
स्टोक्स को अंतिम ओवर में टी20 विश्व कप खिताब गंवाने का मलाल अब तक है। (फाइल फोटो)
लंदन:
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 विश्व कप फाइनल में निर्णायक आखिरी ओवर फेंकने वाले इंग्लैंड के हरफनमौला बेन स्टोक्स अभी तक लगातार चार छक्कों के सदमे से उबर नहीं सके हैं और उन्होंने कहा कि उन्हें लगा मानो आसमान उनके सिर पर गिर गया। वेस्टइंडीज को आखिरी ओवर में जीत के लिये 19 रन चाहिये थे । कालरेस ब्रेथवेट ने स्टोक्स के ओवर में लगातार चार छक्के लगाकर कैरेबियाई टीम को रिकार्ड दूसरा टी20 खिताब दिलाया।
स्टोक्स ने डेली टेलीग्राफ से कहा, 'मुझे लगा कि मैं अभी अभी विश्व कप गंवा चुका हूं । मुझे यकीन ही नहीं हुआ । मुझे समझ में नहीं आया कि क्या करूं । मुझे अपने पैर जमीन पर दोबारा रखने में काफी समय लगा। मैं पैर उठाना ही नहीं चाह रहा था। लग रहा था कि आसमान मेरे सिर पर गिर गया है।' उन्होंने कहा ,'मैच खत्म होने के 40 मिनट बाद तक भी मुझे समझ में नहीं आया कि क्या करूं। मुझे फिर मैदान पर आकर अपना पदक लेना था और सारे भाषण सुनने थे। मुझे पता था कि कैमरों का रुख मेरे चेहरे पर होगा । मैं दुखी था लेकिन यह जाहिर नहीं करना चाहता था।' स्टोक्स ने कहा कि यह आखिरी ओवर उन्हें भविष्य में बेहतर और परिपक्व खिलाड़ी बनायेगा ।
उन्होंने कहा, 'फिलहाल तो निराशा ही है। आप विजेता का पदक लेना चाहते हैं लेकिन बाद में चेंजिंग रूम में हम अपने गले में पदक पहनकर लौटे तो लगा कि यह हमसे कोई नहीं छीन सकता । हमने विश्व कप फाइनल खेला जो गर्व की बात है।'
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)
स्टोक्स ने डेली टेलीग्राफ से कहा, 'मुझे लगा कि मैं अभी अभी विश्व कप गंवा चुका हूं । मुझे यकीन ही नहीं हुआ । मुझे समझ में नहीं आया कि क्या करूं । मुझे अपने पैर जमीन पर दोबारा रखने में काफी समय लगा। मैं पैर उठाना ही नहीं चाह रहा था। लग रहा था कि आसमान मेरे सिर पर गिर गया है।' उन्होंने कहा ,'मैच खत्म होने के 40 मिनट बाद तक भी मुझे समझ में नहीं आया कि क्या करूं। मुझे फिर मैदान पर आकर अपना पदक लेना था और सारे भाषण सुनने थे। मुझे पता था कि कैमरों का रुख मेरे चेहरे पर होगा । मैं दुखी था लेकिन यह जाहिर नहीं करना चाहता था।' स्टोक्स ने कहा कि यह आखिरी ओवर उन्हें भविष्य में बेहतर और परिपक्व खिलाड़ी बनायेगा ।
उन्होंने कहा, 'फिलहाल तो निराशा ही है। आप विजेता का पदक लेना चाहते हैं लेकिन बाद में चेंजिंग रूम में हम अपने गले में पदक पहनकर लौटे तो लगा कि यह हमसे कोई नहीं छीन सकता । हमने विश्व कप फाइनल खेला जो गर्व की बात है।'
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