
लाहौर:
टेस्ट मैच में स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सलमान बट्ट सात महीने की जेल की सजा काटकर स्वदेश लौट आए हैं।
एक वेबसाइट के मुताबिक, बट्ट शुक्रवार तड़के 2.30 बजे लाहौर हवाई अड्डे पर पहुंचे। हवाईअड्डे लॉबी से निकलकर बट्ट ने संवाददाताओं से बात की। बट्ट ने कहा कि वह किसी भी प्रकार की स्पॉट फिक्सिंग में शामिल नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि जब उनके पास इसका प्रस्ताव आया था तो उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) को सूचित नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि 27 वर्षीय बट्ट को 30 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्हें गुरुवार को ब्रिटेन की कैंटरबरी जेल से रिहा करके पाकिस्तान प्रत्यर्पित कर दिया गया था। बट्ट की रिहाई से पहले इस मामले में दो अन्य पाकिस्तानी खिलाड़ियों मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर को रिहा कर दिया गया था। तीनों पाकिस्तानी खिलाड़ी वर्ष 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच में स्पॉट फिक्सिंग करने के दोषी पाए गए थे।
एक वेबसाइट के मुताबिक, बट्ट शुक्रवार तड़के 2.30 बजे लाहौर हवाई अड्डे पर पहुंचे। हवाईअड्डे लॉबी से निकलकर बट्ट ने संवाददाताओं से बात की। बट्ट ने कहा कि वह किसी भी प्रकार की स्पॉट फिक्सिंग में शामिल नहीं थे, लेकिन उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि जब उनके पास इसका प्रस्ताव आया था तो उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद् (आईसीसी) को सूचित नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि 27 वर्षीय बट्ट को 30 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन्हें गुरुवार को ब्रिटेन की कैंटरबरी जेल से रिहा करके पाकिस्तान प्रत्यर्पित कर दिया गया था। बट्ट की रिहाई से पहले इस मामले में दो अन्य पाकिस्तानी खिलाड़ियों मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद आमेर को रिहा कर दिया गया था। तीनों पाकिस्तानी खिलाड़ी वर्ष 2010 में इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट मैच में स्पॉट फिक्सिंग करने के दोषी पाए गए थे।
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