पिछले कुछ दिनों के भीतर अगरकर और बीसीसीआई के बीच चल रहे शीत युद्ध में ज्यादातर पूर्व दिग्गजों के बीच आर. अश्विन इकलौते ऐसे दिग्गज रहे, जिन्होंने वर्तमान चीफ सेलेक्टर का समर्थन किया. बगैर इस बात की परवाह किए कि अगरकर का टकराव बोर्ड के साथ है. वहीं, यह भी एक पहलू है कि अश्विन पूर्व पेसर के कार्यकाल में ही टीम से ड्रॉप हुए थे. अब इसी समर्थन के लिए पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा ने अश्विन की पीठ थपथपाई है. अश्विन ने हाल ही में कहा था कि आगरकर ने अलोकप्रिय फैसले लेने में कभी संकोच नहीं किया.
अश्विन के समर्थन पर चोपड़ा ने कहा, 'उन्होंने जो कहा है, उसे कहने के लिए हिम्मत की जरूरत होती है. मैंने जितने लोगों को देखा है, उनमें से आधे से ज्यादा और मैंने कई बड़े खिलाड़ियों को देखा है, वे कड़वाहट से भरे होते हैं. वे कड़वे इसलिए होते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके साथ चीजें सही नहीं हुईं. उनके मन में शिकायतें होती हैं और वे 10-15 साल बाद भी कड़वे रहते हैं. क्रिकेट खत्म करने और संन्यास लेने के बाद भी वे कड़वाहट पालए रहते हैं. वे अभी भी उस पुरानी नाराजगी को ढो रहे हैं. मैं नाम नहीं लेने जा रहा हूं लेकिन ऐसे लोग हैं.' चोपड़ा ने अपना समर्थन देते हुए कहा कि पर्दे के पीछे बहुत सी ऐसी चीजें चल रही होंगी, जिन्हें गरकर जानते हैं लेकिन वह सामने आकर नहीं कह सकते. और जो लोग उनकी आलोचना करते हैं, वे इस बात से अनजान हैं.
चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, 'हम सभी को लगा कि 'ऐश' (अश्विन) के साथ कुछ हुआ और उन्होंने वैसा किया. ऐश काफी स्पष्टवादी व्यक्ति हैं. पूरी तरह से ईमानदार व्यक्ति हैं जो अपने दिल की बात कहते हैं. उन्होंने माना कि जिसे भी ट्रांजिशन (बदलाव के दौर) को संभालना होता है, उसके लिए यह बहुत कठिन काम होता है. अगरकर ने इस बारे में सोचा है कि भारतीय क्रिकेट को आगे कैसे ले जाया जाए, यह खिलाड़ियों की पूजा करने या रिकॉर्ड देखने के बारे में नहीं है.' उन्होंने आगे निष्कर्ष निकालते हुए कहा, 'बहुत से लोग उन्हें गालियां देते हैं, वे जहरीले (टॉक्सिक) लोग हैं जो अगरकर और गौतम गंभीर के बारे में बहुत कुछ बोलते हैं. ऐसी कई वास्तविकताएं हैं जिन्हें अजीत जानते हैं लेकिन कह नहीं सकते क्योंकि वह अनुबंध से बंधे हैं. इसलिए यदि आर. अश्विन, जो उस ट्रांजिशन का हिस्सा थे, कह रहे हैं कि अजित आगरकर ने अच्छा काम किया है, तो मैं इसे इसके वास्तविक मूल्य पर लूंगा.'
आर. अश्विन ने किया था चीफ समर्थन
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा था, 'सच्चाई यह है कि अजीत अगरकर के पास इस कार्यकाल में कई बड़े फैसले लेने की जिम्मेदारी थी. उन्हें सीनियर खिलाड़ियों को बाहर का रास्ता दिखाना था (फेज आउट करना था) और यह आसान नहीं हो सकता. मैं भी उनके कार्यकाल के दौरान बाहर किए गए सीनियर खिलाड़ियों में से एक था, लेकिन फिर भी इससे थोड़ी दूरी बनाए रखते हुए मैं यह कहना चाहता हूं कि वह चयन समिति के बहुत अच्छे अध्यक्ष रहे हैं। अगर हम देखें कि उन्होंने टीम के साथ क्या-क्या किया है.'
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