढ़ी में खेलने का मौका मिला हो, लेकिन जब संगकारा ने साल 2000 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था, उस समय कोहली मात्र 11 साल के थे। जिस तरह से कई खिलाड़ी इस खेल के महान खिलाड़ियों को देखते हुए बड़े हुए हैं, उसी तरह से कोहली ने भी इस महान श्रीलंकाई खिलाड़ी से कुछ बारीकियां अवश्य सीखी होंगी।
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