
दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज मोर्ने मोर्कल ने 18 दिसंबर से यहां शुरू हो रही दो टेस्ट की शृंखला से पहले टीम इंडिया पर शाब्दिक बाण चलाते हुए कहा कि युवा भारतीय बल्लेबाजों को मैदान पर ‘सचिन तेंदुलकर के धर्य’ की कमी खलेगी और उन्हें घरेलू टीम की आक्रामक गेंदबाजी का सामना करने को तैयार रहना चाहिए।
मोर्कल ने कहा कि यह देखना रोचक होगा कि भारत के युवा बल्लेबाज किस तरह दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाजों का सामना करते हैं और वह भी तब जबकि तेंदुलकर जैसा खिलाड़ी उनकी टीम का हिस्सा नहीं है।
मोर्कल ने कहा, सचिन ऐसा बल्लेबाज है, जो लंबे समय तक बल्लेबाजी कर सकता है। वह लंबे समय तक बल्लेबाजी करके गेंदबाजों और विरोधी टीम को दबाव में डाल सकता है। वह उनकी बल्लेबाजी का स्तंभ था। वह शीर्ष क्रम और मध्य क्रम दोनों के साथ बल्लेबाजी कर सकता था।
उन्होंने कहा, भारत के युवा बल्लेबाज विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं, लेकिन एकदिवसीय शृंखला से हम स्पष्ट देख सकते हैं कि वे आक्रामक बल्लेबाज हैं, जिन्हें गेंदबाजों को निशाना बनाना पसंद है। यह देखना रोचक होगा कि वे कैसा प्रदर्शन करते हैं। पिछले महीने मुंबई में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने करियर का 200वां टेस्ट खेलने के बाद तेंदुलकर ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया था।
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