न्यूजीलैंड को टी20 सीरीज में 3-2 से धूल चटाने के बाद टीम शुभमन गिल बुधवार को आंकलैंड में शुरू होने जा रही पांच वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में आंकलैंड के ईडेन पार्क में मेजबानों से भिड़ेगी. अब जबकि इस टीम में अग्रणी बॉलर जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पांड्या नहीं हैं, तो लगभग पूरी सीरीज बॉलिंग अटैक की बड़ी जिम्मेदारी जहां मोहम्मद सिराज पर होगी, तो दूसरे छोर पर अर्शदीप के लिए अब वनडे में दम दिखाकर अगले साल होने वाले विश्व कप के लिए अपना दावा ठोकने का मौका है, लेकिन तीसरे पेसर के लिए फेंच फंसा है कि मोहम्मद सिराज XI का हिस्सा होंगे, या फिर गुरनूर बरार. चलिए जानिए कि पेच कहां फंसा है. पहले वनडे के लिए भारत का बॉलिंग अटैक मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह, तीसरा पेसर (?) , ऑलराउंडर नितीश रेड्डी, अक्षर पटेल और नमन धीर के रूप में पूरी तरह तैयार है. और तीसरा पेसर कौन होगा, तो प्रबंधन की यह 'चाहत' टॉस के समय ही साफ हो पाएगी.
अंशुल कंबोज बनाम गुरनूर बरार; तीसरा पेसर कौन?
चोट के कारण प्रसिद्ध कृष्णा के चोटिल होने के चलते सीरीज से बाहर होने के कारण अब आकिब नबी शुरुआती 3 मैचों का भी हिस्सा हैं, लेकिन कम अनुभव होने और मुख्य रूप रेड-बॉल फॉर्मेट के ज्यादा अनुकूल होने के कारण नबी को मौका मुश्किल दिख रहा है. लेकिन मुकाबला तीसरे पेसर के लिए हरियाणा के अंशुल कांबोज और गुरनूर बरार के बीच होगा. वैसे तो दोनों के बीच गेंदबाजी को लेकर कोई मुकाबला नहीं है, लेकिन प्रबंधन की बैटिंग में गहराई की चाहत वह बात है, जो यहां बाजी अंशुल कांबोज के पक्ष में कर सकती है.
कांबोज की उपोयगी बल्लेबाजी बनाम बरार की गति और उछाल: दांव किस पर?
अंशुल कंबोज की उपयोगी बल्लेबाजी और नंबर 8 पर बल्लेबाजी विकल्प की भारत की जरूरत इस बहस को पूरी तरह से उनके पक्ष में झुका सकती है. उन्होंने वनडे डेब्यू पर नौ गेंदों पर दो छक्कों से 17 रन बनाए थे. और अगस्त में दलीप ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल में 52 गेंदों पर खेली गई 60 रनों की पारी ने भी इसी इरादे को दिखाया था. एक नंबर 8 बल्लेबाज के रूप में जो अंत में 20 रन जोड़ सके, वह उस भारतीय टीम के लिए एक शानदार विकल्प हैं.
वहीं, गुरनूर बरार का दावा पूरी तरह से इस बात पर टिका है कि गेंद बल्ले पर तेजी से आती है और उन्हें चुनने से टीम का संयोजन बदल जाता है. वह कुछ शॉट लगा सकते हैं, लेकिन उनके पास नंबर 8 की जिम्मेदारी संभालने के लिए वैसा प्रथम श्रेणी रिकॉर्ड नहीं है. बहरहाल अब देखने की बात होगी कि प्रबंधन क्या चुनता है. वैसे यह चयन पूरी तरह से पिच और मौसम पर निर्भर करेगा.
चूंकि नीतीश केवल पहले वनडे के लिए उपलब्ध हैं, इसलिए भारत रोहित शर्मा, गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश, अक्षर पटेल, तीन तेज गेंदबाजों और कुलदीप को उतार सकता है। कंबोज इस संयोजन को संभव बनाते हैं, क्योंकि एक नंबर 8 बल्लेबाज जो गेंदबाजी भी कर सके, इलेवन में एक फ्रंटलाइन रिस्ट स्पिनर (कलाई के स्पिनर) को भी बनाए रखता है.
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