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This Article is From Apr 13, 2016

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- संसद क्यों नहीं संभाल सकती बीसीसीआई के काम

सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- संसद क्यों नहीं संभाल सकती बीसीसीआई के काम
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली: जस्टिस आर एम लोढ़ा समिति की कुछ अहम सिफारिशों को लागू करने में बीसीसीआई और इसके पूर्णकालिक सदस्यों द्वारा लगातार रोड़े अटकाए जाने के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्या सरकार संसद में नियम बनाकर क्रिकेट से जुड़े सार्वजनिक कार्यों को अपने हाथ में ले सकती है।

मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति एफएमआई कलीफुल्ला की एक पीठ ने कहा, 'बीसीसीआई के सार्वजनिक कार्य संसद क्यों नहीं कर सकती। सवाल यह है कि क्या क्रिकेट मैचों के आयोजन, राष्ट्रीय टीम चुनने और भेजने का काम संसद कर सकती है।' कोर्ट ने कहा, 'मान लिया जाए कि ऐसा कोई कानून है, जिसके जरिए भारतीय टीम का चयन संसद कर सकती है।'

'संविधान में करना होगा बदलाव'
पीठ ने यह टिप्पणी उस समय की जब बड़ौदा क्रिकेट संघ की ओर से सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने लोढ़ा समिति की एक राज्य एक वोट सिफारिश का विरोध किया। सिब्बल ने कहा कि सरकार खेल की गतिविधियों को अपने हाथ में ले सकती है, लेकिन इसके लिए संविधान की धारा 19 (4) में बदलाव करना होंगे।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है)

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