भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने स्वीकार किया है कि इंग्लैंड दौरे पर संजू सैमसन को टीम से बाहर रखना उनके कोचिंग करियर के सबसे कठिन फैसलों में से एक था. दिलचस्प बात यह है कि सैमसन इससे पहले टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' रहे थे, लेकिन खराब फॉर्म के चलते उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज से बाहर बैठना पड़ा.
सैमसन की जगह युवा वैभव सूर्यवंशी को मौका मिला, जिनके इंटरनेशनल डेब्यू का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. हालांकि अफगानिस्तान के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में भारत एक बार फिर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की सफल ओपनिंग जोड़ी के साथ उतरा. इस जोड़ी ने सीरीज में दो बार 50 से ज्यादा रन की साझेदारी करके टीम की 3-0 से जीत में अहम भूमिका निभाई.
सीरीज खत्म होने के बाद गंभीर ने सैमसन की खुले दिल से तारीफ की. उन्होंने कहा कि संजू को किसी से मान्यता या श्रेय लेने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उनका प्रदर्शन और प्रतिभा खुद उनकी पहचान है. गंभीर ने कहा, "कोई खिलाड़ी सिर्फ किस्मत के भरोसे विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट नहीं बन सकता. संजू ने अपनी क्षमता कई बार साबित की है."
भारत के पूर्व बल्लेबाज ने माना कि सैमसन को बाहर करना आसान नहीं था. उन्होंने कहा, "इंग्लैंड सीरीज में उन्हें बाहर रखने का फैसला शायद मेरे कोचिंग कार्यकाल का सबसे मुश्किल फैसला था. लेकिन चयन करते समय खिलाड़ियों की मौजूदा फॉर्म को भी देखना पड़ता है."
(PTI इनपुट के साथ)
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