भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने पहली बार खुलकर बताया है कि टीम इंडिया में किस कप्तान के साथ खेलते हुए उन्हें सबसे ज्यादा आनंद आया. महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे तीन सफल कप्तानों के साथ लंबे समय तक खेलने वाले शमी ने बिना किसी झिझक के विराट कोहली का नाम लिया. इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि किस कप्तान के साथ उनका सबसे अच्छा तालमेल रहा, तो शमी ने कहा, "मुझे विराट कोहली के साथ ज्यादा मजा आता है क्योंकि उनके साथ मेरा अच्छा तालमेल और बेहतर कनेक्शन है. आप इसे भाई या बहुत अच्छे दोस्त जैसा रिश्ता कह सकते हैं."
शमी का यह बयान ऐसे समय आया है जब वह टीम इंडिया में वापसी की कोशिशों में जुटे हैं. उम्मीद की जा रही थी कि श्रीलंका दौरे के लिए उन्हें मौका मिलेगा, लेकिन चयनकर्ताओं ने उनकी जगह युवा तेज गेंदबाज नबी को टीम में शामिल किया. इसके बाद शमी की वापसी की राह और मुश्किल मानी जा रही है.
हालांकि अनुभवी तेज गेंदबाज ने साफ कर दिया है कि उन्होंने उम्मीद नहीं छोड़ी है. नवभारत टाइम्स से बातचीत में शमी ने कहा कि वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं लगातार कोशिश कर रहा हूं. वर्ल्ड कप की तैयारी भी कर रहा हूं. मेरा लक्ष्य वर्ल्ड कप की टीम में जगह बनाना है. मैं मेहनत करता रहूंगा. टीम में किसे चुनना है, यह फैसला चयनकर्ताओं का होता है."
शमी आखिरी बार 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में भारत के लिए खेले थे. टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 2023 के बाद से कोई मुकाबला नहीं खेला है, जबकि उनका आखिरी वनडे पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ था. फिटनेस समस्याओं के कारण टीम से बाहर होने के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन अब तक वापसी का मौका नहीं मिल पाया है.
इसी इंटरव्यू में जब उनसे अपने पसंदीदा कोच के बारे में पूछा गया तो शमी ने रवि शास्त्री का नाम लिया. उन्होंने कहा कि शास्त्री खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आजादी देते थे और उनकी कोचिंग में टीम का आक्रामक रवैया साफ दिखाई देता था. शमी ने यह भी बताया कि उन्होंने राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के साथ भी काफी समय बिताया, लेकिन अगर एक नाम चुनना हो तो वह रवि शास्त्री को ही चुनेंगे.
शमी ने 2023 वनडे वर्ल्ड कप को अपने करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट बताया. उन्होंने सिर्फ सात मैचों में 24 विकेट लेकर इतिहास रच दिया था और टूर्नामेंट के सबसे सफल गेंदबाज बने थे. हालांकि भारत फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार गया और यही बात आज भी उन्हें सबसे ज्यादा खलती है. शमी ने कहा, "मेरे लिए रिकॉर्ड से ज्यादा मायने वर्ल्ड कप जीतने का था. आज भी यही अफसोस रहता है कि हम फाइनल नहीं जीत सके. जब भी उस टूर्नामेंट की तस्वीरें या आंकड़े सामने आते हैं, तो सबसे पहले वही हार याद आती है."
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