कराची:
पाकिस्तान के टेस्ट और वनडे कप्तान मिसबाह उल हक ने कप्तान और बल्लेबाज के तौर पर अपने प्रदर्शन का जोरदार बचाव करते हुए कहा कि निकट भविष्य में उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है।
धीमी बल्लेबाजी और कप्तानी के लिए 38 वर्षीय मिसबाह को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने हालांकि कहा कि वह तब तक खेलना जारी रखेंगे जब तक खेल के प्रति उनका जज्बा कायम रहता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में इस तरह की गलत धारणा है कि मेरी उम्र के खिलाड़ी को खेलते नहीं रहना चाहिए और संन्यास ले लेना चाहिए। मेरा मानना है कि आयु तब तक कोई मायने नहीं रखती जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का मेरा जज्बा कायम है और मैं ऐसा कर रहा हूं।’’
धीमी बल्लेबाजी और कप्तानी के लिए 38 वर्षीय मिसबाह को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने हालांकि कहा कि वह तब तक खेलना जारी रखेंगे जब तक खेल के प्रति उनका जज्बा कायम रहता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे देश में इस तरह की गलत धारणा है कि मेरी उम्र के खिलाड़ी को खेलते नहीं रहना चाहिए और संन्यास ले लेना चाहिए। मेरा मानना है कि आयु तब तक कोई मायने नहीं रखती जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का मेरा जज्बा कायम है और मैं ऐसा कर रहा हूं।’’
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