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पाकिस्तान क्यों नहीं कर सकता T20 WC 2026 का बहिष्कार? ये हैं वो बड़ी वजहें

Why Pakistan Can't Afford to Boycott T20 WC 2026: PCB प्रमुख मोहसिन नकवी पहले ही साफ कर चुके हैं कि वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने या न लेने का अंतिम फैसला सरकार के हाथ में है.

पाकिस्तान क्यों नहीं कर सकता T20 WC 2026 का बहिष्कार? ये हैं वो बड़ी वजहें
Why Pakistan Can't Afford to Boycott T20 WC 2026

Why Pakistan Can't Afford to Boycott T20 WC 2026: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इन दिनों हलचल तेज है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) द्वारा T20 वर्ल्ड कप 2026 के बहिष्कार की अटकलें ज़रूर सुर्खियों में हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत इससे कहीं ज़्यादा सख़्त और बेरहम है. बांग्लादेश के समर्थन में उठाया गया यह कदम भावनात्मक रूप से सही लग सकता है, लेकिन अगर पाकिस्तान सच में टूर्नामेंट से हटता है, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान खुद उसे ही उठाना पड़ेगा.

PCB प्रमुख मोहसिन नकवी पहले ही साफ कर चुके हैं कि वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने या न लेने का अंतिम फैसला सरकार के हाथ में है. हालांकि टीम की घोषणा हो चुकी है, लेकिन आधिकारिक मंजूरी अभी बाकी है. फिर भी, कई ऐसे ठोस कारण हैं जिनकी वजह से पाकिस्तान के लिए बहिष्कार करना लगभग असंभव हो जाता है.

1. कानूनी पचड़े में फंस सकता है PCB

ICC के हर बड़े टूर्नामेंट से पहले सभी फुल मेंबर बोर्ड एक टूर्नामेंट पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (TPA) पर दस्तखत करते हैं. यह कोई औपचारिक कागज नहीं, बल्कि कानूनी रूप से बाध्यकारी समझौता होता है.

अगर पाकिस्तान आखिरी समय पर पीछे हटता है, तो इसे सीधा-सीधा कॉन्ट्रैक्ट तोड़ना माना जाएगा. नतीजा, ICC पाकिस्तान का सालाना रेवेन्यू शेयर रोक सकता है, जो करीब 34–35 मिलियन डॉलर का है. पहले से आर्थिक संकट झेल रहे PCB के लिए यह झटका किसी वित्तीय भूकंप से कम नहीं होगा.

 2. ICC प्रतिबंध: सिर्फ पैसे नहीं, पहचान भी दांव पर

अगर यह साबित होता है कि वर्ल्ड कप से हटने का फैसला सरकारी दबाव में लिया गया, तो ICC इसे राजनीतिक हस्तक्षेप मानेगा और यही वो लाइन है, जिसके पार जाते ही सख्त सजा शुरू होती हैं.

संभावित नतीजे क्या-क्या हो सकते हैं

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से निलंबन, जैसा जिम्बाब्वे और श्रीलंका भुगत चुके हैं. एशिया कप से बाहर होने का खतरा, भले ही PCB चेयरमैन खुद ACC के प्रमुख हों. भविष्य के ICC टूर्नामेंट्स की मेजबानी छिनना, जिसमें 2028 महिला T20 वर्ल्ड कप भी शामिल है. यह सिर्फ एक टूर्नामेंट का नुकसान नहीं, बल्कि पाकिस्तान की क्रिकेट पहचान पर सीधा हमला होगा.

3. PSL पर सबसे बड़ा वार: विदेशी खिलाड़ियों का सूखा

पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) की रीढ़ विदेशी खिलाड़ी हैं. अगर पाकिस्तान ICC इवेंट का बहिष्कार करता है, तो दूसरे बोर्ड जैसे इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया अपने खिलाड़ियों को NधC देने से मना कर सकते हैं. फिर बिना विदेशी सितारों के PSL की ब्रांड वैल्यू, ब्रॉडकास्ट डील और स्पॉन्सरशिप सब खतरे में पड़ जाएगी. यानी घरेलू क्रिकेट का सबसे मजबूत स्तंभ भी हिल सकता है.

4. दोस्त कम, नुकसान ज्यादा

क्रिकेट सिर्फ ICC इवेंट्स से नहीं चलता, बल्कि द्विपक्षीय सीरीज से चलता है. अगर पाकिस्तान वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट को बाधित करता है, तो दूसरे बोर्ड्स उससे दूरी बना सकते हैं. इसका मतलबट बड़े देशों के दौरे बंद हो सकते हैं और घरेलू सीरीज से कमाई घटेगी, यानि PCB की आर्थिक स्वतंत्रता लगभग खत्म

बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाना नैतिक तौर पर समझ में आता है, लेकिन T20 वर्ल्ड कप 2026 का बहिष्कार पाकिस्तान के लिए विरोध नहीं, बल्कि खुद को नुकसान पहुंचाने जैसा होगा.

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