श्रीलंका के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ परवेज़ महरूफ ने कहा है कि संन्यास ले चुके ऑफ़-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन की गैरमौजूदगी शनिवार से गॉल में शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की आगामी श्रृंखला में भारत के लिए एक बहुत बड़ा फ़ैक्टर (कारक) साबित होगी. इसके साथ ही महरुफ ने सुझाव दिया कि द्वीप राष्ट्र में रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार की स्पिन त्रिमूर्ति भारत के लिए एक आदर्श स्पिन-गेंदबाजी संयोजन बन सकती है. भारत में 2024 में न्यूजीलैंड और 2025 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई दो हालिया प्रमुख घरेलू श्रृंखलाओं में, भारतीय स्पिनर विदेशी स्पिनरों के सामने फीके पड़ते नजर आए थे. श्रीलंका की परिस्थितियां स्पिन-अनुकूल रहने की उम्मीद के साथ उनके स्पिनरों के असर और टैलेंट की कड़ी परीक्षा होगी.
'क्यों खलेगी अश्विन की कमी, डिटेल से बताया'
उन्होंने कहा, 'अश्विन के बारे में मुझे लगता है कि उनकी कमी बहुत ज्यादा खलने वाली है. मेरा मतलब है, केवल रवि अश्विन ही नहीं, बल्कि विराट, रोहित जैसे बल्लेबाजों और गेंद से जसप्रीत (बुमराह) की भी कमी खलेगी। मुझे लगता है कि ये खिलाड़ी इस खेल के दिग्गज हैं. उनके रिकॉर्ड खुद बोलते हैं. आंकड़े बेहतरीन हैं और रवि अश्विन ने जब भी श्रीलंका का दौरा किया उन्होंने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया.' पूर्व ऑलराउंडर ने कहा, 'ऐसा इसलिए है क्योंकि श्रीलंका में आप सभी केवल टर्न (गेंद के घूमने) की बात करते हैं. लेकिन अगर आप गहराई से देखें, तो यह उछाल ही है जो स्पिनरों के लिए विकेट निकालता है. इसलिए, रवि अश्विन इस टीम में इन परिस्थितियों में गेंदबाजी करने के लिए आदर्श उम्मीदवार होते. वॉशिंगटन सुंदर की कमी भी बहुत महसूस होगी क्योंकि अगर पिच टर्नर (ज्यादा घूमने वाली) होती है, तो वह भी उछाल हासिल कर सकते थे.
'अश्विन की जगह भरना मुश्किल'
महरूफ ने कहा, 'इसलिए, उनकी भी भारी कमी खलेगी. कुल मिलाकर, रवि अश्विन की जगह भरना बहुत मुश्किल है. आंकड़े खुद सब बयां करते हैं. न केवल उनकी गेंदबाजी क्षमता के लिए, बल्कि छठे नंबर के बल्लेबाज के रूप में उनकी बल्लेबाजी क्षमता के लिए भी.' वैसे महरूफ ने कहा कि हाल ही में अफागनिस्तान के खिलाफ पहले ही टेस्ट में 5 विकेट लेने वाले लेफ्टी स्पिनर मानव सुथार गॉल की पिच से उछाल हासिल कर सकते हैं. सुथार ने कोलंबो में अभ्यास मैच में भी अच्छा प्रदर्शन किया.
'क्या भारत 3 लेफ्टआर्म स्पिनरों के साथ उतरेगा?'
उन्होंने कहा, 'भारतीय टीम के बाकी स्पिनरों के बारे में बात करें तो, मुझे वास्तव में पसंद आया कि कैसे मानव सुथार ने कुछ महीने पहले अफगानिस्तान के खिलाफ पदार्पण किया और अभ्यास मैच में भी कैसी गेंदबाजी की. उनकी गति और उछाल मुझे बहुत पसंद आए लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या भारत एक ही टीम में रवि जडेजा और मानव सुथार को खिलाएगा? क्या आदर्श रूप से दो बाएं हाथ के स्पिनर खेलेंगे? अगर आप मुझसे पूछें, तो मुझे दो बाएं हाथ के स्पिनरों के साथ-साथ कुलदीप यादव के साथ जाने का लालच होगा.'
'प्रभात श्रीलंका के बड़े हथियार होंगे'
गॉल में गेंदबाजी की चुनौती पर बात करते हुए, महरूफ़ ने बताया कि स्थानीय हवा की स्थितियों के अनुकूल ढलना भारतीय धीमे गेंदबाजों के लिए महत्वपूर्ण होगा, जबकि उन्होंने श्रीलंकाई बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या को मेजबान टीम के मुख्य स्पिन-गेंदबाजी हथियार के रूप में चुना. परवेज बोले, 'प्रभात जयसूर्या मुख्य हथियार होने जा रहे हैं, यह तो पक्का ह. हमने उन्हें 'किंग ऑफ गॉल' का उपनाम दिया है क्योंकि उन्होंने गॉल में बहुत सारे विकेट लिए हैं. वह हवा के अनुकूल गेंदबाजी करना जानते हैं क्योंकि गॉल में हवा एक बड़ा कारक होने जा रही है, खासकर उस ड्रिफ्ट (हवा में गेंद के तैरने) के कारण जो स्पिनरों को मदद कर सकती है.'
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