
वर्ष 2003 में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत ने वर्ल्डकप के फाइनल में जगह बनाई थी (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का मानना है कि अपने निरंतर अच्छे प्रदर्शन और योग्यता के कारण टीम इंडिया किसी भी आईसीसी वर्ल्डकप में जीत के प्रबल दावेदार के रूप में जाती है. उन्होंने कहा कि भारत 2003 और 2007 में भी जीत के प्रबल दावेदार के रूप में गया था और इसके बाद 2011 में भी यही हाल था जहां वह विजेता बनने में सफल रहा था. अपनी आत्मकथा के अनावरण के मौके पर गांगुली ने कहा, "मैं दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम जैसी चीज में विश्वास नहीं करता क्योंकि हर टीम अलग परिस्थति में अलग खेलती है, लेकिन हमारे पास ऐसी टीम है जो काफी मजबूत है."
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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ने कहा, "हम 2003 और 2007 में भी जीत के प्रबल दावेदार के रूप में गए थे और 2011 में भी जहां हमने जीत हासिल की. अभी भी हम जीत के प्रबल दावेदार हैं. यह इसलिए क्योंकि भारतीय क्रिकेट की जो संस्कृति है वो इसे विशेष बनाती है." गौरतलब है कि 2003 में सौरव गांगुली की कप्तानी में ही भारत ने फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन जीत से महरूम रह गई थी. 2007 में टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था और वह पहले दौर में ही हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. इस वर्ल्डकप में भारतीय टीम को बांग्लादेश जैसी नईनवेली टीम से भी हार का सामना करना पड़ा था.
वीडियो: सपोर्ट माई स्कूल-जब सौरव गांगुली की गेंद पर लगा छक्का
इस मौके पर मौजूद रहे गांगुली के साथी खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह ने कहा कि भारत 2019 आईसीसी वर्ल्डकप में जीत हासिल करेगा. अपनी किताब के बारे में गांगुली ने कहा, "मेरे बारे में ऐसा कुछ नहीं है जो यह देश नहीं जानता हो. इसलिए मैंने सोचा कि मैं कुछ लिखूं जिसे युवा क्रिकेट खिलाड़ी याद रखें." उन्होंने कहा, "मेरी किताब का शीर्षक 'ए सेंचुरी इज इनफ' का मतलब है कि सिर्फ रन बनाने से कोई भी चैम्पियन नहीं बन सकता. शीर्ष स्तर पर उसे कई उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ता है." (इनपुट: आईएएनएस)
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भारतीय टीम के पूर्व कप्तान ने कहा, "हम 2003 और 2007 में भी जीत के प्रबल दावेदार के रूप में गए थे और 2011 में भी जहां हमने जीत हासिल की. अभी भी हम जीत के प्रबल दावेदार हैं. यह इसलिए क्योंकि भारतीय क्रिकेट की जो संस्कृति है वो इसे विशेष बनाती है." गौरतलब है कि 2003 में सौरव गांगुली की कप्तानी में ही भारत ने फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन जीत से महरूम रह गई थी. 2007 में टीम का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था और वह पहले दौर में ही हार कर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थी. इस वर्ल्डकप में भारतीय टीम को बांग्लादेश जैसी नईनवेली टीम से भी हार का सामना करना पड़ा था.
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इस मौके पर मौजूद रहे गांगुली के साथी खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह ने कहा कि भारत 2019 आईसीसी वर्ल्डकप में जीत हासिल करेगा. अपनी किताब के बारे में गांगुली ने कहा, "मेरे बारे में ऐसा कुछ नहीं है जो यह देश नहीं जानता हो. इसलिए मैंने सोचा कि मैं कुछ लिखूं जिसे युवा क्रिकेट खिलाड़ी याद रखें." उन्होंने कहा, "मेरी किताब का शीर्षक 'ए सेंचुरी इज इनफ' का मतलब है कि सिर्फ रन बनाने से कोई भी चैम्पियन नहीं बन सकता. शीर्ष स्तर पर उसे कई उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ता है." (इनपुट: आईएएनएस)
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