ऑस्ट्रेलिया A के बल्लेबाज़ नाथन मैकस्वीनी का कहना है कि इंडिया ए के खिलाफ हाल ही में हुई तीन मैचों की वनडे सीरीज में उनकी सफलता की एक बड़ी वजह यू-ट्यूब वीडियो के जरिए विराट कोहली को स्पिनरों का सामना करते हुए देखना और उनसे सीखना था. 27 साल के मैकस्वीनी ने तीन मैचों में एक शतक समेत 194 रन बनाए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ़ द सीरीज' चुना गया. ऑस्ट्रेलिया ए ने यह तीन मैचों की सीरीज 2-1 से जीती.
रविवार को खेले गए तीसरे मैच में भारत की 49 रनों से जीत के बाद मैकस्वीनी ने कहा,"जाहिर है, एक ऑस्ट्रेलियाई के तौर पर भारत आने पर स्पिन पर बहुत ध्यान देना पड़ता है. आप कड़ी मेहनत करने की कोशिश करते हैं और महान भारतीय खिलाड़ियों को देखते हैं कि वे स्पिन का सामना कैसे करते हैं."
मैकस्वीनी ने आगे कहा,"यू-ट्यूब पर विराट कोहली को देखना, यह समझने की कोशिश करना कि वह कैसे खेलते हैं, स्टीव स्मिथ और दूसरे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जो यहां आए और बहुत अच्छा खेले. तो बहुत सारा एनालिसिस और डेटा भी हमें मिलता है. इसलिए मैदान पर उसे आजमाना और अच्छी तरह से लागू करना अच्छा लगता है."
ऑस्ट्रेलिया ने पहले दो मैच 125 और 69 रनों से जीते. दूसरे मैच में मैकस्वीनी ने मेहमान टीम की कप्तानी की. साउथ ऑस्ट्रेलिया के इस खिलाड़ी ने आगे कहा,"नई परिस्थितियों में यहां आना और मैदान पर कुछ समय बिताना बहुत अच्छा लगता है. भारत में आकर सीरीज जीतना किसी भी अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए आसान काम नहीं है." "यहां आकर कड़े मुकाबले के बीच क्रिकेट खेलना बहुत मुश्किल है. तो हां, हमारे खिलाड़ियों ने बहुत अच्छा काम किया और सीरीज जीतना अच्छा रहा."
मल्टी-डे और वन-डे सीरीज में अपने खेलने के तरीके में अंतर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,"मुझे लगता है कि मैं उन कुछ मैचों की पहली पारी में बड़ा स्कोर नहीं बना पाया और, जैसा कि चार-दिवसीय मैच देखने वाले किसी भी व्यक्ति को पता होगा, जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा, बल्लेबाजी करना बहुत मुश्किल हो गया."
भारत ने दो मैचों की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज 1-0 से जीती, जबकि दूसरा मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ. मैकस्वीनी ने चार पारियों में 0, 35, 34 और 36 रन बनाए. मैकस्वीनी ने आगे कहा,"मुझे लगता है कि मैंने उन दोनों मैचों की दूसरी पारी में 30 के आसपास रन बनाए, लेकिन मुझे लगता है कि जो बात मायने रखती है, खासकर भारत में क्रिकेट खेलते समय, वह है लंबे फ़ॉर्मेट वाले क्रिकेट की पहली पारी."
मैकस्वीनी ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा,"अगर आप वहां बड़ा स्कोर बना सकते हैं, तो न केवल बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है, बल्कि इससे आपकी टीम के लिए मैच जीतने की स्थिति भी बनती है. इसलिए, अगर मुझे यहां वापस आने का मौका मिलता है, तो मैं उस पर पूरा ध्यान दूंगा."
यह भी पढ़ें: तिलक वर्मा का 'सुपर कैच', रिकॉर्ड 'अर्द्धशतक' के साथ बने भारत के नंबर-1 कैचर, 'स्पेशल क्लब' में हुए शामिल
यह भी पढ़ें: 9 खेल, 139 खिलाड़ी और सिर्फ़ 3 ब्रॉन्ज़ मेडल, एशियाड फ़ेल खेल संघों से मंत्रालय को देना होगा जवाब
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं