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T20 World Cup 2026: यहां से बांग्लादेश को झेलने होंगे और कई नुकसान: रिपोर्ट

T20 World Cup 2026: बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप में न खेलने का फैसला ले तो लिया, लेकिन उसे इसके अलग-अलग और न जाने क्या-क्या छिपे हुए नुकसान और झेलने होंगे

T20 World Cup 2026: यहां से बांग्लादेश को झेलने होंगे और कई नुकसान: रिपोर्ट
T20 World Cup 2025: मुस्तिफजुर रहमान से शुरू हुआ विवाद ऐसे मोड़ पर खत्म हुआ, जहां से बांग्लादेश को बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है
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बांग्लादेशी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश क्रिकेट अपने सबसे मुश्किल दौर में से एक में फंस गया है, जिसे इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने आगामी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर करने का फैसला किया है. 'द डेली स्टार' में सोमवार को एक आर्टिकल में कहा गया है, 'यह सिर्फ एक ग्लोबल टूर्नामेंट खेलने से चूकने का दर्द नहीं है, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट अपने इतिहास के सबसे नाज़ुक दौर से गुजर रहा है. ऐसे समय में जज्बा तभी मायने रखता है जब उसके पीछे कोई स्पष्ट उद्देश्य और दूरदर्शिता हो, जो फिलहाल नजर नहीं आती.' प्रोफेशनल क्रिकेटर्स के लिए एक ग्लोबल प्रतिनिधि संस्था के रूप में काम करने वाले 'वर्ल्ड क्रिकेटर्स एसोसिएशन' ने इस कदम को 'खेल के लिए एक दुखद क्षण' बताते हुए कहा कि यह उस देश में फैंस के बीच व्यापक निराशा को दिखाता है, जहां क्रिकेट खेल के साथ-साथ एक जुनून भी है.

BCB और अधिकारी जिम्मेदार

बांग्लादेश के स्थान पर ग्रुप-सी में स्कॉटलैंड को स्थान दिया गया है. यह टीम 7 फरवरी को स्कॉटलैंड, 9 फरवरी को इटली, 14 फरवरी को इंग्लैंड और 17 फरवरी को नेपाल से खेलेगी. 'द डेली स्टार' की इस रिपोर्ट में देश के क्रिकेट प्रशासन और अधिकारियों को इस दयनीय स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है, 'वर्ल्ड कप से बाहर होना नुकसान का सिर्फ एक हिस्सा है. घरेलू क्रिकेट बड़े पैमाने पर पंगु बना हुआ है. भले ही बांग्लादेश प्रीमियर लीग (बीपीएल) खत्म हो गया है, लेकिन विवाद अंत तक उसका पीछा करते रहे. जैसे ही टूर्नामेंट खत्म हुआ, एक मैच-फिक्सिंग स्कैंडल सामने आ गया, जिससे अनियमितताओं की बढ़ती लिस्ट में एक और अध्याय जुड़ गया.' विश्लेषण के अनुसार, पूर्व कप्तान अमीनुल इस्लाम बुलबुल के नेतृत्व वाला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) बढ़ते आंतरिक कलह का सामना कर रहा है.

डायरेक्टर पर फिक्सिंग के आरोप

रिपोर्ट में कहा गया है, 'बीपीएल मैच-फिक्सिंग में शामिल होने के आरोपों के बाद, बीसीबी के डायरेक्टर मोहम्मद मुख्लेसुर रहमान को ऑडिट कमेटी के चेयरमैन के पद से हटना पड़ा. एक और फ्रेंचाइजी सलाहकार ने फेसबुक लाइव सेशन के जरिए सार्वजनिक रूप से फिक्सिंग के आरोप लगाए, जिससे लोगों का भरोसा और भी कम हो गया है.' विश्लेषण में बताया गया है कि इस घटना के बाद इस्तीफे हुए हैं, जिनमें प्रभावशाली डायरेक्टर इश्तियाक सादिक भी शामिल हैं. इस बीच बोर्ड सदस्यों के बीच कड़वे विवाद सामने आए हैं.

विवादित नजमुल की नियुक्ति क्यों?

अखबार ने कहा कि एम. नजमुल इस्लाम जैसे विवादास्पद लोगों को फिर से बहाल करने से संकट और गहराया है, जिन्हें पहले खिलाड़ियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियों के चलते हटा दिया गया था. बांग्लादेशी टेस्ट टीम के कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने घरेलू शेड्यूल की अनिश्चितता पर निराशा व्यक्त की है, जो बोर्ड और क्रिकेटर्स के बीच बढ़ती खाई को दिखाता है. आर्टिकल में बीसीबी के "देश के सबसे सफल क्रिकेटर, शाकिब अल हसन को वापस बुलाने के कदम को एक 'सनसनीखेज आइडिया' बताया गया है, जिसे कई लोग नाकामी छिपाने की कोशिश मान रहे हैं. इसमें कहा गया है, "कई लोगों के लिए, यह कदम बिना तर्क का है और वर्ल्ड कप से बाहर होने को लेकर जारी उथल-पुथल से ध्यान भटकाने की एक हताश और गलत कोशिश लगती है.'

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