- विराट कोहली ने मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था और टी20 भी छोड़ चुके हैं
- पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी का मानना है कि कोहली को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के लिए मजबूर किया गया था
- तिवारी ने संजय मांजरेकर के बयान का खंडन करते हुए कहा कि कोहली ने आसान फॉर्मेट नहीं चुना है
विराट कोहली (Virat Kohli) ने टेस्ट क्रिकेट को जरूर अलविदा कह दिया है. मगर उनके संन्यास पर चर्चा अब भी जारी है. कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटर उनके रिटायरमेंट के फैसले को सही ठहरा रहे हैं. मगर कुछ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जो कोहली के संन्यास से हैरान हैं. उनका मानना है कि रेड बॉल क्रिकेट से रिटायरमेंट लेकर कोहली ने जल्दबाजी कर दी है. इन सब दिग्गजों से इतर पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) का अलग ही विचार है. उनका मानना है कि कोहली को टेस्ट फॉर्मेट से संन्यास दिलाया गया है. यह उनके दिल की आवाज नहीं थी.
हाल ही में संजय मांजरेकर ने कोहली के बारे में बातचीत करते हुए कहा था कि विराट ने टफ फॉर्मेट को छोड़कर आसान फॉर्मेट को चुना है. जिसपर इनसाइडस्पोर्ट के साथ हुई बातचीत के दौरान तिवारी ने अपना विचार साझा करते हुए कहा है, 'मैं उनकी बातों से सहमत नहीं हूं. कोहली को संन्यास के लिए मजबूर किया गया था.'
मनोज तिवारी का बयान
मनोज तिवारी ने कहा, 'ऐसा माहौल बना दिया गया कि कोहली को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा. वो ऐसे इसांन नहीं हैं जो खुद इसपर फैसला करें कि उन्हें कब छोड़ना है. हां, संन्यास का फैसला उनके मुंह से जरूर निकला. मगर हर कोई जानता है कि पर्दे के पीछे असल में कहानी क्या थी.'
उन्होंने कहा, 'सभी तथ्यों को जानते हुए भी आप कैसे कह सकते हैं कि उन्होंने टफ फॉर्मेट को छोड़कर आसान फॉर्मेट को चुना है. मैं मांजरेकर की बातों से सहमत नहीं हूं.'
विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से कब लिया संन्यास?
विराट कोहली ने पिछले साल यानी की 2025 में 12 मई को आधिकारिक तौर पर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेते हुए सबको चौंका दिया था. टेस्ट ही नहीं वह टी20 फॉर्मेट को भी अलविदा कह चुके हैं मौजूदा समय में वह केवल वनडे फॉर्मेट में सक्रिय हैं.
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