
श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में चेतेश्वर पुजारा ने बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया (फाइल फोटो)
कोलकाता:
पिछले एक साल में भारत के लिए टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले मध्य क्रम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा का मानना है कि वे अभी भी अपनी बल्लेबाजी के शीर्ष स्तर पर नहीं पहुंचे हैं. टीम इंडिया के मध्यक्रम के इस बल्लेबाज ने कहा कि उन्हें अपनी बैटिंग में कई सुधार करने हैं. उन्होंने कहा कि मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आना अभी बाकी है. पुजारा ने आईएएनएस को फोन पर दिए इंटरव्यू में कहा, "एक क्रिकेट खिलाड़ी के तौर पर, मैं हमेशा महसूस करता हूं कि मेरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी आना बाकी है. मैं अपने खेल पर काफी मेहनत कर रहा हूं."
हाल ही में भारत को श्रीलंका में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-0 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले पुजारा ने कहा, "मैं अच्छा बैटिंग कर रहा हूं, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां मुझे सुधार करना है. इसलिए यह मेरे करियर का सर्वश्रेष्ठ दौर नहीं है. मेरा मानना है कि मेरा सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है." सौराष्ट्र के लिए खेलने वाले पुजारा दिन-प्रतिदिन अपने आप को मजबूत करते जा रहे हैं. उनकी बल्लेबाजी में नई परिपक्वता दिखी है जिसने उन्हें नए मिस्टर भरोसेमंद खिलाड़ी के तौर पर पहचान दिलाई है. पुजारा श्रीलंका के खिलाफ खेली गई सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी थे. उन्होंने तीन मैचों में 309 रन बनाए थे, जिसमें दो शतक भी शामिल हैं. जब से टीम पिछले साल वेस्टइंडीज से लौटी है तब से कप्तान विराट कोहली के साथ पुजारा लगातार रन बना रहे हैं. उन्होंने 2016-17 घरेलू सत्र के 13 मैचों में 1,316 रन बनाए हैं.
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पुजारा का मानना है कि नॉटिंघमशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने से उन्हें काफी फायदा हुआ है. पुजारा ने इस पर कहा, "काउंटी क्रिकेट में मेरा यह तीसरा सीजन है. मैं पहले डर्बीशायर के लिए खेला, फिर यार्कशायर और अब नॉटिंघमशायर के लिए खेल रहा हूं. इसलिए मैं काउंटी क्रिकेट खेलने का लुत्फ उठा रहा हूं." उन्होंने कहा, "वहां विकेट चुनौतीपूर्ण होते हैं, जिनमें तेज गेंदबाजों के लिए कुछ न कुछ होता है. इसलिए आप जब वहां रन बनाते हो तो आत्मविश्वास बढ़ता है क्योंकि आप अपनी तकनीक को अच्छे से जान जाते हो. वहां का माहौल भी आपकी मदद करता है. मैंने वहां खेलते हुए काफी कुछ सीखा है."
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पुजारा से जब पूछा गया कि कैसे भारत ने श्रीलंका को एकतरफा हराया? इस सवाल के जवाब में पुजारा ने कहा कि टीम अपनी क्षमता के अनुरूप खेली. उन्होंने कहा, "हम अपनी क्षमता के हिसाब से खेले. हमारे सभी बल्लेबाज और गेंदबाज पूरी तरह से तैयार थे. एक टीम के तौर पर खेलते हुए हमने उन्हें हराया, यह मेरा मानना है. मैं नहीं जानता कि श्रीलंका टीम कैसे खेली या उनके गेंदबाजों ने किस तरह से तैयारी की थी. वो अच्छी टीम है, लेकिन हम उनसे मजबूत हैं. हम नंबर-1 टेस्ट टीम हैं और हम उसी तरह से खेले." पुजारा से जब पूछा गया कि क्या श्रीलंका का दौरा आगामी दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ मौका था? इस पर उन्होंने कहा, "दक्षिण अफ्रीका में उन्हीं के खिलाफ खेलना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उससे पहले हम भारत में श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे. अच्छी बात यह रहेगी कि इस दौरान हम एक साथ रहेंगे."
वीडियो : पुजारा की तारीफ में यह बोले सुनील गावस्कर
उन्होंने कहा, "दक्षिण अफ्रीका के लिए हमारे पास अलग रणनीति होगी, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ भारत में खेलने से हमें अपनी फॉर्म को बनाए रखने में मदद मिलेगी. हालात काफी अलग होंगे, लेकिन विदेशी दौरे से पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने से फायदा होता है." क्या पुजारा छोटे प्रारूप में खेलते नजर आएंगे? इस पर उन्होंने कहा, "समय आएगा जब मुझे मौका मिलेगा. इस समय मैं यही कह सकता हूं कि मैं कुछ चीजों पर सुधार कर रहा हूं जो मुझे टेस्ट में मदद कर रही हैं और धीरे-धीरे छोटे प्रारूप में भी मुझे मदद मिलेगी." महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की कप्तानी की तुलना करने पर पुजारा ने साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों कप्तान सिर्फ जीत चाहते हैं. उन्होंने कहा, "मेरे या अन्य किसी और के लिए जीत सबसे अहम है. मैंने एमएस (धोनी) की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठाया है और अब विराट की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठा रहा हूं."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
हाल ही में भारत को श्रीलंका में तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 3-0 से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले पुजारा ने कहा, "मैं अच्छा बैटिंग कर रहा हूं, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जहां मुझे सुधार करना है. इसलिए यह मेरे करियर का सर्वश्रेष्ठ दौर नहीं है. मेरा मानना है कि मेरा सर्वश्रेष्ठ आना अभी बाकी है." सौराष्ट्र के लिए खेलने वाले पुजारा दिन-प्रतिदिन अपने आप को मजबूत करते जा रहे हैं. उनकी बल्लेबाजी में नई परिपक्वता दिखी है जिसने उन्हें नए मिस्टर भरोसेमंद खिलाड़ी के तौर पर पहचान दिलाई है. पुजारा श्रीलंका के खिलाफ खेली गई सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले दूसरे खिलाड़ी थे. उन्होंने तीन मैचों में 309 रन बनाए थे, जिसमें दो शतक भी शामिल हैं. जब से टीम पिछले साल वेस्टइंडीज से लौटी है तब से कप्तान विराट कोहली के साथ पुजारा लगातार रन बना रहे हैं. उन्होंने 2016-17 घरेलू सत्र के 13 मैचों में 1,316 रन बनाए हैं.
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पुजारा का मानना है कि नॉटिंघमशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने से उन्हें काफी फायदा हुआ है. पुजारा ने इस पर कहा, "काउंटी क्रिकेट में मेरा यह तीसरा सीजन है. मैं पहले डर्बीशायर के लिए खेला, फिर यार्कशायर और अब नॉटिंघमशायर के लिए खेल रहा हूं. इसलिए मैं काउंटी क्रिकेट खेलने का लुत्फ उठा रहा हूं." उन्होंने कहा, "वहां विकेट चुनौतीपूर्ण होते हैं, जिनमें तेज गेंदबाजों के लिए कुछ न कुछ होता है. इसलिए आप जब वहां रन बनाते हो तो आत्मविश्वास बढ़ता है क्योंकि आप अपनी तकनीक को अच्छे से जान जाते हो. वहां का माहौल भी आपकी मदद करता है. मैंने वहां खेलते हुए काफी कुछ सीखा है."
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पुजारा से जब पूछा गया कि कैसे भारत ने श्रीलंका को एकतरफा हराया? इस सवाल के जवाब में पुजारा ने कहा कि टीम अपनी क्षमता के अनुरूप खेली. उन्होंने कहा, "हम अपनी क्षमता के हिसाब से खेले. हमारे सभी बल्लेबाज और गेंदबाज पूरी तरह से तैयार थे. एक टीम के तौर पर खेलते हुए हमने उन्हें हराया, यह मेरा मानना है. मैं नहीं जानता कि श्रीलंका टीम कैसे खेली या उनके गेंदबाजों ने किस तरह से तैयारी की थी. वो अच्छी टीम है, लेकिन हम उनसे मजबूत हैं. हम नंबर-1 टेस्ट टीम हैं और हम उसी तरह से खेले." पुजारा से जब पूछा गया कि क्या श्रीलंका का दौरा आगामी दक्षिण अफ्रीका दौरे की तैयारी के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ मौका था? इस पर उन्होंने कहा, "दक्षिण अफ्रीका में उन्हीं के खिलाफ खेलना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन उससे पहले हम भारत में श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेंगे. अच्छी बात यह रहेगी कि इस दौरान हम एक साथ रहेंगे."
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उन्होंने कहा, "दक्षिण अफ्रीका के लिए हमारे पास अलग रणनीति होगी, लेकिन श्रीलंका के खिलाफ भारत में खेलने से हमें अपनी फॉर्म को बनाए रखने में मदद मिलेगी. हालात काफी अलग होंगे, लेकिन विदेशी दौरे से पहले अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलने से फायदा होता है." क्या पुजारा छोटे प्रारूप में खेलते नजर आएंगे? इस पर उन्होंने कहा, "समय आएगा जब मुझे मौका मिलेगा. इस समय मैं यही कह सकता हूं कि मैं कुछ चीजों पर सुधार कर रहा हूं जो मुझे टेस्ट में मदद कर रही हैं और धीरे-धीरे छोटे प्रारूप में भी मुझे मदद मिलेगी." महेंद्र सिंह धोनी और विराट कोहली की कप्तानी की तुलना करने पर पुजारा ने साफ इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि दोनों कप्तान सिर्फ जीत चाहते हैं. उन्होंने कहा, "मेरे या अन्य किसी और के लिए जीत सबसे अहम है. मैंने एमएस (धोनी) की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठाया है और अब विराट की कप्तानी में खेलने का लुत्फ उठा रहा हूं."
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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