Gautam Gambhir's red-ball's report card: साल 2024 में बीसीसीआई ने गौतम गंभीर के साथ तीन साल का करार दिया था. यह फैसला 'दिन की समाप्ति' पर कितना सही साबित होगा, यह तो समय ही बताएगा, लेकिन अभी तक जो सफर रहा है, वह फिफ्टी-फिफ्टी सरीखा रहा है. जब बात व्हाइट-बॉल फॉर्मेट की आती है, तो अच्छा रहा है. हालांकि, गौतम की गाड़ी पिछले दिनों आयरलैंड और फिर इंग्लैंड दौरे में बुरी तरह फिसल गई, लेकिन रेड-बॉल की कहानी तो उससे भी और कहीं खराब है. बहुत ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट होने का असर बल्लेबाजों की बैटिंग और तकनीकी कौशल पर साफ दिखा है. 2024 में न्यूजीलैंड दौरा उसका एक अच्छा उदाहरण है. बहरहाल, अब गौतम के सिर पर 'गंभीर चुनौती' मुंह उठाए खड़ी है क्योंकि अब यहां से हर कोई गंभीर एंड कंपनी से WTC Final का हिसाब मांगेगा. और जो अभी तक का रिपोर्टकार्ड है, वह चिंता और सवाल दोनों खड़े कर रहा है. चलिए डिटेल से जानें कि अभी तक के रेड-बॉल फॉर्मेट में गंभीर कहां खड़े हैं और उनके कितने प्रतिशत नंबर हैं
गौतम का अभी तक गंभीर रिकॉर्ड!
साल 2024 में बतौर हेड कोच का कार्यभार संभालने वाले गंभीर के मार्गदर्शन में भारत ने अभी तक 10 टेस्ट मैच खेले हैं. इसमें टीम इंडिया ने 4 में जीत दर्ज की है, तो 5 में उसे हार मिली है, जबकि एक मैच ड्रॉ छूटा है.
गंभीर के सफर का ब्रेक-अप
भारत बनाम बांग्लादेश (घरेलू सीरीज़: सितंबर/अक्टूबर 2024)
परिणाम: भारत 2 - 0 से जीता
मैच: 2
जीत: 2 (चेन्नई/ कानपुर)
हार: 0
ड्रॉ: 0
प्रदर्शन: 100% जीत
2. भारत बनाम न्यूजीलैंड (घरेलू सीरीज़: अक्टूबर/नवंबर 2024)
परिणाम: न्यूजीलैंड 3 - 0 से जीता (भारत में पहली बार क्ललीन स्वीप)
मैच: 3
जीत: 0
हार: 3 (बेंगलुरु, पुणे, मुंबई)
ड्रॉ: 0
प्रदर्शन: 0% जीत
3. भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया
(बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी - नवंबर 2024 से जनवरी 2025)
परिणाम: भारत 2 - 2 से सीरीज़ ड्रॉ (1 मैच ड्रॉ)
मैच: 5
जीत: 2 (पर्थ, मेलबर्न)
हार: 2 (अडलेड, सिडनी)
ड्रॉ: 1 (ब्रिसबेन)
प्रदर्शन: 40% जीत
प्रतिशत आधारित परिणाम
सफलता दर (\%)} = जीत+ड्रॉ+हार/कुल मैच गुणा (*) 100
जीत का पूरा मूल्य मानक 1, ड्रॉ का 0.5 और हार का 0.0 है. और इस फॉमूले और मानक पर गौतम गंभीर को रेड-बॉल फॉर्मेट में अभी तक 45 प्रतिशत सफलता ही मिली है. और इस प्रतिशत के लिहाज से भारतीय हेड कोच फिलहाल सेकेंड डिवीजन के एकदम लाइन पर खड़े हैं. यहां से प्रदर्शन खराब हुआ नहीं कि यह प्रतिशत भी थर्ड डिवीजन में तब्दील होते देर नहीं ही लगेगी.
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