सिडनी:
टीम में मतभेद की अटकलों से जूझ रही भारतीय टीम फिर से बल्लेबाजों के लचर प्रदर्शन के कारण अहम मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया से 87 रन से हारकर त्रिकोणीय एकदिवसीय क्रिकेट शृंखला की खिताबी दौड़ से लगभग बाहर हो गई।
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस जीत से अंक तालिका में सात मैचों में चार जीत से 19 अंक लेकर शीर्ष पर पहुंच गई है। भारत के 10 अंक हैं और अगर-मगर में सकारात्मक परिणाम हासिल करने पर ही वह फाइनल में पहुंच पाएगा। अगर वह 28 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ बोनस अंक हासिल करता है और ऑस्ट्रेलिया 2 मार्च को अंतिम लीग मैच में श्रीलंका को हरा देता है, तो भारत फाइनल में पहुंच सकता है। श्रीलंका के अभी 15 अंक हैं और उसका रन रेट भारत से काफी बेहतर है। श्रीलंका का नेट रन रेट प्लस 0.426 और भारत का माइनस 0.739 है।
भारतीय गेंदबाजों के अंतिम ओवरों में दबाव बनाने से ऑस्ट्रेलिया नौ विकेट पर 252 रन ही बना पाया, लेकिन इस लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत काफी खराब रही और उसकी पूरी टीम 39.3 ओवर में महज 165 रन पर ढेर हो गई।
भारत ने इस मैच में रोटशेन प्रणाली को नहीं अपनाया और तीनों शीर्ष बल्लेबाजों को मैदान पर उतारा, लेकिन इसका उसे कोई फायदा नहीं मिला, क्योंकि वीरेंद्र सहवाग (7), सचिन तेंदुलकर (14) और गौतम गंभीर (23) लंबी पारियां नहीं खेल पाए। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने इनके अलावा भी कोई बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सका। विराट कोहली ने 21, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 14, आर अश्विन ने 26 और इरफान पठान ने 22 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज और कार्यवाहक कप्तान शेन वाटसन, बेन हिल्फेन्हास और जेवियर डोरथी ने दो-दो, जबकि ब्रेट ली, क्लाइंट मैकाय और डेनियल क्रिस्टियन ने एक-एक विकेट हासिल किए।
2008 में ‘मंकीगेट’ घटना का गवाह रहा सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) मैदान पर भारतीयों द्वारा 24वें ओवर में डेविड हस्सी के खिलाफ ‘ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ द फील्ड’ की अपील चर्चा का विषय रही, जिसे मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर साइमन फ्राई के निर्देश पर खारिज कर दिया और फैसला बल्लेबाज के पक्ष में रहा।
भारतीय पारी के सातवें ओवर के दौरान सचिन तेंदुलकर (14) का रन आउट भी काफी तनावपूर्ण बन गया। ब्रेट ली के ओवर की अंतिम गेंद पर गंभीर ने तेंदुलकर को एक रन के लिए बुलाया और वह रन के लिए दौड़ पड़े। लेकिन रन पूरा करने के दौरान ली तेंदुलकर के रास्ते में खड़े थे और डेविड वार्नर ने उन्हें रन आउट कर दिया। तेंदुलकर ने हताशा में अपने हाथ हवा में उठाए, लेकिन स्क्वायर लेग पर खड़े अंपायर साइमन टफेल और बिली बोडेन ने चर्चा के बाद बल्लेबाज के खिलाफ फैसला सुनाया।
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी आस्ट्रेलियाई टीम 14वें ओवर में 57 रन पर तीन विकेट गंवाकर जूझ रही थी लेकिन डेविड वार्नर (68), डेविड हस्सी (54) और मैथ्यू वेड (56) के अर्धशतकों से चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही।
विनय कुमार की मांसपेशियों में खिंचाव की चोट के कारण अंतिम एकादश में शामिल प्रवीण कुमार ने शुरू में दो विकेट चटकाकर अच्छी शुरुआत दिलाई। उमेश यादव ने अंतिम दो ओवर में दो विकेट हासिल किए, लेकिन सहवाग आश्चर्यजनक पैकेज साबित हुए, जिन्होंने अपने नौ ओवर में 43 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। अंतिम 10 ओवर में भारत ने केवल 47 रन ही खर्च किए। प्रवीण ने पहला ओवर मेडन फेंका और फिर वाटसन (1) और पीटर फोरेस्ट (7) को सस्ते में पैवेलियन की राह दिखाई। उन्होंने सात ओवर में 22 रन देकर दो विकेट प्राप्त किए।
वाटसन ने प्रवीण की शॉर्ट पिच गेंद को पुल किया, जो मिड ऑन में खड़े क्षेत्ररक्षक उमेश यादव के हाथों में चली गई, जबकि फोरेस्ट ने उछलती हुई गेंद को कट करने का प्रयास किया, जो उनके काफी करीब थी और यह सीधे उनके स्टंप उखाड़ गई। वार्नर और माइक हस्सी (10) ने शुरुआती झटकों की भरपाई करने की कोशिश की, लेकिन माइक हस्सी दूसरा रन लेने की गफलत में रन आउट हो गए। उन्होंने आर अश्विन की गेंद को लॉन्ग ऑफ की तरफ भेजा और अपने जोड़ीदार वार्नर की सहमति से दूसरा रन लेने के प्रयास में दौड़ पड़े। लेकिन वार्नर ने इरादा बदल दिया और हस्सी वापस नान स्ट्राइकर क्रीज पर लौटने की स्थिति में नहीं थे।
क्षेत्ररक्षक पठान ने अच्छा थ्रो फेंका और अश्विन ने उन्हें आउट करने में जरा भी देरी नहीं की। इस समय 14वें ओवर तक ऑस्ट्रेलिया ने 57 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। भारत ने 15वें ओवर में मध्यम गति के गेंदबाज यादव को लगाया और यहीं टीम की पकड़ ढीली हो गई। यादव ने अपने दो ओवर में 20 रन गंवाए और इसी दौरान वार्नर ने उनकी गेंद पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया, जिसके लिए उन्होंने 48 गेंद का सामना किया और पांच चौके लगाए।
जैसे ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पारी के 100 रन पूरे किए, वार्नर 21वें ओवर में रवींद्र जडेजा की गेंद को स्वीप करने के चक्कर में सुरेश रैना को कैच दे बैठे। रैना और पठान दोनों इस कैच को लपकने की कोशिश में जोर से टकरा भी गए, हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी। वार्नर ने अपनी पारी में 66 गेंद में सात चौके की मदद से 68 रन जोड़े, उनके आउट होने पर ऑस्ट्रेलिया 107 रन पर चार विकेट गंवाकर मुश्किल में था। इसके बाद 'ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ द फील्ड' की अपील आस्ट्रेलिया के पक्ष में गई।
वेड और डेविड हस्सी ने इसके बाद बेहतरीन स्ट्रोक लगाकर टीम को इस कठिन स्थिति से बाहर निकाला। इसी दौरान वेड ने अश्विन की गेंद पर मिडविकेट पर गगनचुंबी छक्का लगाकर अर्धशतक पूरा किया। हालांकि बायें हाथ के बल्लेबाज वेड 40वें ओवर में यादव की गेंद पर विकेट के पीछे धोनी को आसान कैच देकर आउट हो गए। उन्होंने 66 गेंद में दो चौके और एक छक्के से 56 रन बनाए। उन्होंने डेविड हस्सी के साथ पांचवें विकेट के लिए 110 गेंद में 94 रन की भागीदारी की। डेविड हस्सी ने इसी ओवर में 58 गेंद में दो चौके की मदद से अपने 50 रन पूरे किए और ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस ओवर के समाप्त होने तक पांच विकेट पर 205 रन बना लिए।
यादव ने जूनियर हस्सी का विकेट हासिल किया, जो उनकी गेंद पर धोनी को कैच देकर आउट हुए। उन्होंने 64 गेंद में दो चौके से 54 रन बनाए। लगातार दो विकेट गंवाने से ऑस्ट्रेलियाई टीम परेशानी में थी, तभी सहवाग ने 44वें ओवर में क्लाइंट मैकाय को शिकार बनाया, जिन्हें धोनी ने सफलतापूर्वक स्टंप आउट किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अंतिम तीन विकेट 23 गेंद में 16 रन के अंदर गंवा दिए। सहवाग ने अंत में ब्रेट ली (4) और फिर डेनियल क्रिस्टियन (24) के विकेट प्राप्त किए।
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस जीत से अंक तालिका में सात मैचों में चार जीत से 19 अंक लेकर शीर्ष पर पहुंच गई है। भारत के 10 अंक हैं और अगर-मगर में सकारात्मक परिणाम हासिल करने पर ही वह फाइनल में पहुंच पाएगा। अगर वह 28 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ बोनस अंक हासिल करता है और ऑस्ट्रेलिया 2 मार्च को अंतिम लीग मैच में श्रीलंका को हरा देता है, तो भारत फाइनल में पहुंच सकता है। श्रीलंका के अभी 15 अंक हैं और उसका रन रेट भारत से काफी बेहतर है। श्रीलंका का नेट रन रेट प्लस 0.426 और भारत का माइनस 0.739 है।
भारतीय गेंदबाजों के अंतिम ओवरों में दबाव बनाने से ऑस्ट्रेलिया नौ विकेट पर 252 रन ही बना पाया, लेकिन इस लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत काफी खराब रही और उसकी पूरी टीम 39.3 ओवर में महज 165 रन पर ढेर हो गई।
भारत ने इस मैच में रोटशेन प्रणाली को नहीं अपनाया और तीनों शीर्ष बल्लेबाजों को मैदान पर उतारा, लेकिन इसका उसे कोई फायदा नहीं मिला, क्योंकि वीरेंद्र सहवाग (7), सचिन तेंदुलकर (14) और गौतम गंभीर (23) लंबी पारियां नहीं खेल पाए। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने इनके अलावा भी कोई बल्लेबाज ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सका। विराट कोहली ने 21, कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने 14, आर अश्विन ने 26 और इरफान पठान ने 22 रन बनाए।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज और कार्यवाहक कप्तान शेन वाटसन, बेन हिल्फेन्हास और जेवियर डोरथी ने दो-दो, जबकि ब्रेट ली, क्लाइंट मैकाय और डेनियल क्रिस्टियन ने एक-एक विकेट हासिल किए।
2008 में ‘मंकीगेट’ घटना का गवाह रहा सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (एससीजी) मैदान पर भारतीयों द्वारा 24वें ओवर में डेविड हस्सी के खिलाफ ‘ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ द फील्ड’ की अपील चर्चा का विषय रही, जिसे मैदानी अंपायरों ने तीसरे अंपायर साइमन फ्राई के निर्देश पर खारिज कर दिया और फैसला बल्लेबाज के पक्ष में रहा।
भारतीय पारी के सातवें ओवर के दौरान सचिन तेंदुलकर (14) का रन आउट भी काफी तनावपूर्ण बन गया। ब्रेट ली के ओवर की अंतिम गेंद पर गंभीर ने तेंदुलकर को एक रन के लिए बुलाया और वह रन के लिए दौड़ पड़े। लेकिन रन पूरा करने के दौरान ली तेंदुलकर के रास्ते में खड़े थे और डेविड वार्नर ने उन्हें रन आउट कर दिया। तेंदुलकर ने हताशा में अपने हाथ हवा में उठाए, लेकिन स्क्वायर लेग पर खड़े अंपायर साइमन टफेल और बिली बोडेन ने चर्चा के बाद बल्लेबाज के खिलाफ फैसला सुनाया।
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी आस्ट्रेलियाई टीम 14वें ओवर में 57 रन पर तीन विकेट गंवाकर जूझ रही थी लेकिन डेविड वार्नर (68), डेविड हस्सी (54) और मैथ्यू वेड (56) के अर्धशतकों से चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही।
विनय कुमार की मांसपेशियों में खिंचाव की चोट के कारण अंतिम एकादश में शामिल प्रवीण कुमार ने शुरू में दो विकेट चटकाकर अच्छी शुरुआत दिलाई। उमेश यादव ने अंतिम दो ओवर में दो विकेट हासिल किए, लेकिन सहवाग आश्चर्यजनक पैकेज साबित हुए, जिन्होंने अपने नौ ओवर में 43 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। अंतिम 10 ओवर में भारत ने केवल 47 रन ही खर्च किए। प्रवीण ने पहला ओवर मेडन फेंका और फिर वाटसन (1) और पीटर फोरेस्ट (7) को सस्ते में पैवेलियन की राह दिखाई। उन्होंने सात ओवर में 22 रन देकर दो विकेट प्राप्त किए।
वाटसन ने प्रवीण की शॉर्ट पिच गेंद को पुल किया, जो मिड ऑन में खड़े क्षेत्ररक्षक उमेश यादव के हाथों में चली गई, जबकि फोरेस्ट ने उछलती हुई गेंद को कट करने का प्रयास किया, जो उनके काफी करीब थी और यह सीधे उनके स्टंप उखाड़ गई। वार्नर और माइक हस्सी (10) ने शुरुआती झटकों की भरपाई करने की कोशिश की, लेकिन माइक हस्सी दूसरा रन लेने की गफलत में रन आउट हो गए। उन्होंने आर अश्विन की गेंद को लॉन्ग ऑफ की तरफ भेजा और अपने जोड़ीदार वार्नर की सहमति से दूसरा रन लेने के प्रयास में दौड़ पड़े। लेकिन वार्नर ने इरादा बदल दिया और हस्सी वापस नान स्ट्राइकर क्रीज पर लौटने की स्थिति में नहीं थे।
क्षेत्ररक्षक पठान ने अच्छा थ्रो फेंका और अश्विन ने उन्हें आउट करने में जरा भी देरी नहीं की। इस समय 14वें ओवर तक ऑस्ट्रेलिया ने 57 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। भारत ने 15वें ओवर में मध्यम गति के गेंदबाज यादव को लगाया और यहीं टीम की पकड़ ढीली हो गई। यादव ने अपने दो ओवर में 20 रन गंवाए और इसी दौरान वार्नर ने उनकी गेंद पर चौका लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया, जिसके लिए उन्होंने 48 गेंद का सामना किया और पांच चौके लगाए।
जैसे ही ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पारी के 100 रन पूरे किए, वार्नर 21वें ओवर में रवींद्र जडेजा की गेंद को स्वीप करने के चक्कर में सुरेश रैना को कैच दे बैठे। रैना और पठान दोनों इस कैच को लपकने की कोशिश में जोर से टकरा भी गए, हालांकि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी। वार्नर ने अपनी पारी में 66 गेंद में सात चौके की मदद से 68 रन जोड़े, उनके आउट होने पर ऑस्ट्रेलिया 107 रन पर चार विकेट गंवाकर मुश्किल में था। इसके बाद 'ऑब्स्ट्रक्शन ऑफ द फील्ड' की अपील आस्ट्रेलिया के पक्ष में गई।
वेड और डेविड हस्सी ने इसके बाद बेहतरीन स्ट्रोक लगाकर टीम को इस कठिन स्थिति से बाहर निकाला। इसी दौरान वेड ने अश्विन की गेंद पर मिडविकेट पर गगनचुंबी छक्का लगाकर अर्धशतक पूरा किया। हालांकि बायें हाथ के बल्लेबाज वेड 40वें ओवर में यादव की गेंद पर विकेट के पीछे धोनी को आसान कैच देकर आउट हो गए। उन्होंने 66 गेंद में दो चौके और एक छक्के से 56 रन बनाए। उन्होंने डेविड हस्सी के साथ पांचवें विकेट के लिए 110 गेंद में 94 रन की भागीदारी की। डेविड हस्सी ने इसी ओवर में 58 गेंद में दो चौके की मदद से अपने 50 रन पूरे किए और ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस ओवर के समाप्त होने तक पांच विकेट पर 205 रन बना लिए।
यादव ने जूनियर हस्सी का विकेट हासिल किया, जो उनकी गेंद पर धोनी को कैच देकर आउट हुए। उन्होंने 64 गेंद में दो चौके से 54 रन बनाए। लगातार दो विकेट गंवाने से ऑस्ट्रेलियाई टीम परेशानी में थी, तभी सहवाग ने 44वें ओवर में क्लाइंट मैकाय को शिकार बनाया, जिन्हें धोनी ने सफलतापूर्वक स्टंप आउट किया। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अंतिम तीन विकेट 23 गेंद में 16 रन के अंदर गंवा दिए। सहवाग ने अंत में ब्रेट ली (4) और फिर डेनियल क्रिस्टियन (24) के विकेट प्राप्त किए।
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