पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज मिताली राज का मानना है कि भारतीय महिला टीम के गेंदबाजी विभाग में भूमिका को लेकर स्पष्टता का अभाव है जो मौजूदा आईसीसी महिला टी20 विश्व कप के अहम मैच से पहले चिंता का विषय है. भारत ने पूल ए के अपने शुरुआती दो मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और नीदरलैंड को हराकर अपने टी20 विश्व कप अभियान की शानदार शुरुआत की. लेकिन हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली टीम अब रविवार को दक्षिण अफ्रीका से भिड़ेगी, जिसके बाद उसे 28 जून को ऑस्ट्रेलिया से भिड़ना है जो उसके लिए कड़ी परीक्षा होगी. भारत 25 जून को बांग्लादेश से खेलेगा.
दाएं हाथ की ऑफ स्पिनर श्रेयंका पाटिल के टखने की चोट के कारण विश्व कप से बाहर हो गई हैं. वहीं टीम के अपेक्षाकृत कमजोर और खराब फॉर्म वाले सीम आक्रमण के कारण मिताली को लगता है कि गेंदबाजी भारत की सबसे कमजोर कड़ी है.
आईसीसी महिला टी20 विश्व कप विशेषज्ञ मिताली ने 'जियोस्टार मीडिया डे' पर बात करते हुए कहा,"गेंदबाजी के पहले छह ओवर ऐसे हैं जहां मैं उम्मीद करती हूं कि जो भी गेंदबाजी कर रहा है वह हमें विकेट दिलाएगा. पिछली दो-तीन सीरीज में हम ऐसा नहीं देख पाए. भारत को काश्वी गौतम और अमनजोत कौर की कमी खल रही है, लेकिन हमारे पास जो संसाधन हैं, उनसे हमें शुरुआती कुछ ओवरों में बढ़त बनाने की जरूरत है. जब आपको शुरुआती सफलता मिलती है तो यह बल्लेबाजी करने वाली टीम पर दबाव डालता है."
उन्होंने कहा,"दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी टीमों के खिलाफ आप और अधिक दबाव डालना चाहते हैं. हमारे तेज गेंदबाजों को बेहतर शुरुआत देने के लिए परिस्थितियों का अच्छी तरह फायदा उठाने और सही लाइन एवं लेंथ पर गेंद डालने की जरूरत है."
मिताली ने कहा,"मेरी चिंता हमारी गेंदबाजी को लेकर है क्योंकि बल्लेबाजों को अपनी भूमिका पता है. लेकिन जब गेंदबाजों की बात आती है तो हमारी स्ट्राइक गेंदबाज कौन हैं, कौन हमें विकेट दिलाएगा और कौन रन गति को रोकेगा, पता होना चाहिए. गेंदबाजी विभाग में भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए."
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