भारत-वेस्टइंडीज के बीच पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों की सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म हुई. दोनों टीमों ने ट्रॉफी शेयर की, क्योंकि शानिवार को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में हुआ सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला बारिश के चलते रद्द हुआ. सीरीज के ड्रॉ पर खत्म होने के बाद श्रेयस अय्यर ने गेंदबाजी पर सवाल उठाए और कहा कि अगर गेंदबाजी थोड़ी बेहतर होती तो नतीजा कुछ और हो सकता था. पूरी सीरीज के दौरान लगभग सभी मैचों में भारत की गेंदबाजी खराब रही. वेस्टइंडीज ने अपनी चार पारियों में से तीन में 200 से ज्यादा रन बनाए. इसके बाद पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर का मानना है कि भारत का आठ बल्लेबाजों के साथ उतरना कोई समझदारी नहीं थी, क्योंकि इससे टीम की गेंदबाजी कमजोर हो गई.
सुनील गावस्कर ने सुझाव दिया कि भारत को अपनी टीम में चार विशेषज्ञ गेंदबाजों को शामिल करना चाहिए, और उनका साथ देने के लिए दो ऑलराउंडर रखने चाहिए. पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि अक्षर और नमन धीर इन चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ मिलकर भारत की गेंदबाजी को और अधिक मजबूत बना सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हार्दिक पांड्या का बिल्कुल उनके जैसा विकल्प खोजने के चक्कर में भारत को बहुत ज्यादा नहीं सोचना चाहिए.
सुनील गावस्कर ने मैच के दौरान ब्रॉडकास्ट से कहा,"भारत को कम से कम 4 नियमित गेंदबाजों के साथ खेलना चाहिए, और साथ ही 5वें और 6वें नंबर पर ऐसे ऑलराउंडर होने चाहिए जो बल्लेबाजी भी कर सकें - जैसे कि अक्षर पटेल और नमन धीर. मुझे लगता है कि कभी-कभी हम हार्दिक पांड्या का विकल्प खोजने के चक्कर में कुछ ज्यादा ही सोचने लगते हैं. हार्दिक की जगह कोई नहीं ले सकता. अगर आपको उनके स्तर का कोई खिलाड़ी नहीं मिल रहा है, तो किसी ऐसे खिलाड़ी को चुनें जो कुछ अलग तरह की भूमिका निभा सके. नमन धीर वही काम कर रहे हैं. मुझे लगता है कि भारत को यही करने की जरूरत है." उन्होंने आगे कहा,"अक्षर पटेल आपके 5वें नियमित गेंदबाज हैं. अगर आप 8वें नंबर तक बल्लेबाजी को प्राथमिकता देते हैं, तो आपकी गेंदबाजी कमजोर हो जाती है, और यहीं पर आप मात खा जाते हैं."
बता दें, श्रेयस अय्यर की भारतीय टीम ने पूरी सीरीज के ज्यादातर मैचों में केवल तीन विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ खेलने का फैसला किया. सीरीज के चौथे T20I में, जब वेस्टइंडीज ने आखिरी बार बल्लेबाजी की, तब मयंक यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव ही टीम के पूर्णकालिक गेंदबाज थे. जबकि आखिरी मुकाबले में भुवी की वापसी हुई थी. इस दौरान उन्हें ऑलराउंडर नीतीश रेड्डी, अक्षर पटेल और नमन धीर का भी साथ मिला, जिससे भारत के पास कुल छह गेंदबाजी विकल्प हो गए. टीम संयोजन के चुनाव का असर भारत की गेंदबाजी की गहराई पर पड़ा, जिसका फायदा उठाकर वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने जमकर रन बटोरे.
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