Sunil Gavaskar Suggestion for No Ball: हाल ही में देखने में आया है कि टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल की संख्या खासी तेजी से बढ़ी है. हमने श्रीलंका के खिलाफ खत्म हुई टेस्ट सीरीज में देखा कि रवींद्र जडेजा और सारांश जैन ने अच्छी-खासी नोबबॉल फेंकी. इससे इतर इस तरह के सुझाव विद्धानों ने आईसीसी को दिए थे कि टेस्ट में भी व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तर्ज पर नो-बॉल होने पर बैटिंग वाली टीम को फ्री-हिट दिया जाए. लेकिन अब महान गावस्कर ने इस सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया है. गावस्कर ने कहा कि खेल के सबसे लंबे प्रारूप में बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और आसान नहीं बनाया जाना चाहिए.दरअसल भारत के स्पिन गेंदबाजी कोच सैराज बहुतुले ने भी मजाक में सुझाव दिया था कि नो-बॉल के बाद फ्री-हिट देने से गेंदबाज पैर आगे निकालने (ओवरस्टेपिंग) की गलती करने से बच सकते हैं.
क्या गावस्कर की बात मानी जाएगी?
इसी पर गावस्कर ने मैकजीन के लिए लेख में कहा, 'भारतीय टीम के स्पिन कोच ने मजाक में कहा कि नो-बॉल के बाद फ्री-हिट देने से इस अपराध (गलती) को रोका जा सकता है. लेकिन कृपया, टेस्ट क्रिकेट में रन बनाने को और आसान मत बनाइए. खेल का यह प्रारूप पहले ही बल्लेबाजों के बहुत ज्यादा मुफीद हो चुका है.' फ्री-हिट का समर्थन करने के बजाय, गावस्कर ने नो-बॉल की समस्या पर लगाम लगाने के लिए एक कड़ा समाधान प्रस्तावित किया. उन्होंने सुझाव दिया कि नो-बॉल फेंकने वाले गेंदबाजों के साथ-साथ टीम के गेंदबाजी कोच पर भी आर्थिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए.
क्या सनी के सुझाव व्यावहारिक है?
गावस्कर ने अपने कॉलम में लिखा, 'इस समस्या से निपटने का सबसे व्यावहारिक तरीका यह है कि प्रत्येक नो-बॉल पर गेंदबाज पर जुर्माना लगाया जाए. इतना ही नहीं हर नो-बॉल के लिए गेंदबाजी कोच पर भी जुर्माना होना चाहिए. जब बात जेब पर आएगी, तो गेंदबाज क्रीज के पीछे से गेंदबाजी करना सीख जाएंगे और गेंदबाजी कोच भी नेट सत्रों में इस पर अधिक ध्यान देना शुरू कर देंगे.'
फ्रंट-फुट का नो-बॉल नियम
21.5.वैधानिक रूप से सही गेंद: आईसीसी की प्लेइंग कंडीशन के इस नियम के तहत पैर की स्थिति पैरों के संबंध में किसी गेंद को वैधानिक रूप से सही मानने के लिए बॉलर की डिलीवरी स्ट्राइड इस प्रकार होनी चाहिए. गेंदबाजी की स्ट्राइड के दौरान:
21.5.2. गेंदबाज का अगला पैर इस प्रकार उतरना चाहिए कि पैर का कुछ हिस्सा, चाहे वह जमीन पर टिका हो या हवा में उठा हो:
दोनों मध्य स्टंप्स को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखा के उसी तरफ हो, जिस तरफ खंड 21.5.1 में वर्णित रिटर्न क्रीज है. साथ ही, यह पॉपिंग क्रीज के भी पीछे हो
F & Q: frequently Asked Questions
Q1. टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल पर फ्री-हिट देने के सुझाव पर सुनील गावस्कर की क्या प्रतिक्रिया है?
उत्तर: सुनील गावस्कर ने टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल पर फ्री-हिट देने के सुझाव को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका मानना है कि टेस्ट क्रिकेट पहले से ही बल्लेबाजों के बहुत मुफीद हो चुका है, इसलिए इसमें बल्लेबाजों के लिए रन बनाना और ज्यादा आसान नहीं बनाया जाना चाहिए।
Q2. टेस्ट में नो-बॉल रोकने के लिए टीम इंडिया के स्पिन कोच सैराज बहुतुले ने क्या सुझाव दिया था?
उत्तर: भारतीय टीम के स्पिन गेंदबाजी कोच सैराज बहुतुले ने मजाक में सुझाव दिया था कि वनडे और टी20 (व्हाइट-बॉल क्रिकेट) की तर्ज पर टेस्ट में भी नो-बॉल के बाद फ्री-हिट देने से गेंदबाज पैर आगे निकालने (ओवरस्टेपिंग) की गलती करने से बच सकते हैं।
Q3. हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में किन भारतीय गेंदबाजों द्वारा ज्यादा नो-बॉल फेंकने का जिक्र है?
उत्तर: श्रीलंका के खिलाफ खत्म हुई टेस्ट सीरीज के दौरान भारतीय स्पिनर रवींद्र जडेजा और सारांश जैन द्वारा अच्छी-खासी संख्या में नो-बॉल फेंकी गई थी.
Q4. सुनील गावस्कर ने नो-बॉल की समस्या को रोकने के लिए क्या व्यावहारिक सुझाव दिया है?
उत्तर: गावस्कर ने सुझाव दिया है कि प्रत्येक नो-बॉल फेंकने पर संबंधित गेंदबाज के साथ-साथ टीम के गेंदबाजी कोच पर भी आर्थिक जुर्माना लगाया जाना चाहिए.
Q5. गावस्कर के अनुसार गेंदबाजों और कोचों पर जुर्माना लगाने से क्या बदलाव आएगा?
उत्तर: गावस्कर का मानना है कि जब जेब पर बात आएगी, तो गेंदबाज क्रीज के पीछे रहकर गेंदबाजी करना सीख जाएंगे और गेंदबाजी कोच भी नेट प्रैक्टिस के दौरान नो-बॉल की समस्या पर अधिक ध्यान देना शुरू कर देंगे
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