सेमीफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ बड़ी जीत के साथ टीम इंडिया ने महिला एशिया कप के फाइनल में प्रवेश कर लिया है. भारत अब श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से भिड़ने के लिए तैयार है. भारत की महिला टीम को इस बात की चिंता नहीं है कि दूसरे महिला T20 एशिया कप सेमीफाइनल से पाकिस्तान या मौजूदा चैंपियन श्रीलंका में से कौन सी टीम जीतती है. ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा का कहना है कि रविवार को होने वाले फ़ाइनल मैच से पहले टीम किसी भी विरोधी को हल्के में नहीं ले रही है.
गुरुवार को सेमीफाइनल में बांग्लादेश को 40 रन से हराकर भारत ने टूर्नामेंट के छह संस्करणों में छठी बार फाइनल में अपनी जगह पक्की की. दीप्ति ने कहा कि फाइनल के लिए अपनी रणनीति बनाने से पहले टीम पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच होने वाले मैच को देखेगी और समझेगी.
क्रिकइन्फो के अनुसार, जब दीप्ति से पूछा गया कि भारत फाइनल में किस टीम का सामना करना पसंद करेगा, तो उन्होंने कहा, 'असल में, यह उनके नतीजे पर निर्भर करता है, लेकिन भारतीय टीम इस बारे में जानती है.'
'कोई फर्क नहीं पड़ता कि फाइनल में कौन-सी टीम है'
दुबई में मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, 'टीम किसी भी टीम को हल्के में नहीं लेती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि फाइनल में श्रीलंका आती है, पाकिस्तान आती है या कोई और. हम हमेशा एक टीम के तौर पर सोचते हैं कि हर मैच में बेहतर कैसे किया जाए. एक टीम के तौर पर हम मिलकर कैसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.'
भारत इस टूर्नामेंट में पहले ही पाकिस्तान को हरा चुका है. भारत ने पाकिस्तान को सिर्फ 55 रन पर ऑलआउट कर दिया था और 68 गेंदें बाकी रहते हुए लक्ष्य हासिल कर लिया था. इसलिए, भारत और पाकिस्तान के बीच एक और फाइनल होने की संभावना है, लेकिन मौजूदा चैंपियन श्रीलंका इस संभावना के रास्ते में खड़ी है.
'दूसरे सेमीफाइनल में बनेगी फाइनल की रणनीति'
दीप्ति ने कहा कि भारत एक टीम के तौर पर दूसरा सेमीफाइनल मैच देखेगा और फाइनल की तैयारी के लिए उसका इस्तेमाल करेगा. उन्होंने कहा, 'इस मैच के बाद, हम कल साथ बैठेंगे और कल का मैच देखेंगे. इससे हमें फ़ाइनल के लिए बेहतर रणनीति बनाने में मदद मिलेगी.'
बांग्लादेश के खिलाफ भारत की जीत में दीप्ति की अहम भूमिका रही. उन्होंने 3/26 के आंकड़े के साथ गेंदबाजी की, जिससे विरोधी टीम 149/6 के स्कोर के जवाब में 109/7 पर ही रुक गई. शेफ़ाली वर्मा ने 40 गेंदों पर 64 रन बनाए. चार बार कैच छूटने के बावजूद, उनकी इस पारी ने भारत को धीमी पिच पर भी एक अच्छा स्कोर बनाने में मदद की. हरमनप्रीत कौर 24 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि ऋचा घोष ने 16 गेंदों में 21 रन बनाए और दीप्ति ने छह गेंदों में तेज़ी से नाबाद 13 रन जोड़े.
दीप्ति टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज
बांग्लादेश ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन भारत के स्पिन गेंदबाजों के आने के बाद उन्हें संघर्ष करना पड़ा. दीप्ति ने अपने पहले ओवर में ही विकेट लिया और बाद में शोभना मोस्तरी और शर्मिन अख्तर को आउट करके बांग्लादेश के मिडिल ऑर्डर को लड़खड़ा दिया. 11 विकेट के साथ, दीप्ति अब टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज़ बन गई हैं। उनका मानना है कि बल्ले से योगदान देना भी उनकी भूमिका का एक अहम हिस्सा है।
उन्होंने कहा, 'असल में, जब मैंने अपना क्रिकेट सफ़र शुरू किया था, तो एक ऑल-राउंडर के तौर पर किया था, इसलिए शुरू से ही मुझे दोनों विभागों में योगदान देने में मदद मिली है.'
उन्होंने आगे कहा, 'जब भी मुझे बल्लेबाजी का मौका मिलता है, तो मुझे हमेशा भरोसा रहता है कि मैं बल्लेबाज़ी में भी योगदान दे सकती हूं. इसलिए मुझे जो कुछ गेंदें खेलने को मिलीं, उससे मैं खुश हूं. इससे मुझे हमेशा आत्मविश्वास मिलता है. मेरे लिए पहले गेंदबाज़ी करना या पहले बल्लेबाज़ी करना मायने नहीं रखता, लेकिन मैं हमेशा टीम के लिए एक ऑल-राउंडर के तौर पर योगदान देती हूं.'
हालांकि भारत इस टूर्नामेंट में अब तक अजेय रहा है, लेकिन उनकी फ़ील्डिंग चिंता का विषय बनी हुई है. बांग्लादेश के ख़िलाफ़ उन्होंने चार कैच छोड़े, हालाँकि इन गलतियों का टीम को ज़्यादा नुकसान नहीं हुआ. दीप्ति ने इन गलतियों को माना, लेकिन फ़ाइनल से पहले टीम की तैयारियों पर भरोसा जताया. उन्होंने कहा, 'एक टीम के तौर पर हम फ़ील्डिंग में अच्छा काम कर रहे हैं. हम प्रैक्टिस सेशन में कई कैच पकड़ने और फ़ील्डिंग का अभ्यास कर रहे हैं.'
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