दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स (Jonty Rhodes) ने कहा है कि भविष्य में द्विपक्षीय एकदिवसीय श्रृंखलाओं की संख्या कम हो सकती है लेकिन 50 ओवर के प्रारूप के बिना क्रिकेट की कल्पना करना मुश्किल है. रोड्स का मानना है कि प्रारूप चाहे कोई भी हो प्रशंसक अपनी टीम का समर्थन करने के लिए मैदान पर आते रहेंगे. हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि आने वाले वर्षों में 50 ओवर के क्रिकेट को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. रोड्स ने मंगलवार को यहां यूरोपीय टी20 प्रीमियर लीग (ईटीपीएल) की टीम रॉटरडैम डॉकर्स की जर्सी के लॉन्च के दौरान मीडिया से कहा, 'जब टी20 क्रिकेट शुरू हुआ था तब लोग कह रहे थे कि यह टेस्ट क्रिकेट पर दबाव डालेगा और हैरानी की बात है कि ऐसा नहीं हुआ. कुछ टेस्ट मैच में भी कई बार टी20 जैसा क्रिकेट देखने को मिलता है, जिसमें आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी होती है.'
रोड्स के सह स्वामित्व वाली रॉटरडैम डॉकर्स ईटीपीएल के पहले सत्र में हिस्सा लेगी. टूर्नामेंट का आयोजन नीदरलैंड के वूरबर्ग और डबलिन में 26 अगस्त से 20 सितंबर तक किया जाएगा. उन्होंने कहा, 'मेरे लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि 50 ओवर का क्रिकेट शायद ऐसा प्रारूप है जो आने वाले वर्षों में मुश्किल में पड़ सकता है क्योंकि इसमें एक नया दर्शक वर्ग और खेल के प्रति अलग नजरिया देखने को मिलता है.'
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रोड्स ने कहा, 'हम भाग्यशाली हैं कि 50 ओवर के क्रिकेट के पास ऐसे जुनूनी प्रशंसक हैं जो प्रारूप या संस्करण की परवाह किए बिना अपनी टीम का समर्थन करते हैं.' उन्होंने कहा, 'फिलहाल मुझे लगता है कि द्विपक्षीय श्रृंखला कम होती जाएंगी लेकिन 50 ओवर के क्रिकेट के बिना क्रिकेट की कल्पना करना बहुत मुश्किल है.'
रोड्स ने कहा कि दुनियाभर में टी20 लीग की बढ़ती संख्या खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अपेक्षाकृत जल्दी संन्यास लेने के लिए प्रेरित कर सकती हैं.
उन्होंने कहा, 'हमने फीफा विश्व कप फुटबॉल में देखा है कि लोग अपने देश के लिए खेलने को लेकर कितने जुनूनी होते हैं. अक्सर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें अपने देश के लिए खेलने के ज्यादा मौके नहीं मिलते. फीफा विश्व कप के साल को छोड़ दें तो ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय सितारे अपने क्लब और फ्रेंचाइजी के लिए खेलते हैं और क्रिकेट में भी ऐसा अधिक देखने को मिल सकता है.'
रोड्स ने कहा, 'क्रिकेट के तीन अलग-अलग प्रारूपों का दुनियाभर की फ्रेंचाइजी क्रिकेट से मुकाबला होने पर खिलाड़ी विकल्प चुनना शुरू करेंगे और इसका एक परिणाम यह हो सकता है कि वे अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत थोड़ा पहले कर दें.' रोड्स को भरोसा है कि दक्षिण अफ्रीका अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्व कप में खिताब की दौड़ में आगे तक जा सकता है. इस विश्व कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे.
उन्होंने कहा, 'दक्षिण अफ्रीकी होने के नाते हम इसकी मेजबानी को लेकर उत्साहित हैं. कुछ चीजें हैं जिन्हें हम ठीक करना चाहेंगे और उनमें से एक स्पष्ट रूप से आईसीसी का सीमित ओवरों का खिताब जीतना है.' रोड्स ने कहा कि उनके खेलने के दिनों की तुलना में क्षेत्ररक्षण में काफी बदलाव आया है और खिलाड़ी खुद मानक ऊंचा उठाने के लिए अधिक पहल कर रहे हैं.
उन्होंने कहा, 'यह असल में खिलाड़ियों की ओर से आया है और मेरे लिए यह देखना काफी सुखद है कि आजकल खिलाड़ी किस तरह अभ्यास करते हैं.' रोड्स ने कहा, 'मैदान पर खिलाड़ियों की स्थिति और 10 साल पहले जो हम देखते थे, उसमें काफी अंतर है. तब आपके पास तीन या चार अच्छे क्षेत्ररक्षक होते थे और चार-पांच खिलाड़ियों को छिपाया जा सकता था. आजकल आप एक खिलाड़ी को भी नहीं छिपा सकते.'
उन्होंने कहा, 'भारतीय टीम में विराट कोहली ने जोर दिया कि आपको फिट होने के साथ-साथ अच्छा क्षेत्ररक्षक तथा मजबूत और मैदान पर चुस्त होना चाहिए. फिटनेस का स्तर महत्वपूर्ण था. हमने भारत को एक या दो बेहतरीन क्षेत्ररक्षकों वाली टीम से अब ऐसी टीम में बदलते देखा है जहां किसी खिलाड़ी को छिपाने की जरूरत नहीं पड़ती.'
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