विंडीज के खिलाफ इंदौर में मिली 14 रन से जीत में तिलक वर्मा भी चर्चा का विषय बने. वह16 गेंदों पर ठीक-ठाक 28 रन बनाकर खेल थे, लेकिन तभी वह स्कूली क्रिकेटर की तरह बहुत ही अजीब अंदाज में रन आउट हो गए. बहरहाल, यह दिन उनके लिए बड़ी उपलब्धि भी लेकर आया. और वह इस फॉर्मेट में 50 कैच लपकने वाले पांचवें भारतीय फील्डर बन गए. इसके साथ ही वह तिलक, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, सूर्यकुमार यादव और विराट कोहली जैस दिग्गज खिलाड़ियों के इस खास क्लब में शामिल हो गए हैं. लेकिन इससे ऊपर सबसे अहम बात यह रही कि वह 50 कैच के साथ ही इस पैमाने पर भारत के सर्वश्रेष्ठ फील्डर कैच बन गए क्योंकि जितनी तेज गति से तिलक ने इस फॉर्मेट में पचास कैच पूरे किए हैं, वह इस क्लब में शामिल तमाम भारतीयों में सर्वश्रेष्ठ और दुनिया के फील्डरों में दूसरे नंबर पर है.
आंकड़ों में बेस्ट कैचर!
तिलक की यह उपलब्धि इस लिहाज से भी बहुत ही खास है कि उन्होंने इस मुकाम तक पहुंचने में गजब की दक्षता दिखाई है. उन्होंने मात्र 68 टी20आई पारियों में 50 कैच पूरे किए हैं. इससे उनका प्रति मैच कैच अनुपात 0.735 हो गया है. यह इस फॉर्मेट में कम से कम 50 आउटफील्ड कैच लेने वाले भारतीय फील्डर्स में सबसे बेहतरीन है. और यही बात उन्हें कम से कम 50 कैच के पैमाने पर भारत का सर्वश्रेष्ठ फील्डर बनाती है.
विश्व में दूसरे नंबर पर
वहीं विश्व स्तर पर बात करें, तो तिलक का यह अनुपात केवल संयुक्त अरब अमीरात के मुहम्मद वसीम से पीछे है, जिन्होंने 99 मैचों में 76 कैच लेते हुए 0.767 का अनुपात दर्ज किया है. पुरुषों के टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कम से कम 50 आउटफील्ड कैच लेने वाले 34 खिलाड़ियों में केवल वसीम का ही अनुपात उनसे बेहतर है.
सुपर क्लब में शामिल हुए
तिलक की यह उपलब्धि उन्हें इस सबसे छोटे फॉर्मेट में भारत के सबसे सफल फील्डरों के स्पेशल क्लब में शुमार करा दिया है. सूची में रोहित शर्मा 65 कैच के साथ शीर्ष पर हैं. जानें कम से कम 50 कैच लेने वाले स्पेशल क्लब कौन-कौन शामिल है.
खिलाड़ी कैच अनुपात (प्रति मैच में कैच)
रोहित शर्मा 65 0.41
हार्दिक पंड्या 64 0.46
सूर्यकुमार यादव 58 0.51
विराट कोहली 54 0.43
तिलक वर्मा 50 7.35
महज 68 मैचों में इस मुकाम तक पहुंचना मैदान पर तिलक के बेहतरीन योगदान को रेखांकित करता है, और उनका प्रति पारी कैच का रिकॉर्ड उन्हें पुरुषों के टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे बेहतरीन फील्डरों में से एक बनाता है.
अजीबोगरीब रन-आउट से खराब हुआ तिलक का मैच
यह उपलब्धि एक ऐसे मुकाबले में आई जिसमें तिलक एक असामान्य तरीके से आउट भी हुए. पारी के 17वें ओवर में बल्लेबाजी करते हुए अक्षर और तिलक को लगा कि कामिल पूरन ने गुडाकेश मोती की गेंद पर शॉट रोकने के दौरान बाउंड्री रस्सी को छू लिया था.
दोनों बल्लेबाजों ने एक रन पूरा किया और आपस में मुक्के से मुक्का मिलाया. दोनों मान चुके थे किगेंद को चौका करार दिया जाएगा. लेकिन पूरन ने गेंद को खेल में ही रखा था और उसे तेजी से वापस फेंक दिया था. अक्षर अपने क्रीज पर सुरक्षित पहुंच गए थे जबकि तिलक अपनी क्रीज की ओर आराम से बढ़ रहे थे. मानों उन्हें इस बात की कोई परवाह ही न हो कि खेल अभी जारी है. मोती ने गेंद उठाई और गेंदबाज के छोर पर गिल्लियां बिखेर दीं। थर्ड अंपायर ने रन-आउट की पुष्टि कर दी.
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