होबार्ट:
भारतीय टीम के आस्ट्रेलिया में जारी त्रिकोणीय एकदिवसीय श्रृंखला का फाइनल खेलने की उम्मीद बरकरार है। भारत ने मंगलवार को अपने अंतिम लीग मैच में श्रीलंका को बोनस अंक के साथ हराकर यह उम्मीद बनाई है लेकिन अंतिम लीग मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों श्रीलंका की हार से ही उसका रास्ता साफ हो सकेगा।
भारत की जीत के हीरो रहे अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी और एक लिहाज से सबसे उपयोगी पारी खेलने वाले विराट कोहली। कोहली ने 133 रनों की नाबाद पारी खेली और गौतम गम्भीर (63) तथा सुरेश रैना (नाबाद 40) के साथ मिलकर टीम को 13.2 ओवर शेष रहते जीत दिला दी।
बेलेरीव ओवल मैदान पर 321 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम को बोनस अंक हासिल करने के लिए 40 ओवरों में जीत हासिल करने की जरूरत थी। उसने 36.4 ओवरों में ही जीत हासिल कर अपने लिए रास्ता बनाया। भारत को अब दो मार्च को ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच होने वाले अंतिम लीग मुकाबले के परिणाम का इंतजार होगा।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारत के आठ मैचों में 15 अंक (बोनस सहित) हैं जबकि श्रीलंका के सात मैचों में 15 अंक है। ऑस्ट्रेलिया सात मैचों से 19 अंक अर्जित कर फाइनल में पहले ही प्रवेश कर चुका है।
कोहली ने अपने करियर का नौवां शतक लगाया। वह 86 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्के लगाकर नाबाद लौटे। रैना ने 24 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। रैना ने कोहली के साथ 9.1 ओवरों में 120 रन जोड़े। इन दोनों की करिश्माई बल्लेबाजी के कारण भारत 13.2 ओवर पहले ही मैच अपने नाम करने में सफल रहा। कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े।
भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया।
इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए।
श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।
इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे।
मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए।
भारत की जीत के हीरो रहे अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी और एक लिहाज से सबसे उपयोगी पारी खेलने वाले विराट कोहली। कोहली ने 133 रनों की नाबाद पारी खेली और गौतम गम्भीर (63) तथा सुरेश रैना (नाबाद 40) के साथ मिलकर टीम को 13.2 ओवर शेष रहते जीत दिला दी।
बेलेरीव ओवल मैदान पर 321 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम को बोनस अंक हासिल करने के लिए 40 ओवरों में जीत हासिल करने की जरूरत थी। उसने 36.4 ओवरों में ही जीत हासिल कर अपने लिए रास्ता बनाया। भारत को अब दो मार्च को ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच होने वाले अंतिम लीग मुकाबले के परिणाम का इंतजार होगा।
इस मैच में ऑस्ट्रेलिया की जीत भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी। भारत के आठ मैचों में 15 अंक (बोनस सहित) हैं जबकि श्रीलंका के सात मैचों में 15 अंक है। ऑस्ट्रेलिया सात मैचों से 19 अंक अर्जित कर फाइनल में पहले ही प्रवेश कर चुका है।
कोहली ने अपने करियर का नौवां शतक लगाया। वह 86 गेंदों पर 16 चौके और दो छक्के लगाकर नाबाद लौटे। रैना ने 24 गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का जड़ा। रैना ने कोहली के साथ 9.1 ओवरों में 120 रन जोड़े। इन दोनों की करिश्माई बल्लेबाजी के कारण भारत 13.2 ओवर पहले ही मैच अपने नाम करने में सफल रहा। कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
भारत ने गम्भीर के अलावा सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के विकेट गंवाए। गम्भीर का विकेट 201 रन के कुल योग पर गिरा था। गम्भीर 64 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 63 रन बनाने के बाद रन आउट हुए। गम्भीर और विराट कोहली ने तीसरे विकेट के लिए 115 रन जोड़े।
भारतीय टीम ने तेज शुरुआत के बाद 86 रन के कुल योग तक तेंदुलकर और सहवाग के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 54 रन के कुल योग पर 30 रन के निजी योग पर फरवेज महरूफ का शिकार बने। सहवाग ने 16 गेंदों पर पांच चौके और एक छक्का लगाया।
सचिन का विकेट 86 रन के कुल योग पर गिरा। वह 30 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 39 रन बना सके। सचिन का विकेट लसिथ मलिंगा ने लिया।
इससे पहले, कुमार संगकारा (102) और तिलकरत्ने दिलशान (नाबाद 160) के शानदार शतकों की मदद से श्रीलंका ने भारत के सामने 321 रनों का लक्ष्य रखा। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई टीम ने निर्धारित 50 ओवरों की समाप्ति तक चार विकेट के नुकसान पर 320 रन बनाए।
श्रीलंका ने कप्तान माहेला जयवर्धने (22), संगकारा (102), थिसारा परेरा (3) और एंजेलो मैथ्यूज (14) के विकेट गंवाए। संगकारा ने 87 गेंदों का सामना करते हुए आठ चौके और दो छक्के लगाए। 49 रन के कुल योग पर जयवर्धने का विकेट गिरने के बाद क्रीज पर आए संगकारा ने दिलशान के साथ दूसरे विकेट के लिए 200 रन जोड़े।
इसके बाद ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे दिलशान ने परेरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 30 रनों की साझेदारी निभाई। इस साझेदारी में 21 रन दिलशान के शामिल हैं। दिलशान 165 गेंदों पर 11 चौके और तीन छक्के लगाकर नाबाद लौटे।
मैथ्यूज 14 रनों पर आउट हुए। मैथ्यूज और दिलशान ने चौथे विकेट के लिए तेजी से 30 रनों की साझेदारी निभाई। भारत की ओर से प्रवीण कुमार, जहीर खान और रवींद्र जडेजा को एक-एक सफलता मिली। परेरा रन आउट हुए।