रायपुर में खेले गए पहले महिला T20 मैच में भारत एक बड़े संकट से उबरा.डेब्यू कर रहीं निकी प्रसाद और अनुभवी दीप्ति शर्मा की शानदार साझेदारी की बदौलत भारत ने जिम्बाब्वे को चार विकेट से हरा दिया. जिम्बाब्वे की ओपनर केलिस न्दलोवु ने 44 गेंदों में 42 रन बनाए और शार्ने मायर्स ने 33 गेंदों में नाबाद 43 रनों की पारी खेली, लेकिन इसके बावजूद भारतीय टीम ने ज़िम्बाब्वे को 5 विकेट पर 114 रनों पर ही रोक दिया.
19 रन पर 4 विकेट गिर जाने के कारण भारत मुश्किल में था, लेकिन फिर निकी (35 गेंदों में नाबाद 39 रन) और दीप्ति (37 गेंदों में 49 रन) ने 82 रनों की साझेदारी करके टीम को संभाला, जिसके चलते भारत ने 15.4 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया. भारतीय बल्लेबाजों ने अपने विकेट आसानी से गंवा दिए. ऑफ-स्पिनर न्याशा ग्वांज़ुरा ने पावरप्ले में ही 3 विकेट चटका दिए। दूसरे ओवर की पहली ही गेंद पर मंधाना आउट हो गईं; उन्होंने स्क्वायर लेग पर खड़े फील्डर को एक आसान कैच थमा दिया.
पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर का भी नहीं मिला साथ
अनुष्का शर्मा ग्वांज़ुरा का दूसरा शिकार बनीं. उन्होंने तेजी से रन बनाने की कोशिश की, लेकिन पॉइंट पर कैच आउट हो गईं. तीसरे ओवर में पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के आउट होने से ड्रेसिंग रूम में तनाव बढ़ गया. अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली कप्तान निकी प्रसाद ने अपने डेब्यू मैच में बेहतरीन संयम और शानदार शॉट्स दिखाए. उन्होंने ही विजयी रन बनाए, जिसकी वे पूरी हकदार थीं. 'मुझे लगता है कि मेरी तैयारी अच्छी थी. मुझे पता था कि जब मैं मैदान पर उतरूंगी, तो मेरा काम बस यही होगा कि खेल को आगे तक ले जाऊं और अंत तक टिकी रहूं. मैदान पर मेरा पूरा ध्यान इसी बात पर था.
दीप्ति और निकी ने प्लानिंग के साथ खेला मैच
निकी ने कहा, 'जब हम (मैं और दीप्ति) जम गईं और पारी को संभाल लिया, तो हमने चर्चा की कि किन गेंदबाजों को निशाना बनाना है और कहां हम सोच-समझकर रिस्क ले सकती हैं.' इससे पहले, न्धलोवु का प्रदर्शन सबसे अलग रहा, जबकि जिम्बाब्वे की बाकी बल्लेबाज भारतीय टीम के सामने संघर्ष करती दिखीं। शार्ने मायर्स ने 33 गेंदों पर नाबाद 43 रन बनाए, जिससे डेथ ओवरों में जिम्बाब्वे की स्थिति बेहतर हुई.
भारत और जिम्बाब्वे पहली बार कोई द्विपक्षीय सीरीज खेल रहे हैं. न्धलोवु ने बड़े मंच पर अपने बेहतरीन शॉट्स से अहम योगदान दिया. उन्होंने छोटी गेंदों पर तेजी से 'कट' और 'पुल' शॉट खेले, साथ ही मैदान पर शानदार 'ड्राइव' भी लगाए. हालांकि, 10 ओवर में टीम का स्कोर 1 विकेट पर 60 रन तक पहुंचाने के बाद, यह बाएं हाथ की ओपनर काफी धीमी पड़ गईं. अरुंधति रेड्डी द्वारा बोल्ड होने से पहले, उन्होंने अपनी आखिरी 12 गेंदों में केवल 2 रन बनाए.
न्धलोवु की ओपनिंग पार्टनर, बिलेव्ड बिज़ा, पहले ही ओवर में क्रांति गौड़ की एक सीधी गेंद को चूक गईं और आउट हो गईं. इसके बाद न्धलोवु और मोडेस्टर मुपाचिकवा (26 गेंदों पर 16 रन) के बीच 53 रनों की साझेदारी हुई, जिसमें ज्यादातर रन न्धलोवु ने बनाए. 11वें ओवर में मुपाचिकवा ने स्पिनर श्री चरानी को एक आसान कैच दे दिया, जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर 2 विकेट पर 60 रन हो गया. जिम्बाब्वे की बल्लेबाजों ने बहुत सारी 'डॉट बॉल' खेलीं, जो यह दिखाता है कि भारत जैसी मजबूत टीमों का मुकाबला करने के लिए उन्हें अभी काफी लंबा सफर तय करना है. पारी के अंतिम हिस्से में मायर्स ने दो छक्के और चार चौके लगाकर टीम के स्कोर में कुछ महत्वपूर्ण रन जोड़े. इस मैच के साथ ही स्मृति मंधाना के कप्तानी कार्यकाल की भी शुरुआत हुई.
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