इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में राजस्थान रॉयल्स के अभियान के पहले ही मैच में चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ 15 गेंदों पर अर्द्धशतक बनाने वाले 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) ने पूरी लाइमलाइट अपने ऊपर केंद्रित कर ली है. इस धमाके और अंदाज के बाद तमाम दिग्गजों के बीच उनके चर्चे हैं. बड़ी संख्या में ऐसे पूर्व क्रिकेटर हैं, जो चाहते हैं कि वैभव को जल्द से जल्द सेलेक्टरों को भारतीय टी20 कैप दे देनी चाहिए. लेकिन सवाल है क्या यह इतना आसान होने जा रहा है? एक-दो नहीं, बल्कि सेलेक्टरों के सामने वैभव के चयन को लेकर कई सवाल खड़े हैं. चलिए बारी-बारी से जानें. साथ ही, यह भी जानें कि वैभव के चयन के लिए सेलेक्टरों के सामने 4 बड़े सवालों के साथ ही इस सुपर किड को टीम इंडिया कैप देने का क्या रास्ता है.
1. टीम से छेड़छाड़ कितनी सही?
विश्व कप विजेता वर्तमान टीम इंडिया ने खिताबी जीत से इतर अपने खेल से नया मानक पूरी दुनिया के सामने खड़ा कर दिया है. यही वह वजह है, जिसके कारण टीम सूर्यकुमार करीब पिछले 16 सीरीज (द्विपक्षीया या बहुपक्षीय) में अजेय है. मतलब वह एक भी सीरीज हारी नहीं है. इस दौरान भारतीय टीम ने 61 मैच जीते, जबकि 9 में उसे हार मिली. इसमें 3 मैच ऐसे रहे, जो सुपर-ओवर में पहुंचे. वहीं भारत ने दो टी20 विश्व कप सहित एशिया कप भी कब्जाया. जब प्रदर्शन में ऐसी प्रचंड निरंतरता हो, तो सवाल यह है कि क्या टीम से छेड़छाड़ एक सही बात है?
2. शीर्ष 3 में से किसे बाहर बैठाएंगे?
वैभव सूर्यवंशी विशेषज्ञ ओपनर बल्लेबाज हैं या एक बार को कहें कि वह टॉप ऑर्डर (शीर्ष-3) में भी खेल सकते हैं. लेकिन इस क्रम पर टीम इंडिया में फिलहाल बहुत ही अथक प्रयासों से अपनी जमीं पक्की करने वाले संजू सैमसन, मिस्टर सुनामी अभिषेक शर्मा और प्रचंड वापसी करने वाले इशान किशन का कब्जा है. ऐसे में यह सवाल भी अपने आप में बहुत बड़ा हो चला है कि क्या अगरकर एंड कंपनी या भारतीय प्रबंधन वैभव को मौका देने के लिए इन तीनों में से किसी एक को बाहर बैठाने की हिम्मत कर पाएगा? यह एक बेतुकी से बात लगती है.
3. यशस्वी जायसवाल का क्या होगा?
वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की वकालत करने वाले तमाम दिग्गजों ने एकदम से यह बड़ा पहलू भुला दिया कि यशस्वी जायसवाल साल 2024 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे. पंडितों ने इस तथ्य की अनदेखी कर दी कि फिलहाल यशस्वी जायसवाल रेस में सूर्यवंशी से आगे खड़े हैं. टीम इंडिया के लिए एक जगह के लिए मुकाबला इतना कड़ा हो चला है कि बड़ा पहलू यह हो चला है कि कौन रेस में कितना आगे खड़ा है. जिस तरह सैमसन, इशान विकेटकीपर की रेस में ऋषभ पंत से बहुत आगे आ पहुंचे, ठीक इसी तरह जायसवाल का नंबर मौके के लिहाज से सूर्यवंशी से पहले आता है. ऐसे में यह भी सवाल है कि आखिर वैभव के लिए रास्ता कैसे बनेगा?
4. क्या वैभव का चयन बड़ा जोखिम नहीं होगा?
वैभव की उम्र बहुत ज्यादा कम है और वह अभी सिर्फ 15 साल के हैं. आईपीएल और टीम इंडिया की जर्सी में बहुत ज्यादा अंतर है. सवाल यह है कि अगर उन्हें मौका दिया भी जाता है, तो क्या वह प्रदर्शन में निरंतरता बरकरार रख पाएंगे? सेलेक्टरों को ध्यान में रखना होगा कि उमरान मलिक चर्चा में आने के बाद कैसे गधे के सिर से सींग की तरह गायब हो गए और टीम इंडिया की कैप के दबाव में उनका प्रदर्शन बिखर कर रह गया. अगर वैभव नहीं चले, तो क्या इससे इस सुपर किड के मनोबल पर बड़ा असर तो नहीं पड़ेगा..वगैरह..वगैरह? कुल मिलाकर पहलू कई हैं.
...फिर भी वैभव के लिए यह है एक रास्ता
इन तमाम सवालों के बावजूद फिर भी वैभव सूर्यवंशी के लिए भारत के लिए खेलने का एक रास्ता जरूर है. और यह रास्ता यहां से निकलता है कि अगर टीम इंडिया किसी कमजोर देश का दौरा करती है या उसके खिलाफ सीरीज खेलती है, तो सेलेक्टर स्टार या टीम में पक्के हो चुके खिलाड़ियों की जगह युवाओं को परख सकती है. ऐसे में सूर्यवंशी भारत के लिए खेल भी लेंगे, तो उन्हें कॉन्फिडेंस भी मिलेगा कि वह सेलेक्टरों के रडार पर हैं, तो वहीं इस सुपर किड के सामने यह तस्वीर भी साफ रहेगी कि वह रिजर्व खिलाड़ी हैं, नियमित नहीं. और जुलाई में जिंबाब्वे का दौरा राष्ट्रीय चयन समिति और वैभव सूर्यवंशी दोनों के लिए ही एक अच्छा मौका है.
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