पिछले दो सीजन लखनऊ सुपर जॉयंट्स (LSG) के साथ गुजारने के बाद पूर्व कप्तान ऋषभ पंत (Rishabh Pant) अब दिल्ली कैपिल्स (Delhi Capitals) की संपत्ति बन चुके हैं. मंगलवार को हुए ट्रेड के साथ ही कुलदीप यादव लखनऊ का हिस्सा बन गए, जबकि पंत दिल्ली का. लखनऊ के लिए पिछले दो साल के प्रदर्शन को देखते हुए किसी के लिए भी समझने के लिए आसान था कि ऋषभ को दिल्ली से लखनऊ जितनी फीस तो बिल्कुल भी नहीं मिलने जा रही और यही हुआ. सुपर जॉयंट्स से पिछले दो साल के दौरान हर साल 27 करोड़ रुपये की फीस पाने वाले ऋषभ का सौदा दिल्ली के साथ 15 करोड़ रुपये की फीस पर हुआ. पंत के लखनऊ के साथ तनाव की खबरें बीच आईपीएल ही आने लगी थीं. मैच के बाद कभी पंत ने एक अलग लाइन पर बयान दिया, तो मीडिया रिपोर्ट में ऋषभ को कप्तानी तक से हटाने की बात आईं. कुल मिलाकर यह ऋषभ का बहुत ज्यादा खराब प्रदर्शन के साथ टीम की स्थिति भी एक वजह रही कि लखनऊ प्रबंधन के लिए पंत को हटाना मजबूरी बन गया. कुल मिलाकर ऋषभ सुपर जॉयंट्स के लिए बहुत ही महंगा सौदा साबित हुए. चलिए डिटेल से जानिए पंत की लखनऊ सुपर जॉयंट्स और पंत के रिश्ते की कहानी जानिए
संजीव गोयनका की चाल ने किया हैरान
साल 2025 की मेगा ऑक्शन में पंत को लेकर लखनऊ और हैदराबाद के बीच खासी रेस चली थी. आखिरी पलों में दिल्ली ने हैदारबाद के 20.50 करोड़ पर दांव चलते हुए 20.75 करोड़ रुपये की बोली लगाई, लेकिन इसी प्वाइंट लखनऊ के मालिक संजीव गोयनका ने 27 करोड़ रुपये की बोली लगाकर सभी को नॉकआउट कर दिया. बाद में गोयनका ने मीडिया इंटरव्यू में पंत की महंगी खरीद का यह कहते हुए भी बचाव किया कि इस लेफ्टी बल्लेबाज को कई साल को ध्यान में रखकर लिया गया है.

Photo Credit: BCCI
उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे ऋषभ
लखनऊ के लिए दो साल कप्तानी करने के दौरान ऋषभ ने कुल 28 मैच खेले. और इन मैचों में उन्होंने 26.45 के औसत और 135.66 के स्ट्राइक-रेट से 581 रन बनाए. न ही यह औसत पंत की क्षमता के हिसाब से आया और न ही स्ट्राइक-रेट. पहले सीजन के 14 मैचों में औसत 24.45 और स्ट्राइक-रेट 133.16 का रहा, तो इस साल ये दोनों ही बातें थोड़ी और बेहतर हुईं 28.36 और 138.05 पर आ गईं. लेकिन लखनऊ की हालत ऐसी रही कि वह 14 में से सिर्फ 4 ही मैच जीतकर प्वाइंट्स टेबल में सबसे फिसड्डी रही, जबकि 2025 में वह सातवीं पायदान पर रही थी.
विकेटकीपिंग का रिकॉर्ड और प्राइस
विकेट के पीछे दो साल में पंत ने 24 शिकार किए. इसमें 21 कैच और 3 स्टंप रहे. और अगर इनमें से प्रत्येक की कीमत उदाहरण के तौर पर 15 लाख रुपये मान ली जाए, तो कुल कीमत 3 करोड़, 60 लाख रुपये हो जाती है. इस तरह आप पंत को दो साल में मिले 54 करोड़ रुपये में से किए गए शिकार की कीमत 3.60 करोड़ घटाने पर रकम अब 50 करोड़ और 40 लाख रुपये बचती है.
लखनऊ ने चुकाई 1 रन की इतनी कीमत
पंत ने कुल मिलाकर दो साल में 581 रन बनाए. और इस तरह पंत के रनों से बची रकम यानी 50.40 करोड़ को भाग देने पर उनके एक रन की कीमत करीब आठ लाख और 67 हजार रुपये (8,67,469.87) बैठती है. इन आंकड़ों से हमने पंत की कप्तानी में टीम को मिली कुल हारों या दोनों साल में प्वाइंट्स टेबल में टीम की स्थिति को नहीं ही छुआ है. अगर ऐसा होता, तो पंत के रन की कीमत और बढ़ जाती. बहरहाल, लखनऊ के लिए ऋषभ पंत दो साल में खासा बोझ और बहुत ही महंगा सौदा साबित हुए.
दिल्ली कैपिटल्स का कर पाएंगे भला?
पंत दिल्ली के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले और सबसे सफल बल्लेबाज हैं. पंत ने साल 2016-24 तक 9 साल के दौरान खेले कुल 111 मैचों में 35.31 के औसत से 3,284 रन बनाए. उनका स्ट्राइक-रेट भी 148.93 रहा. दिल्ली से उनका मन तब उचाट हुआ, जब प्रबंधन ने अक्षर पटेल को कप्तान बनाने का फैसला किया. बहरहाल, अब जब पंत दिल्ली से फिर से जुड़े हैं, तो प्रबंधन उन्हें कप्तानी तो नहीं ही देने जा रहा. अब वह कैपिटल्स का अगले साल कितना भला कर पाएंगे, यह देखने वाली बात होगी.
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