पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जहां मैदान से बाहर और भीतर कभी भी कुछ भी हो सकता है! इस बार क्रिकेट मैदान पर बड़ा कारनामा हुआ है. पाकिस्तान टीवी (PTV) ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट के इतिहास में सबसे छोटे लक्ष्य का सफलतापूर्वक बचाव कर दिखाया. पीटीवी ने सुई नॉर्दर्न (SNGPL) के खिलाफ 40 रन के लक्ष्य को डिफेंड करते हुए राष्ट्रपति ट्रॉफी मुकाबला दो रन से जीत लिया. और इसी के साथ ही पीटीपी ने 232 साल का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. कराची में खेले गए इस मैच में पीटीवी ने 40 रन का बचाव करते हुए सुई नॉर्दर्न को महज़ 37 रन पर ऑलआउट कर दिया और एक रोमांचक दो रन की ऐतिहासिक जीत हासिल की. बाएं हाथ के स्पिनर अली उस्मान सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ रहे. उन्होंने शानदार गेंदबाज़ी करते हुए 6 विकेट 9 रन देकर लिए. वहीं, तेज़ गेंदबाज़ अमद बट ने बाकी के चार विकेट झटके.
PTV pulled off a sensational victory against SNGPL defending 40 runs courtesy Ali Usman's 9.4-5-9-6 and Amad Butt's 10-1-28-4 in the #PresidentsTrophy match at Karachi. SNGPL bowled out on 37 runs.#Cricket | #Pakistan | #AliUsman | #AmadButt | #Karachi pic.twitter.com/PLaB9oOua3
— Khel Shel (@khelshel) January 17, 2026
...और रचा गया इतिहास
इस साल की राष्ट्रपति ट्रॉफी में लो‑स्कोरिंग मैच और छोटे मुकाबले आम बात रहे हैं. हालांकि इस विशेष मैच की शुरुआती दो पारियां अपेक्षाकृत सामान्य रहीं. पीटीवी पहली पारी में 166 रन पर आउट हो गई. जवाब में सुई नॉर्दर्न ने 238 रन बनाकर 72 रन की बढ़त हासिल कर ली. कराची की पिच तेज़ी से खराब हो रही थीं और जब पीटीवी दूसरी पारी में 111 रन पर ऑलआउट हुई, तो मैच पूरी तरह से सुई नॉर्दर्न की पकड़ में लग रहा था. लेकिन इसके बाद पीटीवी ने चमत्कारी गेंदबाज़ी प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया और फर्स्ट‑क्लास क्रिकेट के सबसे छोटे सफल रन‑डिफेंस के साथ यादगार जीत दर्ज की.

1974 से बरकरार था रिकॉर्ड
फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में इससे छोटा लक्ष्य आज तक कभी डिफेंड नहीं किया गया था. इससे पहले यह रिकॉर्ड 1794 से कायम था, जब ओल्डफील्ड ने लॉर्ड्स ओल्ड ग्राउंड पर एमसीसी के खिलाफ 41 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक बचाते हुए छह रन से जीत दर्ज की थी. लेकिन अब इस कारनामे पर पीटीवी ने अपना नाम लिखवा दिया है. और यह एक ऐसा कारनामा है, जिसे इस स्तर यानी फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कोई भी टीम कम से कम प्लानिंग बनाकर तो नहीं ही कर सकती. ऐसे रिकॉर्ड तभी बनते हैं, जब इनकी नियति होती है. ऐसे में आगे इससे कम स्कोर का बचाव कब, किस देश में और कौन सी टीम करेगी, यह सबकुछ भविष्य के गर्भ में है.
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