प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार तड़के कोलकाता में कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली के आरोपों से जुड़े मामले में की गई है. जांच एजेंसी ने कारोबारी बिश्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू' के कास्बा स्थित फर्न रोड के आवास सहित कई ठिकानों को निशाना बनाया.
करोड़ों रुपये की जबरन वसूली का है आरोप
सोना पप्पू का दक्षिण कोलकाता के कास्बा और बालीगंज जैसे इलाकों में प्रभाव माना जाता है. उसके खिलाफ पहले से कई FIR दर्ज हैं और वह फरवरी में हुए गोलपार्क गैंगवार का भी मुख्य आरोपी बताया जा रहा है. इसके बावजूद वह अब तक कोलकाता पुलिस की पकड़ से बाहर है.जांच एजेंसी का आरोप है कि सोना पप्पू निर्माण कंपनियों से करोड़ों रुपये की जबरन वसूली करता था, जिसे बाद में प्रभावशाली लोगों तक पहुंचाया जाता था. इसी सिलसिले में ED अब उसकी वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है.
कंपनी पर वित्तीय घोटाले का आरोप
इस कार्रवाई के तहत ED ने बालीगंज के अश्विनी दत्ता रोड स्थित सन एंटरप्राइजेज के दफ्तर पर भी छापा मारा है. इस कंपनी पर करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले का आरोप है. हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सोना पप्पू का इस कंपनी से कोई सीधा संबंध है या नहीं.गौरतलब है कि हाल ही में ED ने इसी मामले से जुड़े भूमि अधिग्रहण और निवेशकों से ठगी के आरोपों में तृणमूल कांग्रेस के रासबिहारी से विधायक देवाशीष कुमार से भी पूछताछ की थी. यह पूछताछ कोलकाता और आसपास के इलाकों में ED की छापेमारी के 48 घंटे के भीतर की गई थी.
इसके अलावा, ED की टीम ने बालीगंज प्लेस स्थित एक बहुमंजिला इमारत में एक व्यवसायी के फ्लैट पर भी तलाशी अभियान चलाया. एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत की गई है.फिलहाल ED की यह कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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