
नई दिल्ली:
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की फ्रेंचाइजी -कोलकाता नाइट राइर्ड्स के सहमालिक और बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने कहा है कि उन्हें पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को अपनी टीम से हटाने का कोई मलाल नहीं है।
शाहरुख ने यह स्वीकार किया कि गांगुली को टीम से हटाने का फैसला लेकर उन्होंने और प्रबंधन ने एक तरह से जुआ खेला था क्योंकि इससे जोखिम भी हो सकता था।
शाहरुख से जब यह पूछा गया कि क्या आपको इस बात की शर्मिंदगी है कि आपने गांगुली के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया?
इस पर शाहरुख ने कहा कि बिल्कुल नहीं। शाहरुख ने यह बात हिंदुस्तान लीडरशिप समिट-2102 में शुक्रवार को कही।
इस पर मॉडरेटर वीर सांघवी ने उलटा सवाल दागते हुए कहा, "तो क्या आपको लगता है कि आपने गांगुली के साथ अच्छा बर्ताव किया है। आपकी टीम ने गांगुली का अपमान किया है, क्या यह ठीक है।"
इस पर शाहरुख ने कहा, "मैंने अपमान किया? मेरी टीम ने किया होगा और इसके लिए वह माफी मांगे। मैं माफी नहीं मांगूंगा। यह काम टीम का और कोच का होता है और मैं इस मामले में कूटनीतिक सोच रखता हूं।"
शाहरुख बोले, "मेरी समझ से हमने गांगुली के साथ अच्छा बर्ताव किया। मैंने उन्हें हमेशा दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियो में गिना और यही कारण है कि वह हमारे साथ तीन सीजन तक रहे। हां, तीन साल के बाद हो सकता है कि मेरी सोच और टीम प्रबंधन की सोच में फर्क आ गया हो।"
शाहरुख ने कहा कि गांगुली को टीम से हटाना एक तरह का जोखिम था। वह बोले, "सच कहूं तो हमने एक तरह का जोखिम लिया था। कोलकाता में रहना और गांगुली के बिना खेलना कल्पना के परे की बात है लेकिन हमने ऐसा किया और गौतम गम्भीर के नेतृत्व में चैम्पियन बने। इसलिए मुझे गांगुली को लेकर कोई पछतावा नहीं है।"
शाहरुख ने यह स्वीकार किया कि गांगुली को टीम से हटाने का फैसला लेकर उन्होंने और प्रबंधन ने एक तरह से जुआ खेला था क्योंकि इससे जोखिम भी हो सकता था।
शाहरुख से जब यह पूछा गया कि क्या आपको इस बात की शर्मिंदगी है कि आपने गांगुली के साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया?
इस पर शाहरुख ने कहा कि बिल्कुल नहीं। शाहरुख ने यह बात हिंदुस्तान लीडरशिप समिट-2102 में शुक्रवार को कही।
इस पर मॉडरेटर वीर सांघवी ने उलटा सवाल दागते हुए कहा, "तो क्या आपको लगता है कि आपने गांगुली के साथ अच्छा बर्ताव किया है। आपकी टीम ने गांगुली का अपमान किया है, क्या यह ठीक है।"
इस पर शाहरुख ने कहा, "मैंने अपमान किया? मेरी टीम ने किया होगा और इसके लिए वह माफी मांगे। मैं माफी नहीं मांगूंगा। यह काम टीम का और कोच का होता है और मैं इस मामले में कूटनीतिक सोच रखता हूं।"
शाहरुख बोले, "मेरी समझ से हमने गांगुली के साथ अच्छा बर्ताव किया। मैंने उन्हें हमेशा दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियो में गिना और यही कारण है कि वह हमारे साथ तीन सीजन तक रहे। हां, तीन साल के बाद हो सकता है कि मेरी सोच और टीम प्रबंधन की सोच में फर्क आ गया हो।"
शाहरुख ने कहा कि गांगुली को टीम से हटाना एक तरह का जोखिम था। वह बोले, "सच कहूं तो हमने एक तरह का जोखिम लिया था। कोलकाता में रहना और गांगुली के बिना खेलना कल्पना के परे की बात है लेकिन हमने ऐसा किया और गौतम गम्भीर के नेतृत्व में चैम्पियन बने। इसलिए मुझे गांगुली को लेकर कोई पछतावा नहीं है।"
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