भारत के खिलाफ धर्मशाला में शनिवार को शुरू हुई तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में पहले हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के मैदान पर बारिश जमकर बरसी. और फिर भारत के न्योता देने के बाद अफगानी विकेटकीपर रहमनुल्लाह गुरबाज. गुरबाज कभी-कभी ही बरसते हैं और उन्होंने इसके लिए शनिवार का दिन चुनते हुए 51 गेंदों पर 8 चौकों और इतने ही छक्कों से 102 रन की पारी तूफानी पारी खेल डाली. रहमनुल्लाह के बल्ले से यूं तो कई रिकॉर्ड निकलने, लेकिन इस पारी से उनका वह आंकड़ा सामने आया, जो अपने करियर में सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग जैसे बल्लेबाज भी हासिल नहीं कर सके.
यह कन्वर्जन रेट बहुत ही स्पेशल है
पहला वनडे मुकाबला साल 1971 में खेला गया था. और तब से लेकर अभी तक करीब 55 सालों में जब बात जब अर्द्धशतक पूरा करने के बाद इससे सबसे बेहतर औसत से शतक में तब्दील करने की बात आती है, तो इस मामले में रहमनुल्लाह गुरबाज की कोई सानी नहीं है. अगर इस फॉर्मेट में इस रिकॉर्ड के पहलू से कम से कम 7 शतकों के आधार पर गुरबाज का 50 से 100 तक पहुंचने में कन्वर्जन रेट या कहें औसत सर्वश्रेष्ठ रहा है. आप नजर डाल लीजिए
वनडे में 50 से 100 तक सर्वश्रेष्ठ कन्वर्जन रेट
औसत बल्लेबाज
56.25 रहमुल्लाह गुरबाज (9 शतक)
43.48 कैलम मैकलियोड (10 शतक)
42.86 डारेल मिचेल (9 शतक)
41.82 क्विंटन डी कॉक (23 शतक)
41.22 विराट कोहली (54 शतक)
वहीं, रहमनुल्लाह ने 48 गेंदों पर शतक जड़ा, तो इसी के साथ ही वह भारत के खिलाफ इतिहास में सबसे तेज शतक बनाने वाले भी बल्लेबाज बन गए. इससे पिछला रिकॉर्ड शाहिद आफरीदी के नाम पर था.
भारत के खिलाफ सबसे तेज शतक जड़ने वाले शीर्ष 5 बल्लेबाज
गेंद बल्लेबाज जगह
45 आफरीदी कानपुर (2005)
48 गुरबाज़ धर्मशाला (2026)
57 जेम्स फॉल्कनर बेंगलुरु (2013)
57 एबीडी विलियर्स मुंबई वानखेड़े (2015)
57 माइकल ब्रेसवेल हैदराबाद (2023)
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